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स्मार्ट सिस्टम से पानी की चोरी रोकेगा जीएमडीए
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गुरुग्राम। गुरुग्राम मेट्रोपोलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी (जीएमडीए) पुराने शहर में पानी आपूर्ति के सिस्टम को स्मार्ट बनाएगी। इसके लिए पहले फेज में इस इलाके के 31 टैंकों को 600 किलोमीटर लंबी लाइन को एडवांस सिस्टम से जोड़ा जा रहा है, जिसमें वहां पर पानी आपूर्ति की मुख्य लाइन में इलेक्ट्रो मैगनेटिक फ्लोमीटर लगाए जाएंगे। इसका यह फायदा होगा कि किसी लाइन में कम तो किसी में ज्यादा पानी पहुंचने की शिकायत नहीं रहेगी। साथ ही पाइप लाइन को काटकर पानी चोरी भी नहीं हो सकेगी। अगर किसी ने ऐसा किया तो उस प्वाइंट की जानकारी जीएमडीए के एडवांस कंट्रोल सिस्टम को जाएगी। वहां पर स्वत: ही अलार्म बजने लगेगा। उसी के आधार पर जीएमडीए और नगर निगम की इनफोर्समेंट टीम मौके पर पहुंचकर आरोपी के खिलाफ कार्रवाई करेगी।
जीएमडीए फिलहाल इसे पायलट प्रोजेक्ट के रूप में पुराने शहर में लागू करेगा, जो कि मई के अंत तक काम करना शुरू कर देगा। बाद में इसे न्यू गुरुग्राम सहित पूरे शहर में लागू कर दिया जाएगा। इसके लिए बसई स्थित वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में मुख्य सिस्टम होगा, क्योंकि वहीं से पानी की सप्लाई पूरे शहर को प्रदान की जा रही है। वहां से पुराने शहर की पाइप लाइनों में जो पानी छोड़ा जाएगा, उसका प्रेशर और मात्रा शुरू से लेकर अंत तक रिकार्ड की जाएगी। इस व्यवस्था से जीएमडीए और नगर निगम के बीच पानी के भुगतान को लेकर होने वाले विवाद से भी भविष्य में छुटकारा मिल सकेगा।
इस व्यवस्था को पुराने शहर के साथ-साथ प्राइवेट एजेंसियों पर भी लागू किया जा रहा है जो कि जीएमडीए के बसई स्थित ट्रीटमेंट प्लान से सीधे पानी की सप्लाई ले रहीं हैं। जीएमडीए स्मार्ट सिटी के सलाहकार पीके अग्रवाल का कहना है कि इलेक्ट्रो मैगनेटिक फ्लोमीटर के माध्यम से सभी स्थानों पर एक समान पानी की सप्लाई हो सकेगी। यह अब तक की एडवांस तकनीक है। इसे न्यू गुरुग्राम में भी जल्दी ही लागू किया जाना है। इसका सीधा कंट्रोल जीएमडीए के एडवांस कंट्रोल सिस्टम से होगा, जिसे कंट्रोल रूप में बैठे तकनीकी अधिकारी संचालित कर सकेंगे और पाइप लाइन के कट होने की जानकारी इनफोर्समेंट टीम को देंगे। इसी पर इनफोर्समेंट टीम संबंधित क्षेत्र में पहुंचकर कार्रवाई करेगी।
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जीएमडीए फिलहाल इसे पायलट प्रोजेक्ट के रूप में पुराने शहर में लागू करेगा, जो कि मई के अंत तक काम करना शुरू कर देगा। बाद में इसे न्यू गुरुग्राम सहित पूरे शहर में लागू कर दिया जाएगा। इसके लिए बसई स्थित वाटर ट्रीटमेंट प्लांट में मुख्य सिस्टम होगा, क्योंकि वहीं से पानी की सप्लाई पूरे शहर को प्रदान की जा रही है। वहां से पुराने शहर की पाइप लाइनों में जो पानी छोड़ा जाएगा, उसका प्रेशर और मात्रा शुरू से लेकर अंत तक रिकार्ड की जाएगी। इस व्यवस्था से जीएमडीए और नगर निगम के बीच पानी के भुगतान को लेकर होने वाले विवाद से भी भविष्य में छुटकारा मिल सकेगा।
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इस व्यवस्था को पुराने शहर के साथ-साथ प्राइवेट एजेंसियों पर भी लागू किया जा रहा है जो कि जीएमडीए के बसई स्थित ट्रीटमेंट प्लान से सीधे पानी की सप्लाई ले रहीं हैं। जीएमडीए स्मार्ट सिटी के सलाहकार पीके अग्रवाल का कहना है कि इलेक्ट्रो मैगनेटिक फ्लोमीटर के माध्यम से सभी स्थानों पर एक समान पानी की सप्लाई हो सकेगी। यह अब तक की एडवांस तकनीक है। इसे न्यू गुरुग्राम में भी जल्दी ही लागू किया जाना है। इसका सीधा कंट्रोल जीएमडीए के एडवांस कंट्रोल सिस्टम से होगा, जिसे कंट्रोल रूप में बैठे तकनीकी अधिकारी संचालित कर सकेंगे और पाइप लाइन के कट होने की जानकारी इनफोर्समेंट टीम को देंगे। इसी पर इनफोर्समेंट टीम संबंधित क्षेत्र में पहुंचकर कार्रवाई करेगी।
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