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Gurugram News: नजफगढ़ झील वेटलैंड मामले में मंत्रालय ने नहीं दी एनजीटी में रिपोर्ट
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एनजीटी ने 19 जनवरी को दिया था आदेश, 15 सितंबर को होगी सुनवाई
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। नजफगढ़ झील वेटलैंड मामले में छह महीने बीत जाने के बाद भी मंत्रालय ने एनजीटी में रिपोर्ट पेश नहीं की। एनजीटी ने एक बार फिर दो हफ्ते का समय देते हुए रिपोर्ट पेश करने के लिए कहा है। इस मामले की सुनवाई एनजीटी के चेयरपर्सन जस्टिस प्रकाश श्रीवास्तव और सदस्य डॉ. अफरोज अहमद की पीठ में चल रही है। इस मामले में सात साल से सुनवाई चल रही है।
23 जुलाई को मामले की सुनवाई के दौरान पीठ ने कहा कि 19 जनवरी 2026 को मंत्रालय को निर्देश दिया गया था कि वह वेटलैंड्स इंटरनेशनल साउथ एशिया और वर्ल्ड वाइड फंड फॉर नेचर-इंडिया (डब्ल्यूडब्ल्यूएफ इंडिया) की रिपोर्ट रिकॉर्ड पर दाखिल करे। आदेश का पालन नहीं होने पर आठ अप्रैल को दोबारा निर्देश जारी किया गया था कि इन रिपोर्टों के साथ राष्ट्रीय तटीय सतत प्रबंधन केंद्र की रिपोर्ट भी रिकॉर्ड पर रखी जाए। सुनवाई के दौरान मंत्रालय की ओर से बताया गया कि राष्ट्रीय तटीय सतत प्रबंधन केंद्र की रिपोर्ट अभी मंत्रालय के परीक्षणाधीन है, इसलिए उसे रिकॉर्ड पर पेश नहीं किया जा सका।
इस पर एनजीटी ने स्पष्ट किया है कि वेटलैंड्स इंटरनेशनल साउथ एशिया, डब्ल्यूडब्ल्यूएफ इंडिया व राष्ट्रीय तटीय सतत प्रबंधन केंद्र की रिपोर्ट अपनी-अपनी रिपोर्ट पहले ही तैयार कर मंत्रालय को सौंप चुके हैं। ऐसे में रिपोर्ट रिकॉर्ड पर प्रस्तुत करने में देरी स्वीकार्य नहीं है। अधिकरण ने मंत्रालय को एक बार फिर निर्देश दिया है कि सभी संबंधित रिपोर्ट दो सप्ताह के भीतर रिकॉर्ड पर दाखिल की जाएं।
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संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। नजफगढ़ झील वेटलैंड मामले में छह महीने बीत जाने के बाद भी मंत्रालय ने एनजीटी में रिपोर्ट पेश नहीं की। एनजीटी ने एक बार फिर दो हफ्ते का समय देते हुए रिपोर्ट पेश करने के लिए कहा है। इस मामले की सुनवाई एनजीटी के चेयरपर्सन जस्टिस प्रकाश श्रीवास्तव और सदस्य डॉ. अफरोज अहमद की पीठ में चल रही है। इस मामले में सात साल से सुनवाई चल रही है।
23 जुलाई को मामले की सुनवाई के दौरान पीठ ने कहा कि 19 जनवरी 2026 को मंत्रालय को निर्देश दिया गया था कि वह वेटलैंड्स इंटरनेशनल साउथ एशिया और वर्ल्ड वाइड फंड फॉर नेचर-इंडिया (डब्ल्यूडब्ल्यूएफ इंडिया) की रिपोर्ट रिकॉर्ड पर दाखिल करे। आदेश का पालन नहीं होने पर आठ अप्रैल को दोबारा निर्देश जारी किया गया था कि इन रिपोर्टों के साथ राष्ट्रीय तटीय सतत प्रबंधन केंद्र की रिपोर्ट भी रिकॉर्ड पर रखी जाए। सुनवाई के दौरान मंत्रालय की ओर से बताया गया कि राष्ट्रीय तटीय सतत प्रबंधन केंद्र की रिपोर्ट अभी मंत्रालय के परीक्षणाधीन है, इसलिए उसे रिकॉर्ड पर पेश नहीं किया जा सका।
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इस पर एनजीटी ने स्पष्ट किया है कि वेटलैंड्स इंटरनेशनल साउथ एशिया, डब्ल्यूडब्ल्यूएफ इंडिया व राष्ट्रीय तटीय सतत प्रबंधन केंद्र की रिपोर्ट अपनी-अपनी रिपोर्ट पहले ही तैयार कर मंत्रालय को सौंप चुके हैं। ऐसे में रिपोर्ट रिकॉर्ड पर प्रस्तुत करने में देरी स्वीकार्य नहीं है। अधिकरण ने मंत्रालय को एक बार फिर निर्देश दिया है कि सभी संबंधित रिपोर्ट दो सप्ताह के भीतर रिकॉर्ड पर दाखिल की जाएं।
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