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Gurugram News: इंदाना गांव में पात्र लोगों को नहीं मिले पीएम आवास
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-शिकायत करने पर दूसरे के मकान का फोटो लगाकर की अफसरों ने कर दिया निस्तारण
-सरपंच सहित पंचायत अधिकारियों पर लगाया आरोप
- बुधवार को उपायुक्त से गुहार लगाएगी पीड़ित महिला
संवाद न्यूज एजेंसी
पुन्हाना। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बेशक केंद्र व प्रदेश सरकार गरीबों के लिए पक्का मकान बनाने का दावा कर रही हो, लेकिन जिले में दर्जनों गावों में काफी ऐसे परिवार है जिन्हें योजना का लाभ नहीं मिल रहा है। ऐसा ही मामला पुन्हाना के इंदाना गांव का है। यहां एक गरीब परिवार का नाम इस योजना से काट दिया गया।
पीड़ित का आरोप है कि सूची से उनका नाम सरपंच के चुनावों में मौजूदा सरपंच को वोट नहीं देने के कारण काटा गया। पीड़ित महिला ने इसकी शिकायत समाधान शिविर सहित सीएम विंडो पोर्टल पर की, लेकिन पंचायत विभाग के अधिकारियों ने किसी दूसरे परिवार का पक्का मकान दर्शाकर शिकायत को ही बंद कर दिया। पीड़ित महिला बुधवार को परिवार सहित जिला उपायुक्त के समक्ष शिकायत को रखेगी और गांव के सरपंच सहित पंचायत विभाग के अधिकारियों के खिलाफ कार्यवाही की मांग करेगी।
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सीएम विंडो पर की शिकायत
इंदाना गांव निवासी सारमीन पत्नी आसिफ ने सीएम विंडो पोर्टल पर दी शिकायत में बताया कि वो गरीब मजदूर है और नरेगा में काम करते आ रहे थे। इसके अलावा इधर उधर की दिहाड़ी मजदूरी करके परिवार का पालन पोषण कर रहे है। गांव के मौजूदा सरपंच ने उनका नरेगा से जॉब कार्ड कटवा दिया है। पूर्व सरपंच के प्लान में प्रधानमंत्री आवास योजना में रजिस्ट्रेशन हुआ था। इसमें लंबे इंतजार के बाद पीएम आवास योजना की सूची में उनका नाम आया। लेकिन मौजूदा सरपंच ने उनका सूचि से नाम कटवा दिया। सूची में शामिल परिवारों के सर्वे के लिए गांव में कोई भी सरकारी अधिकारी, ग्राम सचिव व पंचायत विभाग का अधिकारी नहीं आया। इसके बावजूद सूची से उनका नाम काट दिया। जब उन्होंने मौजूदा सरपंच से इसके बारे में पूछताछ की तो सरपंच ने बदतमीजी से बात की और कहा कि वोट नहीं देने के कारण योजना से नाम कटवाया गया है।
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योजना की फर्जी सूची तैयार करने का आरोप
पीड़ित महिला का आरोप है कि गांव में तीन चार परिवारों को छोड़कर पीएम आवास योजना की फर्जी तरीके से सूची तैयार की है। ऐसे अधिकतर परिवारों के पास पक्के मकान है और सुविधा संपन्न परिवार है। सूची में जिन परिवारों के नाम हैं सरपंच ने सभी से अपना हिस्सा फिक्स कर लिया था। जो गरीब आदमी सरपंच को उसका हिस्सा नहीं दे रहा। जब इस संदर्भ में पंचायत एवं खंड विकास अधिकारी पुन्हाना शमशेर सिंह से बात करने की कोशिश की तो उनसे संपर्क नहीं हो पाया।
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जांच हुई तो सामने आ सकता है गड़बड़झालाः-
इंदाना गांव के अलावा टिकरी बांधोली, बीसरू सहित ऐसे दर्जनों गांव है जिनमें पीएम आवास योजना की सूची में ऐसे परिवारों के नाम हे जो पूरी तरह संपन्न है। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि पंचायत विभाग के अधिकारियों द्वारा ऐसे परिवारों से मोटी रकम लेकर इस योजना का लाभ दिलाया है। लोगों का कहना कि प्रशासन अगर इसकी जांच विजिलेंस से कराता है तो एक बड़ा गड़बड़झाला सामने आ सकता है।
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पंचायत विभाग के कर्मचारी बोले सरपंच ने बताया था मकान-
सीएम विंडो की शिकायत पर दूसरे के मकान का फोटो लगाकर शिकायत को बंद करने के बारे में जब पंचायत विभाग के कर्मचारी सहाबुदीन से बात की तो उन्होंने बताया कि फोटो को सरपंच के पास तस्दीक कराया गया है।
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मामला उनके संज्ञान में नहीं है। पंचायत विभाग पीएम आवास योजना को देख रहा है। अगर पीड़ित परिवार अपनी शिकायत की पर हुई जांच से संतुष्ठ नहीं है तो वो किसी अन्य अधिकारी से जांच करा सकता है।
कुंवर आदित्य विक्रम, एसडीएम पुन्हाना
-सरपंच सहित पंचायत अधिकारियों पर लगाया आरोप
- बुधवार को उपायुक्त से गुहार लगाएगी पीड़ित महिला
संवाद न्यूज एजेंसी
पुन्हाना। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बेशक केंद्र व प्रदेश सरकार गरीबों के लिए पक्का मकान बनाने का दावा कर रही हो, लेकिन जिले में दर्जनों गावों में काफी ऐसे परिवार है जिन्हें योजना का लाभ नहीं मिल रहा है। ऐसा ही मामला पुन्हाना के इंदाना गांव का है। यहां एक गरीब परिवार का नाम इस योजना से काट दिया गया।
पीड़ित का आरोप है कि सूची से उनका नाम सरपंच के चुनावों में मौजूदा सरपंच को वोट नहीं देने के कारण काटा गया। पीड़ित महिला ने इसकी शिकायत समाधान शिविर सहित सीएम विंडो पोर्टल पर की, लेकिन पंचायत विभाग के अधिकारियों ने किसी दूसरे परिवार का पक्का मकान दर्शाकर शिकायत को ही बंद कर दिया। पीड़ित महिला बुधवार को परिवार सहित जिला उपायुक्त के समक्ष शिकायत को रखेगी और गांव के सरपंच सहित पंचायत विभाग के अधिकारियों के खिलाफ कार्यवाही की मांग करेगी।
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सीएम विंडो पर की शिकायत
इंदाना गांव निवासी सारमीन पत्नी आसिफ ने सीएम विंडो पोर्टल पर दी शिकायत में बताया कि वो गरीब मजदूर है और नरेगा में काम करते आ रहे थे। इसके अलावा इधर उधर की दिहाड़ी मजदूरी करके परिवार का पालन पोषण कर रहे है। गांव के मौजूदा सरपंच ने उनका नरेगा से जॉब कार्ड कटवा दिया है। पूर्व सरपंच के प्लान में प्रधानमंत्री आवास योजना में रजिस्ट्रेशन हुआ था। इसमें लंबे इंतजार के बाद पीएम आवास योजना की सूची में उनका नाम आया। लेकिन मौजूदा सरपंच ने उनका सूचि से नाम कटवा दिया। सूची में शामिल परिवारों के सर्वे के लिए गांव में कोई भी सरकारी अधिकारी, ग्राम सचिव व पंचायत विभाग का अधिकारी नहीं आया। इसके बावजूद सूची से उनका नाम काट दिया। जब उन्होंने मौजूदा सरपंच से इसके बारे में पूछताछ की तो सरपंच ने बदतमीजी से बात की और कहा कि वोट नहीं देने के कारण योजना से नाम कटवाया गया है।
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योजना की फर्जी सूची तैयार करने का आरोप
पीड़ित महिला का आरोप है कि गांव में तीन चार परिवारों को छोड़कर पीएम आवास योजना की फर्जी तरीके से सूची तैयार की है। ऐसे अधिकतर परिवारों के पास पक्के मकान है और सुविधा संपन्न परिवार है। सूची में जिन परिवारों के नाम हैं सरपंच ने सभी से अपना हिस्सा फिक्स कर लिया था। जो गरीब आदमी सरपंच को उसका हिस्सा नहीं दे रहा। जब इस संदर्भ में पंचायत एवं खंड विकास अधिकारी पुन्हाना शमशेर सिंह से बात करने की कोशिश की तो उनसे संपर्क नहीं हो पाया।
जांच हुई तो सामने आ सकता है गड़बड़झालाः-
इंदाना गांव के अलावा टिकरी बांधोली, बीसरू सहित ऐसे दर्जनों गांव है जिनमें पीएम आवास योजना की सूची में ऐसे परिवारों के नाम हे जो पूरी तरह संपन्न है। क्षेत्र के लोगों का कहना है कि पंचायत विभाग के अधिकारियों द्वारा ऐसे परिवारों से मोटी रकम लेकर इस योजना का लाभ दिलाया है। लोगों का कहना कि प्रशासन अगर इसकी जांच विजिलेंस से कराता है तो एक बड़ा गड़बड़झाला सामने आ सकता है।
पंचायत विभाग के कर्मचारी बोले सरपंच ने बताया था मकान-
सीएम विंडो की शिकायत पर दूसरे के मकान का फोटो लगाकर शिकायत को बंद करने के बारे में जब पंचायत विभाग के कर्मचारी सहाबुदीन से बात की तो उन्होंने बताया कि फोटो को सरपंच के पास तस्दीक कराया गया है।
मामला उनके संज्ञान में नहीं है। पंचायत विभाग पीएम आवास योजना को देख रहा है। अगर पीड़ित परिवार अपनी शिकायत की पर हुई जांच से संतुष्ठ नहीं है तो वो किसी अन्य अधिकारी से जांच करा सकता है।
कुंवर आदित्य विक्रम, एसडीएम पुन्हाना