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Gurugram News: तीन घंटे तक कांवड़ियों ने किया हंगामा, दिल्ली-जयपुर हाइवे का ट्रैफिक जाम रखा
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-पुलिस और प्रशासन अधिकारियों ने मांगों पर उचित कार्रवाई का दिया आश्वासन
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। दिल्ली-जयपुर हाइवे पर रामपुरा फ्लाईओवर के नजदीक एक तेज रफ्तार डंपर ने एक बाइक पर सवार डाक कांवड़ियों को कुचल दिया, जिसमें एक कांवड़िए की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य कांवड़िए गंभीर रुप से घायल हो गए। हादसे के बाद साथी कांवडियों ने दिल्ली–जयपुर हाईवे का ट्रैफिक रोककर जाम कर दिया। ट्रैफिक जाम की सूचना के बाद भारी पुलिस बल तैनात किया गया। कांवड़ियों ने तड़के तीन बजे से करीब छह बजे बजे हाईवे का ट्रैफिक प्रभावित रहा। पुलिस अधिकारियों ने कांवड़ियों को समझाकर हाइवे के ट्रैफिक को सुचारु कराया।
साथी की मौत से नाराज कांवड़ियों ने दिल्ली-जयपुर हाईवे की पूरी तरह से जाम कर दिया। कांवडिया सरकार से मृतक हेमंत के परिवार में एक को सरकारी नौकरी और 50 लाख रुपये देने की मांग कर रहे थे। इसके अलावा घायल दोनों को उपचार खर्च और पैसे देने की मांग को लेकर करीब तीन घंटे तक हाईवे पर यातायात ठप रहा। इससे जयपुर की ओर से मानेसर और दूसरी ओर खेड़कीदौला टोल तक जाम लग गया। हालांकि यातायात पुलिस ने जाम से राहत दिलाने के लिए हीरो होंडा चौक व दूसरी ओर से सर्विस रोड से वाहनों को निकालने का प्रयास किया। मामला बढ़ता देख पुलिस के साथ एसडीएम समेत अन्य मौके पर पहुंचे और सुबह छह बजे कावंड़ियों को समझा बुझाकर जाम खुलवाया। अधिकारी ने उनकी मांगों को सरकार को भेजने और उचित कार्रवाई करने की बात की। इसके बाद हाईवे पर जाम खुला और यातायात सामान्य होने पर करीब दो घंटे लग गया। दूसरी ओर बुधवार की सुबह सिटी बस सेवा हाईवे पर खराब होने से खेड़की दौला टोल के वाहनों की लंबी लाइन लग गई। इसका असर द्वारका एक्सप्रेसवे पर देखने को मिला।
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साल 2017 में भी हुई थी मौत
साल 2017 में एक डाक कांवडिए की वाहन की चपेट में आने से मौत हो गई थी। इस पर भी कांवड़ियों ने हंगाम किया था। इसके बाद 2019 में घारुहेडा भी हाईवे पर एक कांवडिये की मौत हो गई थी। इसके बाद भी पुलिस कांवड़ को लेकर काफी गंभीर रहती है। काफी इंतजामों के बीच बुधवार को तीन कांवड़िये हादसे का शिकार हो गया। इसमें एक की मौत और दो घायल हो गए।
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फरीदाबाद हादसे से भी नहीं लिया सबक
फरीदाबाद में बिजली के करंट लगने से एक कांवड़िए की मौत हो गई थी और कई झुलस गए थे। इसके बाद भी गुरुग्राम पुलिस शहर में कांवड़ियों को लेकर गंभीरता नहीं बरती। हादसा इस जगह हुआ, जहां पर वाहनों व लोगों की भीड़ कम थी। इसके अलावा यहां पर कांवड़ियों के रुकने का भी इंतजाम था।
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अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। दिल्ली-जयपुर हाइवे पर रामपुरा फ्लाईओवर के नजदीक एक तेज रफ्तार डंपर ने एक बाइक पर सवार डाक कांवड़ियों को कुचल दिया, जिसमें एक कांवड़िए की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य कांवड़िए गंभीर रुप से घायल हो गए। हादसे के बाद साथी कांवडियों ने दिल्ली–जयपुर हाईवे का ट्रैफिक रोककर जाम कर दिया। ट्रैफिक जाम की सूचना के बाद भारी पुलिस बल तैनात किया गया। कांवड़ियों ने तड़के तीन बजे से करीब छह बजे बजे हाईवे का ट्रैफिक प्रभावित रहा। पुलिस अधिकारियों ने कांवड़ियों को समझाकर हाइवे के ट्रैफिक को सुचारु कराया।
साथी की मौत से नाराज कांवड़ियों ने दिल्ली-जयपुर हाईवे की पूरी तरह से जाम कर दिया। कांवडिया सरकार से मृतक हेमंत के परिवार में एक को सरकारी नौकरी और 50 लाख रुपये देने की मांग कर रहे थे। इसके अलावा घायल दोनों को उपचार खर्च और पैसे देने की मांग को लेकर करीब तीन घंटे तक हाईवे पर यातायात ठप रहा। इससे जयपुर की ओर से मानेसर और दूसरी ओर खेड़कीदौला टोल तक जाम लग गया। हालांकि यातायात पुलिस ने जाम से राहत दिलाने के लिए हीरो होंडा चौक व दूसरी ओर से सर्विस रोड से वाहनों को निकालने का प्रयास किया। मामला बढ़ता देख पुलिस के साथ एसडीएम समेत अन्य मौके पर पहुंचे और सुबह छह बजे कावंड़ियों को समझा बुझाकर जाम खुलवाया। अधिकारी ने उनकी मांगों को सरकार को भेजने और उचित कार्रवाई करने की बात की। इसके बाद हाईवे पर जाम खुला और यातायात सामान्य होने पर करीब दो घंटे लग गया। दूसरी ओर बुधवार की सुबह सिटी बस सेवा हाईवे पर खराब होने से खेड़की दौला टोल के वाहनों की लंबी लाइन लग गई। इसका असर द्वारका एक्सप्रेसवे पर देखने को मिला।
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साल 2017 में भी हुई थी मौत
साल 2017 में एक डाक कांवडिए की वाहन की चपेट में आने से मौत हो गई थी। इस पर भी कांवड़ियों ने हंगाम किया था। इसके बाद 2019 में घारुहेडा भी हाईवे पर एक कांवडिये की मौत हो गई थी। इसके बाद भी पुलिस कांवड़ को लेकर काफी गंभीर रहती है। काफी इंतजामों के बीच बुधवार को तीन कांवड़िये हादसे का शिकार हो गया। इसमें एक की मौत और दो घायल हो गए।
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फरीदाबाद हादसे से भी नहीं लिया सबक
फरीदाबाद में बिजली के करंट लगने से एक कांवड़िए की मौत हो गई थी और कई झुलस गए थे। इसके बाद भी गुरुग्राम पुलिस शहर में कांवड़ियों को लेकर गंभीरता नहीं बरती। हादसा इस जगह हुआ, जहां पर वाहनों व लोगों की भीड़ कम थी। इसके अलावा यहां पर कांवड़ियों के रुकने का भी इंतजाम था।