{"_id":"6ad90e9ea1b681ee95043ff9","slug":"grap-1-implemented-aqi-recorded-at-244-in-manesar-and-216-in-gurugram-gurgaon-news-c-24-1-fbd1020-104961-2026-10-22","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gurugram News: ग्रैप-1 लागू, मानेसर का एक्यूआई 244 और गुरुग्राम का 216 दर्ज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gurugram News: ग्रैप-1 लागू, मानेसर का एक्यूआई 244 और गुरुग्राम का 216 दर्ज
विज्ञापन
मानेसर में लगातार चौथे दिन हवा खराब श्रेणी में रही, प्रदूषण फैलाने वाली गतिविधियों पर निगरानी बढ़ाई जाएगी
संवाद न्यूज एजेंसी
मानेसर। गुरुग्राम और मानेसर में लगातार बिगड़ रही हवा की गुणवत्ता को देखते हुए प्रशासन की ओर से ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (ग्रैप)-1 लागू कर दिया गया है। इसके तहत प्रदूषण फैलाने वाली गतिविधियों पर निगरानी बढ़ाई जाएगी। खुले में कूड़ा जलाने, निर्माण स्थलों पर धूल फैलाने और प्रदूषण से जुड़े नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार, बुधवार को गुरुग्राम का वायु गुणवत्ता सूचकांक 216 दर्ज किया गया। वहीं, मानेसर का एक्यूआई 244 रहा। दोनों शहरों की हवा खराब श्रेणी में दर्ज की गई। मानेसर में लगातार चौथे दिन हवा खराब श्रेणी में बनी रही। बढ़ते प्रदूषण के कारण लोगों की सेहत को लेकर भी चिंता बढ़ने लगी है।
एनसीआर में तीसरा सबसे प्रदूषित शहर रहा मानेसर
नोएडा - 249
दिल्ली - 245
मानेसर - 244
गाजियाबाद - 223
फरीदाबाद - 123
इन पर रहेगा प्रतिबंध
ग्रैप-1 लागू होने के बाद खुले में कूड़ा और अन्य कचरा जलाने पर रोक रहेगी। निर्माण और तोड़फोड़ के दौरान धूल को नियंत्रित करना जरूरी होगा। नियमों का पालन नहीं करने वाले निर्माण स्थलों पर कार्रवाई और जुर्माना लगाया जा सकता है। होटल, रेस्टोरेंट और खुले में खाने-पीने की दुकानों पर तंदूर में कोयला और लकड़ी जलाने पर रोक रहेगी। इसके स्थान पर गैस, बिजली या अन्य स्वीकृत स्वच्छ ईंधन का इस्तेमाल करना होगा। सामान्य बिजली आपूर्ति के लिए डीजल जनरेटर चलाने पर भी पाबंदियां लागू रहेंगी। जरूरी और आपात स्थितियों में निर्धारित नियमों के अनुसार ही इनका इस्तेमाल किया जा सकेगा। इसके अलावा प्रमुख सड़कों की मशीनों से सफाई, जरूरत के अनुसार पानी का छिड़काव और कचरे का समय पर उठान सुनिश्चित करने पर जोर रहेगा। निर्माण एवं तोड़फोड़ से निकलने वाले मलबे को भी निर्धारित स्थानों पर पहुंचाना होगा। धुआं छोड़ने वाले वाहनों की जांच और प्रदूषण संबंधी नियमों का पालन कराने के लिए निगरानी बढ़ाई जाएगी।
विज्ञापन
सांस के मरीज प्रदूषण से बचने के लिए बरतें ये सावधानियां
-घर से बाहर निकलते समय एन95 मास्क पहनें
-प्रदूषण ज्यादा होने पर सुबह-शाम की सैर से बचें
-खुले में दौड़ने और व्यायाम करने से बचें
-धूल, धुएं और कूड़ा जलाने वाली जगहों से दूर रहें
-अस्थमा के मरीज डॉक्टर की सलाह से दवाएं लें और इनहेलर साथ रखें
-बच्चों और बुजुर्गों को प्रदूषित हवा में ज्यादा देर तक बाहर न रहने दें
-सांस लेने में परेशानी या सीने में जकड़न होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें
विज्ञापन
संवाद न्यूज एजेंसी
मानेसर। गुरुग्राम और मानेसर में लगातार बिगड़ रही हवा की गुणवत्ता को देखते हुए प्रशासन की ओर से ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (ग्रैप)-1 लागू कर दिया गया है। इसके तहत प्रदूषण फैलाने वाली गतिविधियों पर निगरानी बढ़ाई जाएगी। खुले में कूड़ा जलाने, निर्माण स्थलों पर धूल फैलाने और प्रदूषण से जुड़े नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार, बुधवार को गुरुग्राम का वायु गुणवत्ता सूचकांक 216 दर्ज किया गया। वहीं, मानेसर का एक्यूआई 244 रहा। दोनों शहरों की हवा खराब श्रेणी में दर्ज की गई। मानेसर में लगातार चौथे दिन हवा खराब श्रेणी में बनी रही। बढ़ते प्रदूषण के कारण लोगों की सेहत को लेकर भी चिंता बढ़ने लगी है।
विज्ञापन
एनसीआर में तीसरा सबसे प्रदूषित शहर रहा मानेसर
नोएडा - 249
दिल्ली - 245
मानेसर - 244
गाजियाबाद - 223
फरीदाबाद - 123
इन पर रहेगा प्रतिबंध
ग्रैप-1 लागू होने के बाद खुले में कूड़ा और अन्य कचरा जलाने पर रोक रहेगी। निर्माण और तोड़फोड़ के दौरान धूल को नियंत्रित करना जरूरी होगा। नियमों का पालन नहीं करने वाले निर्माण स्थलों पर कार्रवाई और जुर्माना लगाया जा सकता है। होटल, रेस्टोरेंट और खुले में खाने-पीने की दुकानों पर तंदूर में कोयला और लकड़ी जलाने पर रोक रहेगी। इसके स्थान पर गैस, बिजली या अन्य स्वीकृत स्वच्छ ईंधन का इस्तेमाल करना होगा। सामान्य बिजली आपूर्ति के लिए डीजल जनरेटर चलाने पर भी पाबंदियां लागू रहेंगी। जरूरी और आपात स्थितियों में निर्धारित नियमों के अनुसार ही इनका इस्तेमाल किया जा सकेगा। इसके अलावा प्रमुख सड़कों की मशीनों से सफाई, जरूरत के अनुसार पानी का छिड़काव और कचरे का समय पर उठान सुनिश्चित करने पर जोर रहेगा। निर्माण एवं तोड़फोड़ से निकलने वाले मलबे को भी निर्धारित स्थानों पर पहुंचाना होगा। धुआं छोड़ने वाले वाहनों की जांच और प्रदूषण संबंधी नियमों का पालन कराने के लिए निगरानी बढ़ाई जाएगी।
विज्ञापन
सांस के मरीज प्रदूषण से बचने के लिए बरतें ये सावधानियां
-घर से बाहर निकलते समय एन95 मास्क पहनें
-प्रदूषण ज्यादा होने पर सुबह-शाम की सैर से बचें
-खुले में दौड़ने और व्यायाम करने से बचें
-धूल, धुएं और कूड़ा जलाने वाली जगहों से दूर रहें
-अस्थमा के मरीज डॉक्टर की सलाह से दवाएं लें और इनहेलर साथ रखें
-बच्चों और बुजुर्गों को प्रदूषित हवा में ज्यादा देर तक बाहर न रहने दें
-सांस लेने में परेशानी या सीने में जकड़न होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें