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Gurugram News: दिल्ली-गुरुग्राम के बीच जाम दूर करने के लिए एलिवेटेड रोड और मेट्रो पर जोर
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दिल्ली-गुरुग्राम ट्रैफिक जाम से राहत के लिए डायल ने तैयार की है रिपोर्ट
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (डायल) ने दिल्ली-गुरुग्राम और इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा के आसपास बढ़ते ट्रैफिक जाम को कम करने के लिए कई सड़क और पब्लिक ट्रांसपोर्ट प्रोजेक्ट्स का प्रस्ताव दिए हैं। इसमें ओल्ड दिल्ली रोड को एलिवेटेड और ग्रेटर सदर्न पेरिफेरल रोड के अलावा मेट्रो सेवा को बेहतर करने पर जोर दिया गया है। इस बारे में जल्द ही डायल की जीएमडीए के साथ बैठक होने वाली है। इसमें एयरपोर्ट और गुरुग्राम के बीच जाम की समस्या को दूर करने पर चर्चा होगी।
एरिया-वाइड डीकंजेशन स्ट्रेटेजी-ट्रांसपोर्ट कनेक्टिविटी मास्टर प्लान ऑफ दिल्ली एयरपोर्ट नामक स्टडी मार्च में गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) को सौंपी गई थी। रिपोर्ट में कहा गया है कि दिल्ली और गुरुग्राम के बीच कनेक्टिविटी अभी मुख्य रूप से एनएच-48 पर निर्भर है, जबकि वैकल्पिक मार्ग जैसे ओल्ड दिल्ली-गुरुग्राम रोड और द्वारका एक्सप्रेसवे भी हैं। इसमें कई जगह गंभीर ट्रैफिक बॉटलनेक बन रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार, एनएच-48 और ओल्ड दिल्ली-गुरुग्राम रोड दोनों ही अत्यधिक ट्रैफिक दबाव है। दिल्ली और गुरुग्राम को जोड़ने वाली समानांतर सड़क कनेक्टिविटी की कमी के कारण यात्रियों को भारी जाम का सामना करना पड़ रहा है।
रिपोर्ट में सुझाव दिया गया है कि द्वारका एक्सप्रेसवे को मायापुरी रिंग रोड तक बढ़ाया जाए, ताकि सेंट्रल दिल्ली की ओर जाने वाले वाहन महिपालपुर और एयरपोर्ट क्षेत्र के जाम से बच सकें। पीक ऑवर्स के दौरान शिव मूर्ति, महिपालपुर जंक्शन और खेड़की दौला के पास क्लोवरलीफ इंटरचेंज पर भारी जाम की स्थिति बनी रहती है। पीक ऑवर्स के दौरान एनएच-48 पर चलने वाले सिर्फ 13 से 17 प्रतिशत वाहन ही एयरपोर्ट की ओर जाते हैं, जबकि 83 से 87 प्रतिशत वाहन दिल्ली, गुरुग्राम और एनसीआरके अन्य हिस्सों के बीच आवागमन करते हैं। गुरुग्राम में ग्रेटर सदर्न पेरिफेरल रोड (जीएसपीआर), रेजांग ला चौक पर फ्लाईओवर को जल्द सिरे चढ़ाने पर जोर दिया गया है। सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करने के लिए गुरुग्राम मेट्रो परियोजना में तेजी लाने, रेजांग ला चौक से एयरपोर्ट लाइन तक मेट्रो स्पर बनाने, दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन की गोल्डन लाइन विस्तार और दिल्ली-बावल आरआरटीएस परियोजना पर जल्द शुरू करने पर जोर दिया गया है। रिपोर्ट का दावा है कि यदि सभी प्रस्तावित परियोजनाएं लागू होती हैं तो एनएच-48 पर काफी हदतक ट्रैफिक का दबाव कम किया जा सकेगा।
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अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (डायल) ने दिल्ली-गुरुग्राम और इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा के आसपास बढ़ते ट्रैफिक जाम को कम करने के लिए कई सड़क और पब्लिक ट्रांसपोर्ट प्रोजेक्ट्स का प्रस्ताव दिए हैं। इसमें ओल्ड दिल्ली रोड को एलिवेटेड और ग्रेटर सदर्न पेरिफेरल रोड के अलावा मेट्रो सेवा को बेहतर करने पर जोर दिया गया है। इस बारे में जल्द ही डायल की जीएमडीए के साथ बैठक होने वाली है। इसमें एयरपोर्ट और गुरुग्राम के बीच जाम की समस्या को दूर करने पर चर्चा होगी।
एरिया-वाइड डीकंजेशन स्ट्रेटेजी-ट्रांसपोर्ट कनेक्टिविटी मास्टर प्लान ऑफ दिल्ली एयरपोर्ट नामक स्टडी मार्च में गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) को सौंपी गई थी। रिपोर्ट में कहा गया है कि दिल्ली और गुरुग्राम के बीच कनेक्टिविटी अभी मुख्य रूप से एनएच-48 पर निर्भर है, जबकि वैकल्पिक मार्ग जैसे ओल्ड दिल्ली-गुरुग्राम रोड और द्वारका एक्सप्रेसवे भी हैं। इसमें कई जगह गंभीर ट्रैफिक बॉटलनेक बन रहे हैं। रिपोर्ट के अनुसार, एनएच-48 और ओल्ड दिल्ली-गुरुग्राम रोड दोनों ही अत्यधिक ट्रैफिक दबाव है। दिल्ली और गुरुग्राम को जोड़ने वाली समानांतर सड़क कनेक्टिविटी की कमी के कारण यात्रियों को भारी जाम का सामना करना पड़ रहा है।
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रिपोर्ट में सुझाव दिया गया है कि द्वारका एक्सप्रेसवे को मायापुरी रिंग रोड तक बढ़ाया जाए, ताकि सेंट्रल दिल्ली की ओर जाने वाले वाहन महिपालपुर और एयरपोर्ट क्षेत्र के जाम से बच सकें। पीक ऑवर्स के दौरान शिव मूर्ति, महिपालपुर जंक्शन और खेड़की दौला के पास क्लोवरलीफ इंटरचेंज पर भारी जाम की स्थिति बनी रहती है। पीक ऑवर्स के दौरान एनएच-48 पर चलने वाले सिर्फ 13 से 17 प्रतिशत वाहन ही एयरपोर्ट की ओर जाते हैं, जबकि 83 से 87 प्रतिशत वाहन दिल्ली, गुरुग्राम और एनसीआरके अन्य हिस्सों के बीच आवागमन करते हैं। गुरुग्राम में ग्रेटर सदर्न पेरिफेरल रोड (जीएसपीआर), रेजांग ला चौक पर फ्लाईओवर को जल्द सिरे चढ़ाने पर जोर दिया गया है। सार्वजनिक परिवहन को मजबूत करने के लिए गुरुग्राम मेट्रो परियोजना में तेजी लाने, रेजांग ला चौक से एयरपोर्ट लाइन तक मेट्रो स्पर बनाने, दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन की गोल्डन लाइन विस्तार और दिल्ली-बावल आरआरटीएस परियोजना पर जल्द शुरू करने पर जोर दिया गया है। रिपोर्ट का दावा है कि यदि सभी प्रस्तावित परियोजनाएं लागू होती हैं तो एनएच-48 पर काफी हदतक ट्रैफिक का दबाव कम किया जा सकेगा।
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