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Gurugram News: कर्तव्यों का जिम्मेदारी से पालन करना ही असली देश भक्ति
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भारतीय सेना का नेतृत्व कर चुके अधिकारी देश के लिए लड़े और विजय दिलाई मगर अब सीवेज, सड़क, पानी संकट से जूझ रहे
पूनम
गुरुग्राम। देश की सेना के सर्वोच्च पदों पर रह चुके अधिकारियों ने गुरुग्राम को रहने के लिए चुना है। पालम विहार, सेक्टर 23, सेक्टर 17 से लेकर सोहना रोड पर शीशपाल विहार ये ऐसी जगहें हैं, जहां देश की सीमा को सुरक्षित रखने में मुख्य भूमिका निभाने वाले अधिसंख्य लोग सेवानिवृत्ति के बाद रहते हैं।
देश के लिए जंग जीतने वाले ये जांबाज गुरुग्राम के इंफ्रास्ट्रक्चर संबंधित खामियों से लड़ रहे हैं। स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर बातचीत में इन्होंने कहा कि जिस तरह फौज में जिम्मेदारी और जवाबदेही तय की जाती है, उसी तरह सड़क, सीवेज, पानी, बिजली, सुरक्षा के लिए भी अधिकारी जिम्मेदारी लें। असली देशभक्ति यही है कि हम देश, समाज और शहर के प्रति अपने कर्तव्यों का जिम्मेदारी से पालन करें।
पालम विहार में पेयजल की लाइन सीवेज के नाले के बीच से गुजरती है,शिकायतें दिए साल हो गए, कुछ नहीं हुआ। बारिश में यह इलाका जलमग्न हो जाता है।
- मेजर जनरल बीके पांडे, पालम विहार
गुरुग्राम में जरा सी बारिश हुई तो सड़क के गड्ढे, जलभराव और जाम सारी छवि खराब कर देते हैं। ड्रेनेज के मामले में शहर सिंधु घाटी सभ्यता से भी पीछे है।
- मेजर जनरल जीडी बख्शी, शीशपाल विहार
बृजवासन से जब बाहर निकलता हूं तो सड़क पर कहां गड्ढा मिलेगा पता नहीं। गुरुग्राम के इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास उस तरह नहीं हुआ जैसे शहर कस्बे से मिलेनियम सिटी बना है।
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- मेजर जनरल संदीप शर्मा, पालम विहार
यहां जवाबदेही और जिम्मेदारी की कमी लगती है। लंबे समय तक सैन्य परिवेश में रहने के बाद गुरुग्राम की अव्यवस्था को देखकर लगता है कि कहां चूक रह गई।
- मेजर जनरल एसके यादव, शीशपाल विहार
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पूनम
गुरुग्राम। देश की सेना के सर्वोच्च पदों पर रह चुके अधिकारियों ने गुरुग्राम को रहने के लिए चुना है। पालम विहार, सेक्टर 23, सेक्टर 17 से लेकर सोहना रोड पर शीशपाल विहार ये ऐसी जगहें हैं, जहां देश की सीमा को सुरक्षित रखने में मुख्य भूमिका निभाने वाले अधिसंख्य लोग सेवानिवृत्ति के बाद रहते हैं।
देश के लिए जंग जीतने वाले ये जांबाज गुरुग्राम के इंफ्रास्ट्रक्चर संबंधित खामियों से लड़ रहे हैं। स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर बातचीत में इन्होंने कहा कि जिस तरह फौज में जिम्मेदारी और जवाबदेही तय की जाती है, उसी तरह सड़क, सीवेज, पानी, बिजली, सुरक्षा के लिए भी अधिकारी जिम्मेदारी लें। असली देशभक्ति यही है कि हम देश, समाज और शहर के प्रति अपने कर्तव्यों का जिम्मेदारी से पालन करें।
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पालम विहार में पेयजल की लाइन सीवेज के नाले के बीच से गुजरती है,शिकायतें दिए साल हो गए, कुछ नहीं हुआ। बारिश में यह इलाका जलमग्न हो जाता है।
- मेजर जनरल बीके पांडे, पालम विहार
गुरुग्राम में जरा सी बारिश हुई तो सड़क के गड्ढे, जलभराव और जाम सारी छवि खराब कर देते हैं। ड्रेनेज के मामले में शहर सिंधु घाटी सभ्यता से भी पीछे है।
- मेजर जनरल जीडी बख्शी, शीशपाल विहार
बृजवासन से जब बाहर निकलता हूं तो सड़क पर कहां गड्ढा मिलेगा पता नहीं। गुरुग्राम के इंफ्रास्ट्रक्चर का विकास उस तरह नहीं हुआ जैसे शहर कस्बे से मिलेनियम सिटी बना है।
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- मेजर जनरल संदीप शर्मा, पालम विहार
यहां जवाबदेही और जिम्मेदारी की कमी लगती है। लंबे समय तक सैन्य परिवेश में रहने के बाद गुरुग्राम की अव्यवस्था को देखकर लगता है कि कहां चूक रह गई।
- मेजर जनरल एसके यादव, शीशपाल विहार