एल्विश यादव को लॉरेंस बिश्नोई की धमकी: गैंग ने फोन कर मांगे 10 करोड़, दी दो दिन की मोहलत; न देने पर दी ये धमकी
पुलिस ने रविवार को इस घटना की जानकारी दी। यादव के परिवार ने आरोप लगाया कि पैसे न देने पर उन्हें दो दिन के भीतर गोली मारने की धमकी दी गई है। यादव की शिकायत पर सेक्टर 56 पुलिस स्टेशन में प्राथमिकी दर्ज की गई है।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
बिग बॉस ओटीटी 2 के विजेता एल्विश यादव को 10 करोड़ रुपये की फिरौती की धमकी मिली है। यह धमकी उन्हें एक विदेशी व्हाट्सएप नंबर से दी गई है। धमकी देने वाले ने खुद को रणदीप मलिक बताया और लॉरेंस बिश्नोई गिरोह से संबंध होने का दावा किया।
दो दिन के भीतर दी गोली मारने की धमकी
पुलिस ने रविवार को इस घटना की जानकारी दी। यादव के परिवार ने आरोप लगाया कि पैसे न देने पर उन्हें दो दिन के भीतर गोली मारने की धमकी दी गई है। यादव की शिकायत पर सेक्टर 56 पुलिस स्टेशन में प्राथमिकी दर्ज की गई है। यादव ने बताया कि उन्हें 5 मई को विदेशी नंबर से व्हाट्सएप कॉल आया था, जिसका वह जवाब नहीं दे पाए।
रणदीप ने बताया खुद को लॉरेंश का करीबी
बाद में उन्हें उसी नंबर से धमकी भरा संदेश मिला। संदेश में रणदीप मलिक ने खुद को लॉरेंस बिश्नोई गिरोह का करीबी बताया। उसने दो दिन में 10 करोड़ रुपये की मांग की और भुगतान न करने पर गोली मारने की धमकी दी। यह धमकी भरा संदेश उनके पिता के मोबाइल नंबर पर भी भेजा गया था। मामला क्राइम ब्रांच को सौंप दिया गया है और कॉल के स्रोत का पता लगाने के प्रयास जारी हैं।
एल्विश यादव का पिछला विवाद
यादव वर्तमान में 'लाफ्टर सेफ' नामक एक शो की शूटिंग के लिए गुरुग्राम से बाहर हैं। सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर यादव ने 2023 में बिग बॉस ओटीटी का दूसरा सीजन जीता था। वह हाल के वर्षों में कई कारणों से खबरों में रहे हैं। पिछले अगस्त में, उनके सेक्टर 56 स्थित आवास के बाहर अज्ञात बंदूकधारियों ने दो दर्जन से अधिक गोलियां चलाई थीं। दिल्ली पुलिस ने बाद में इस मामले में दो हमलावरों को गिरफ्तार किया था।
सांप के जहर मामले में गिरफ्तारी
इससे पहले, यादव को मार्च 2024 में रेव पार्टियों के लिए सांप का जहर उपलब्ध कराने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। उन पर सांप के जहर की आपूर्ति करने का आरोप था। हालांकि, इस साल मार्च में सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले से संबंधित प्राथमिकी को रद्द कर दिया था। न्यायालय ने सभी कानूनी कार्रवाई को भी समाप्त कर दिया था।