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स्वच्छता सर्वेक्षण में रैंकिंग सुधारने के नाम पर खानापूर्ति
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गुरुग्राम। नगर निगम आयुक्त मुकेश कुमार आहूजा ने भले ही खुले में कहीं पर भी कचरा डालने वालों के खिलाफ चालान व अन्य कार्रवाई करने का आदेश दिया हो लेकिन शहरवासियों को कोई फर्क नहीं पड़ रहा है। स्थिति यह है कि सेक्टर-15, ओल्ड ज्यूडिशियल कांप्लेक्स की पार्किंग, पटेल नगर बांध, महावीर चौक समेत शहर के पॉश इलाकों में शहरवासी कहीं पर भी कूड़ा डाल रहे हैं और शहर की सूरत बिगाड़ रहे हैं।
यह हालात इसलिए भी बन रहे हैं क्योंकि अधिकारी अपने कर्तव्यों का जिम्मेदारी पूर्वक निर्वाह नहीं कर रहे हैं। नगर निगम के जिन अधिकारियों के कंधों पर शहर को स्वच्छ बनाने की जिम्मेदारी है, वह कचरा संग्रह केंद्रों का निरीक्षण तक नहीं कर रहे हैं। इसके चलते लोग कहीं पर भी मनमाने तरीके से कूड़ा डाल रहे हैं। मालूम हो कि शहर में सिर्फ 20 ही कूड़ा संग्रह केंद्र हैं, जहां पर कचरा डाला सकता है लेकिन शहरवासी मनमाने तरीके से कहीं पर भी कूड़ा फेंक रहे हैं। इसमें पॉश इलाके भी शामिल हैं।
शहर की छवि को खासा नुकसान
हालात यह हैं कि सिविल लाइंस से लगे हुए ओल्ड ज्यूडिशियल कांप्लेक्स इलाके में जगह-जगह खुले में कूड़ा फेंका जा रहा है। इससे न सिर्फ गंदगी बढ़ रही है बल्कि स्वच्छता सर्वेक्षण के कार्यक्रम को भी पलीता लग रहा है तो वहीं मिलेनियम सिटी की छवि को भी खासा नुकसान हो रहा है। ज्ञात हो कि एक कूड़े के उचित निस्तारण व अलग-अलग कूड़ा उठान की प्रक्रिया को पारदर्शी व बेहतर तरीके से क्रियान्वयन के लिए निगमायुक्त ने एक दिन पहले ही अधिकारियों के साथ बैठक की थी।
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ये थे अधिकारियों को निर्देश
इसमें अधिकारियों के कूड़ा संग्रह केंद्र पर साफ-सफाई कराने व खुले में कूड़ा फेंकने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। यह बात इसलिए भी अहम है क्योंकि स्वच्छता शाखा द्वारा स्वच्छता सर्वेक्षण में गुरुग्राम की रैंकिंग सुधारने के लिए तमाम कवायदें की जा रही हैं लेकिन धरातल पर कोई भी काम नहीं हो रहा है। यहां तक कि शहरवासी भी अब तक कूड़ा उठाने वाले वाहनों को मिश्रित कूड़ा दे रहे हैं, जबकि इस पर निगम प्रशासन द्वारा रोक लगाई जा चुकी है।
कूड़ा डालने के लिए 20 केंद्र निर्धारित किए गए हैं, उसके अलावा कूड़ा डालते पाए जाने पर संबंधित लोगों के खिलाफ अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
- मुकेश कुमार आहूजा, आयुक्त, नगर निगम गुरुग्राम
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यह हालात इसलिए भी बन रहे हैं क्योंकि अधिकारी अपने कर्तव्यों का जिम्मेदारी पूर्वक निर्वाह नहीं कर रहे हैं। नगर निगम के जिन अधिकारियों के कंधों पर शहर को स्वच्छ बनाने की जिम्मेदारी है, वह कचरा संग्रह केंद्रों का निरीक्षण तक नहीं कर रहे हैं। इसके चलते लोग कहीं पर भी मनमाने तरीके से कूड़ा डाल रहे हैं। मालूम हो कि शहर में सिर्फ 20 ही कूड़ा संग्रह केंद्र हैं, जहां पर कचरा डाला सकता है लेकिन शहरवासी मनमाने तरीके से कहीं पर भी कूड़ा फेंक रहे हैं। इसमें पॉश इलाके भी शामिल हैं।
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शहर की छवि को खासा नुकसान
हालात यह हैं कि सिविल लाइंस से लगे हुए ओल्ड ज्यूडिशियल कांप्लेक्स इलाके में जगह-जगह खुले में कूड़ा फेंका जा रहा है। इससे न सिर्फ गंदगी बढ़ रही है बल्कि स्वच्छता सर्वेक्षण के कार्यक्रम को भी पलीता लग रहा है तो वहीं मिलेनियम सिटी की छवि को भी खासा नुकसान हो रहा है। ज्ञात हो कि एक कूड़े के उचित निस्तारण व अलग-अलग कूड़ा उठान की प्रक्रिया को पारदर्शी व बेहतर तरीके से क्रियान्वयन के लिए निगमायुक्त ने एक दिन पहले ही अधिकारियों के साथ बैठक की थी।
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ये थे अधिकारियों को निर्देश
इसमें अधिकारियों के कूड़ा संग्रह केंद्र पर साफ-सफाई कराने व खुले में कूड़ा फेंकने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे। यह बात इसलिए भी अहम है क्योंकि स्वच्छता शाखा द्वारा स्वच्छता सर्वेक्षण में गुरुग्राम की रैंकिंग सुधारने के लिए तमाम कवायदें की जा रही हैं लेकिन धरातल पर कोई भी काम नहीं हो रहा है। यहां तक कि शहरवासी भी अब तक कूड़ा उठाने वाले वाहनों को मिश्रित कूड़ा दे रहे हैं, जबकि इस पर निगम प्रशासन द्वारा रोक लगाई जा चुकी है।
कूड़ा डालने के लिए 20 केंद्र निर्धारित किए गए हैं, उसके अलावा कूड़ा डालते पाए जाने पर संबंधित लोगों के खिलाफ अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
- मुकेश कुमार आहूजा, आयुक्त, नगर निगम गुरुग्राम