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राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंप जमीन लौटाने की गुहार लगाएंगे किसान
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फर्रुखनगर। प्रदेश सरकार द्वारा गांव पातली हाजीपुर के किसानों की 140 एकड़ भूमि औने पौने दामों में अधिग्रहण करके फिल्पकार्ट कंपनी को 3.22 करोड़ रुपये की दर से प्रति एकड़ भूमि बेचने के मामले पर इलाके के किसानों में भारी रोष व्याप्त है। रोष स्वरूप शनिवार को गुरुग्राम-पटौदी रोड पर केएमपी टोल के नजदीक किसानों की महापंचायत का आयोजन किया गया। इसकी अध्यक्षता चरखी दादरी से निर्दलिय विधायक सोमबीर सांगवान ने की।
पंचायत में किसानों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि सरकार के विरोध में 26 नवंबर को गुुरुग्राम के राजीव चौक पर एकत्रित होकर जिला उपायुक्त को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर किसानों को उनकी जमीन वापस देने की मांग करेंगे। अगर सरकार द्वारा उनकी मांग को नहीं माना गया तो बड़ी महापंचायत कर आगामी निर्णय लिया जाएगा।
इस अवसर पर चरखी दादरी से निर्दलिय विधायक सोमबीर सांगवान, इनेलो किसान सैल के प्रदेश उपाध्यक्ष चौधरी राजेंद्र सिंह धनखड़, बीजेपी नेता एवं जिला परिषद के पूर्व उपाध्यक्ष संजीव उर्फ पप्पू यादव, संयुक्त किसान मोर्चा के जिला अध्यक्ष संतोख सिंह, ईश्वर पहलवान, धर्मपाल सरपंच आदि वक्ताओं ने बताया कि वर्ष 2013 में तत्कालीन प्रदेश सरकार ने किसानों की 285 एकड़ जमीन अधिग्रहण की थी। उसमें पातली गांव का मुआवजा प्रति एकड़ 55 लाख रुपये, बावडा का 73 लाख रुपये मुआवजा दिया गया था। विरोध स्वरूप किसानों ने मुआवजा बढ़ाने के लिए सेशन कोर्ट गुरुग्राम में अपील की थी, जिसे सरकार के दबाव में आकर न्यायपालिका ने रद्द कर दी जबकि यही जमीन हरियाणा सरकार ने 140 एकड़ जमीन 3.22 करोड़ प्रति एकड़ की दर से फिल्पकार्ट को दे दी है। यह किसानों के साथ सरासर अन्याय है।
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इन लोगों ने कहा कि न्यायपालिका में भी सरकार द्वारा दबाव बना निधार्रित मुआवजे को भी वापिस सरकार के खाते में जमा करवाने के तुगलकी फरमान जारी किए जा रहे है। उन्होंने कहा कि किसान अपनी बेशकीमती जमीन को किसी भी सूरत में नहीं देंगे। इसके लिए वह हर बड़ी से बड़ी कुर्बानी के लिए तैयार है। इस मौके पर कृष्ण पंडित पातली, जय प्रकाश डागर, कांग्रेस के पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष सुनील यादव मौहम्मदपुर, उषा सिरोहा, अधिवक्ता राहुल, सरपंच वीरसिंह, दिनेश कुमार, महेंद्र कुमार, सरपंच इंद्रजीत शर्मा, सेहदपुर मौहम्मदपुर, विकास सरपंच खेड़ा झांझरौला, झुंडसराय के सरपंच अनिल यादव, धर्मबीर पातली, मातादीन प्रजापति आदि मौजूद थे।
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पंचायत में किसानों ने सर्वसम्मति से निर्णय लिया कि सरकार के विरोध में 26 नवंबर को गुुरुग्राम के राजीव चौक पर एकत्रित होकर जिला उपायुक्त को राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपकर किसानों को उनकी जमीन वापस देने की मांग करेंगे। अगर सरकार द्वारा उनकी मांग को नहीं माना गया तो बड़ी महापंचायत कर आगामी निर्णय लिया जाएगा।
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इस अवसर पर चरखी दादरी से निर्दलिय विधायक सोमबीर सांगवान, इनेलो किसान सैल के प्रदेश उपाध्यक्ष चौधरी राजेंद्र सिंह धनखड़, बीजेपी नेता एवं जिला परिषद के पूर्व उपाध्यक्ष संजीव उर्फ पप्पू यादव, संयुक्त किसान मोर्चा के जिला अध्यक्ष संतोख सिंह, ईश्वर पहलवान, धर्मपाल सरपंच आदि वक्ताओं ने बताया कि वर्ष 2013 में तत्कालीन प्रदेश सरकार ने किसानों की 285 एकड़ जमीन अधिग्रहण की थी। उसमें पातली गांव का मुआवजा प्रति एकड़ 55 लाख रुपये, बावडा का 73 लाख रुपये मुआवजा दिया गया था। विरोध स्वरूप किसानों ने मुआवजा बढ़ाने के लिए सेशन कोर्ट गुरुग्राम में अपील की थी, जिसे सरकार के दबाव में आकर न्यायपालिका ने रद्द कर दी जबकि यही जमीन हरियाणा सरकार ने 140 एकड़ जमीन 3.22 करोड़ प्रति एकड़ की दर से फिल्पकार्ट को दे दी है। यह किसानों के साथ सरासर अन्याय है।
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इन लोगों ने कहा कि न्यायपालिका में भी सरकार द्वारा दबाव बना निधार्रित मुआवजे को भी वापिस सरकार के खाते में जमा करवाने के तुगलकी फरमान जारी किए जा रहे है। उन्होंने कहा कि किसान अपनी बेशकीमती जमीन को किसी भी सूरत में नहीं देंगे। इसके लिए वह हर बड़ी से बड़ी कुर्बानी के लिए तैयार है। इस मौके पर कृष्ण पंडित पातली, जय प्रकाश डागर, कांग्रेस के पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष सुनील यादव मौहम्मदपुर, उषा सिरोहा, अधिवक्ता राहुल, सरपंच वीरसिंह, दिनेश कुमार, महेंद्र कुमार, सरपंच इंद्रजीत शर्मा, सेहदपुर मौहम्मदपुर, विकास सरपंच खेड़ा झांझरौला, झुंडसराय के सरपंच अनिल यादव, धर्मबीर पातली, मातादीन प्रजापति आदि मौजूद थे।