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Gurugram News: फार्म हाउस मालिकों ने लगाया अवैध कब्जे और रास्ता रोकने का आरोप
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-बेरी गांव में भूमि विवाद ने पकड़ा तूल, सरकारी कर्मचारी पर उठ रहीं अंगुलियां
- पुलिस जांच पर भी उठे सवाल
संवाद न्यूज एजेंसी
तावडू। उपमंडल अंतर्गत गांव बेरी निस्फी स्थित आशियाना फार्म क्षेत्र में इन दिनों भूमि विवाद का मामला लगातार गहराता जा रहा है। कई जमीन मालिकों ने राजवीर ढाका नामक व्यक्ति पर अवैध कब्जा करने, रास्तों को बंद करने और दबाव बनाकर जमीन हड़पने के गंभीर आरोप लगाए हैं। इस संबंध में अलग-अलग शिकायतें थाना मोहम्मदपुर अहीर और जिला पुलिस अधीक्षक को दी गई हैं। लेकिन पुलिस की ओर से कोई प्रभावी कार्रवाई अभी तक नहीं की गई है।
पटना हाई कोर्ट के अधिवक्ता अमित सिंह ने अपनी शिकायत में बताया कि वे अपनी माता और भाई के साथ मिलकर गांव बेरी निस्फी में कृषि भूमि के वैध मालिक हैं। उनके अनुसार, उनकी जमीन तक पहुंचने के लिए वर्षों से उपयोग में आने वाले साझा रास्तों को राजवीर ढाका द्वारा अवैध रूप से बंद किया जा रहा है। आरोप है कि एक रास्ते पर लोहे का गेट लगाकर उसे बंद कर दिया गया है, जबकि दूसरे प्रवेश मार्ग पर भी इसी प्रकार का गेट लगाने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे जमीन तक पहुंच पूरी तरह बाधित हो सकती है।
वहीं, एक अन्य शिकायतकर्ता संगीता चौधरी ने भी आरोप लगाया कि राजवीर ढाका जिस जमीन पर निर्माण कर रहे हैं, वह उनकी स्वामित्व वाली नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि संबंधित व्यक्ति ने अब तक अपनी वैध रजिस्ट्री प्रस्तुत नहीं की है और कथित रूप से निजी व अवैध पैमाइश के आधार पर अधिक भूमि पर कब्जा करने की कोशिश की जा रही है। उनके अनुसार जिस स्थान पर निर्माण किया जा रहा है, उसमें कुछ हिस्सा साझा रास्ते और शामलात भूमि का भी है, जहां निर्माण पूरी तरह गैरकानूनी है। शिकायतकर्ताओं ने यह भी आरोप लगाया कि पूर्व में पंचायत भूमि पर कब्जा करने का प्रयास किया गया, जिसे ग्रामीणों के विरोध के बाद हटाना पड़ा। स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में पहले कोई विवाद नहीं था, लेकिन पिछले कुछ महीनों में इस तरह की गतिविधियों से तनाव का माहौल बन गया है।
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प्रॉपर्टी डीलिंग कर रहा सरकारी कर्मी :
ग्रामीणों और प्रभावित लोगों का आरोप है कि संबंधित व्यक्ति सरकारी नौकरी में होने के बावजूद प्रॉपर्टी डीलिंग के कार्य में संलिप्त है और स्थानीय दबंगों के साथ मिलकर लोगों पर दबाव बना रहा है। मोहम्मदपुर अहीर थाना प्रभारी धर्मपाल का कहना है कि मामला उनके संज्ञान में है और इसकी जांच की जा रही है, साथ ही पुलिस पर लगाए गए आरोपों को निराधार बताया गया है।
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- पुलिस जांच पर भी उठे सवाल
संवाद न्यूज एजेंसी
तावडू। उपमंडल अंतर्गत गांव बेरी निस्फी स्थित आशियाना फार्म क्षेत्र में इन दिनों भूमि विवाद का मामला लगातार गहराता जा रहा है। कई जमीन मालिकों ने राजवीर ढाका नामक व्यक्ति पर अवैध कब्जा करने, रास्तों को बंद करने और दबाव बनाकर जमीन हड़पने के गंभीर आरोप लगाए हैं। इस संबंध में अलग-अलग शिकायतें थाना मोहम्मदपुर अहीर और जिला पुलिस अधीक्षक को दी गई हैं। लेकिन पुलिस की ओर से कोई प्रभावी कार्रवाई अभी तक नहीं की गई है।
पटना हाई कोर्ट के अधिवक्ता अमित सिंह ने अपनी शिकायत में बताया कि वे अपनी माता और भाई के साथ मिलकर गांव बेरी निस्फी में कृषि भूमि के वैध मालिक हैं। उनके अनुसार, उनकी जमीन तक पहुंचने के लिए वर्षों से उपयोग में आने वाले साझा रास्तों को राजवीर ढाका द्वारा अवैध रूप से बंद किया जा रहा है। आरोप है कि एक रास्ते पर लोहे का गेट लगाकर उसे बंद कर दिया गया है, जबकि दूसरे प्रवेश मार्ग पर भी इसी प्रकार का गेट लगाने का प्रयास किया जा रहा है, जिससे जमीन तक पहुंच पूरी तरह बाधित हो सकती है।
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वहीं, एक अन्य शिकायतकर्ता संगीता चौधरी ने भी आरोप लगाया कि राजवीर ढाका जिस जमीन पर निर्माण कर रहे हैं, वह उनकी स्वामित्व वाली नहीं है। उन्होंने यह भी कहा कि संबंधित व्यक्ति ने अब तक अपनी वैध रजिस्ट्री प्रस्तुत नहीं की है और कथित रूप से निजी व अवैध पैमाइश के आधार पर अधिक भूमि पर कब्जा करने की कोशिश की जा रही है। उनके अनुसार जिस स्थान पर निर्माण किया जा रहा है, उसमें कुछ हिस्सा साझा रास्ते और शामलात भूमि का भी है, जहां निर्माण पूरी तरह गैरकानूनी है। शिकायतकर्ताओं ने यह भी आरोप लगाया कि पूर्व में पंचायत भूमि पर कब्जा करने का प्रयास किया गया, जिसे ग्रामीणों के विरोध के बाद हटाना पड़ा। स्थानीय लोगों का कहना है कि क्षेत्र में पहले कोई विवाद नहीं था, लेकिन पिछले कुछ महीनों में इस तरह की गतिविधियों से तनाव का माहौल बन गया है।
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प्रॉपर्टी डीलिंग कर रहा सरकारी कर्मी :
ग्रामीणों और प्रभावित लोगों का आरोप है कि संबंधित व्यक्ति सरकारी नौकरी में होने के बावजूद प्रॉपर्टी डीलिंग के कार्य में संलिप्त है और स्थानीय दबंगों के साथ मिलकर लोगों पर दबाव बना रहा है। मोहम्मदपुर अहीर थाना प्रभारी धर्मपाल का कहना है कि मामला उनके संज्ञान में है और इसकी जांच की जा रही है, साथ ही पुलिस पर लगाए गए आरोपों को निराधार बताया गया है।