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Hindi News ›   Delhi NCR ›   Gurugram News ›   Girl dies under suspicious circumstances at school for visually impaired children in Gurugram Baharampur

बहरामपुर मौत मामला: महिला कर्मचारी बच्चों से पूछती थी- क्या खाना है, पसंद बताने पर जांघ पर मारती थी

Fri, 26 Aug 2022 06:49 PM IST
प्रशांत कुमार अमर उजाला ब्यूरो, गुरुग्राम।
अमर उजाला ब्यूरो, गुरुग्राम। Published by: प्रशांत कुमार Updated Fri, 26 Aug 2022 06:49 PM IST
सार

स्कूल सरकार के सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय द्वारा वित्त पोषित है, जो आठवीं तक है। शुक्रवार को मोर्चरी पहुंची बच्ची की मां का रो-रोकर बुरा हाल रहा। उन्होंने बेटी के साथ हुई घटना के बारे में जानकारी दी।

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Girl dies under suspicious circumstances at school for visually impaired children in Gurugram Baharampur
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : PTI

विस्तार

गुरुग्राम के बहरामपुर में दृष्टिबाधित बच्चों के जिस स्कूल में बच्ची की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है, वहां पर आए दिन बच्चों के साथ मार-पीट की जाती थी। यह आरोप बच्ची के माता-पिता ने स्कूल स्टाफ पर लगाया है। बच्ची के परिजनों के मुताबिक स्कूल में कार्यरत महिला कर्मचारी बच्चों से मारपीट करती थी। इसी क्रम में सात वर्षीय बच्ची ने भी बीते 18 अगस्त को अपनी मां से काफी देर तक बात की थी और स्कूल में होने वाली प्रताड़ना के बारे में बताया था। 

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बच्ची की मां लता देवी ने बताया कि 18 तारीख को बच्ची ने कॉल कर बताया था कि आया आंटी जांघ पर मारती हैं। अन्य बच्चे भी अपने परिजनों से मदद के लिए बोलते थे। बच्ची कॉल पर अपनी मां से शिकायत कर ही रही थी कि शिक्षकों ने उसका मुंह दबा दिया। वहीं, एक दिन स्कूल के शिक्षकों ने पूछा कि क्या खाना है तो बच्चों ने हाथ उठाकर छोले-भटूरे खाने की इच्छा जताई। इसके बाद बच्चों की जमकर पिटाई की गई। 

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गुरुग्राम में रिश्तेदारों को भी नहीं दी सूचना

मां लता देवी के मुताबिक उनकी सात वर्षीय बच्ची को दिखाई नहीं देता था। उससे स्कूल स्टाफ को ज्यादा ही समस्या थी। लता देवी ने बताया कि स्कूल प्रबंधन का कहना है कि बच्ची को उल्टी-दस्त की शिकायत थी और उसी के चलते मौत हुई है। उनका सवाल है कि बच्ची को कोई समस्या थी तो उनके परिजनों को बताना चाहिए था लेकिन मौत होने के बाद सूचना दी गई। लता देवी ने बताया कि उनके मौसेरे देवर व ननद गुरुग्राम में रहते हैं लेकिन स्कूल ने किसी को भी सूचना नहीं दी। बच्ची के पिता गोपाल प्रसाद ने बताया कि देहरादून में स्थित ब्लाइंड स्कूल में बच्ची का दाखिला कराना था लेकिन वहां पर दाखिले का समय बीत चुका था। वहां से अगले साल दाखिले के लिए आश्वासन दिया गया था। 


 
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कई अभिभावक तो बच्चों को निकालकर ले गए

बच्ची के फूफा विनय कुमार ने बताया कि बहरामपुर स्थित उक्त स्कूल में पढ़ने वाले अन्य बच्चों ने भी उनके साथ मारपीट की बात कही है। कई अभिभावक तो ऐसे हैं कि वह अपने बच्चों को निकालकर ले गए या फिर स्कूल में दाखिले का विचार ही बदल दिया।

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