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गडकरी 17 को करेंगे ग्रीन फील्ड एक्सप्रेसवे की समीक्षा
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गुरुग्राम। केंद्रीय परिवहन, सड़क एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी 17 सितंबर को गुरुग्राम से मुंबई, वाया वड़ोदरा-सूरत तक बनने वाले ग्रीन फील्ड एक्सप्रेसवे की प्रगति की समीक्षा करेंगे। इससे पूर्व 16 तारीख को राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के आला अधिकारी यहां तैयारियों का जायजा लेंगे। बताया जाता है कि गडकरी गुरुग्राम से राजस्थान के दौसा तक एक्सप्रेसवे के निर्माण कार्य की प्रगति देखेंगे।
1350 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेसवे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ड्रीम प्रोजेक्ट बताया जाता है। यही कारण है कि इसके निर्माण को लेकर वह दो बार वीडियो कॉफ्रेंसिंग के माध्यम समीक्षा भी कर चुके हैं।इस एक्सप्रेसवे पर करीब 90 हजार करोड़ रुपये खर्च करने का प्रस्ताव है। यह दिल्ली (द्वारका) से शुरू होगा, हरियाणा के गुरुग्राम में इसका पहला प्रवेश और निकास प्वाइंट होगा। इस साल की की शुरुआत इसका निर्माण शुरू हो गया है। 680 किलोमीटर के हिस्से का निर्माण किया जा रहा है। शेष हिस्से में निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी कर ली गई। यहां जल्द ही निर्माण शुरू हो जाएगा।
दिल्ली से मुंबई 12 से 14 घंटे में पहुंच सकेंगे
दिल्ली से मुंबई 12 से 14 घंटे में पहुंच सकेंगे। इसमें 40 बड़े इंटरचेंज होंगे, जयपुर, भोपाल, कोटा, सूरत और बडोदरा से कनेक्टिविटी होगी। पूरा एक्सप्रेसवे सौर ऊर्जा से जगमग होगा। 2000 से अधिक वाटर हार्वेस्टिंग प्वाइंट बनेंगे। एडवांस ओटोमेटिक ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम रहेगा। यह केंद्र सरकार का ड्रीम प्रोजेक्ट हैं। इसके निर्माण से समय और तेल दोनों की बचत होगी। रास्ते में किसी भी तरह की परेशानी न हो, उस दृष्टि से रेस्टोरेंट तथा अन्य सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी।
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1350 किलोमीटर लंबा यह एक्सप्रेसवे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ड्रीम प्रोजेक्ट बताया जाता है। यही कारण है कि इसके निर्माण को लेकर वह दो बार वीडियो कॉफ्रेंसिंग के माध्यम समीक्षा भी कर चुके हैं।इस एक्सप्रेसवे पर करीब 90 हजार करोड़ रुपये खर्च करने का प्रस्ताव है। यह दिल्ली (द्वारका) से शुरू होगा, हरियाणा के गुरुग्राम में इसका पहला प्रवेश और निकास प्वाइंट होगा। इस साल की की शुरुआत इसका निर्माण शुरू हो गया है। 680 किलोमीटर के हिस्से का निर्माण किया जा रहा है। शेष हिस्से में निर्माण के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया पूरी कर ली गई। यहां जल्द ही निर्माण शुरू हो जाएगा।
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दिल्ली से मुंबई 12 से 14 घंटे में पहुंच सकेंगे
दिल्ली से मुंबई 12 से 14 घंटे में पहुंच सकेंगे। इसमें 40 बड़े इंटरचेंज होंगे, जयपुर, भोपाल, कोटा, सूरत और बडोदरा से कनेक्टिविटी होगी। पूरा एक्सप्रेसवे सौर ऊर्जा से जगमग होगा। 2000 से अधिक वाटर हार्वेस्टिंग प्वाइंट बनेंगे। एडवांस ओटोमेटिक ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम रहेगा। यह केंद्र सरकार का ड्रीम प्रोजेक्ट हैं। इसके निर्माण से समय और तेल दोनों की बचत होगी। रास्ते में किसी भी तरह की परेशानी न हो, उस दृष्टि से रेस्टोरेंट तथा अन्य सुविधाएं भी उपलब्ध होंगी।
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