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Gurugram News: खेतों में फसल की जगह मछली पकड़ने का काम करते हैं सिरौली गांव के किसान

Sun, 12 Jan 2025 01:53 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Sun, 12 Jan 2025 01:53 AM IST
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Farmers of Sirauli village do fishing instead of growing crops in the fields.
- सैंकड़ों एकड़ भूमि पर भरा हुआ है बरसात का पानी, शिकायत के बाद भी नहीं हुए इंतजाम
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संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुदत्त भारद्वाज

पुन्हाना। नूंह जिले के सिरौली गांव के सैकड़ों किसान खेतों में फसल उगाने की जगह मछली पकड़ने का काम करते हैं। गांव की सैकड़ों एकड़ भूमि पर बरसात का पानी भरा हुआ है। चार माह पहले हुई बारिश के पानी की निकासी को लेकर प्रशासन द्वारा कोई कदम नहीं उठाया गया। हालात यह है कि गांव के अधिकतर किसान खेत होते हुए भी अनाज मंडी से अन्न खरीदकर अपने परिवार का पेट भर रहे हैं। गांव की जमीन नीचे होने के कारण बरसात का पानी यहीं ठहर जाता है। कुछ वर्ष पहले तक प्रशासन द्वारा पानी की निकासी के लिए प्रबंध किए जाते थे। इससे किसान दिसंबर माह के आखिरी तक खेतों में रबी की फसल की बुआई कर देते थे। लेकिन इस बार प्रशानिक लापरवाही के कारण अब तक खेतों में पानी भरा हुआ है।
गांव के किसानों द्वारा कई बार बरसाती पानी की निकासी की मांग की गई लेकिन स्थानीय प्रशासन की ओर से कोई पहल नहीं की गई। गांव के खेत जलमग्न हैं। ग्रामीणों के मुताबिक हर वर्ष उन्हें जलभराव की समस्या से जूझना पड़ता है जिससे उनकी खरीफ की फसल खराब हो जाती है। वहीं, वह रबी की फसल की भी बिजाई नहीं कर पाते। खराब हुई फसल का उन्हें कई वर्षो से मुआवजा तक नहीं मिला है।
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कृषि कार्य छोड़ मछली पकडते हैं किसान-
गांव की सैकड़ों एकड़ जमीन ने तालाब का रूप लिया हुआ है। खेतो में भरे पानी से किसान कृषि कार्य छोड़कर यहां मछली पकड़ने का काम कर रहे हैं। जिन खेतों में कभी रबी की फसल लहलहाती थी अभी वहां झील जैसा नजारा बना हुआ है।
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पशुओं के लिए चारे का संकट-
गांव के अधिकतर किसानों को कहना है कि जलभराव के कारण वह गेहूं की फसल की बुवाई नहीं कर पाए हैं। गेहूं की फसल नहीं होने के कारण पशुओं के लिए चारे का संकट पैदा हो गया है।

इन गांवों में होता है जलभराव
सिरौली गांव सहित पास के गुलालता, कुहकबान, जालिका, खोंटा, गागड़वास, हिंगनपुर, जाडोली, नहारपुर, रायपुर, रहीडा, रसूलपुर,जहटाना सहित करीब दर्जन भर गांव जलभराव हर वर्ष जलभराव की समस्या से जूझते हैं। कुछ गावों के किसानों ने गांव से चंदा एकत्रित कर पंप से अपने स्तर पर पानी की निकासी की है।

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बरसात के बाद हर वर्ष खरीफ की फसल खराब हो जाती है। इस बार भी हो गई। खेतों में पानी भरा होने के कारण इस बार गेहूं की फसल की बुवाई नहीं कर पाए। -हाफिज शहीद, किसान
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प्रदेश सरकार किसानों के हित की बात करती है लेकिन यहां के किसानों की समस्या को लेकर न तो सरकार और न ही प्रशासन गंभीर नहीं है। किसान खेत होते हुए भी अनाज मंडी से गेहूं खरीद कर परिवार का पेट भर रहे हैं। वहीद, किसान
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गांव से लेकर बीसरू गांव की न्यू कोट ड्रेन तक पानी निकाला जाए तो समस्या का समाधान हो सकता है। इसके लिए पाइप डालकर या नाला खोदकर पानी निकाला जा सकता है। -मोरमल उर्फ मोरू
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जलभराव की यह समस्या तीन दशक से है। बरसात के मौसम में गांव के आस पास जलभराव होने के कारण खरीफ की फसल खराब हो जाती है। -हाजी इशाक, किसान
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वर्जन
मामला उनके संज्ञान में नहीं है। गांव का दौरा कर जल्द ही स्थिति का जायजा लिया जाएगा। बरसाती पानी को जल्द निकालने का प्रबंध किया जाएगा। - संजय कुमार, एसडीएम पुन्हाना

हत्या के बाद जला रहे थे महिला की लाश

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