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शिक्षा और संस्कार एक-दूसरे के पूरक : दत्तात्रेय
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राज्यपाल ने सामाजिक कार्य करने वाली संस्थाओं व व्यक्तियों को सम्मानित किया
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। शिक्षा का मुख्य उद्देश्य व्यक्ति को केवल साक्षर बनाना नहीं बल्कि सभ्य व शिक्षित बनाना है। बच्चों में नैतिक मूल्यों के साथ दिए गए संस्कार उसे जीवन में सही दिशा देते हैं। शिक्षा और संस्कार एक-दूसरे के पूरक हैं। हमारा दायित्व है कि युवा पीढ़ी को सही मार्ग दिखाएं। प्रदेश के राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय शुक्रवार को सिलोखरा गांव में उत्सव फाउंडेशन में स्थापित अंकुरम लैब के उद्घाटन में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे।
लैब वीके जैन फाउंडेशन के सहयोग से स्थापित की गई है। इस दौरान राज्यपाल ने सामाजिक कार्य करने वाली संस्थाओं व व्यक्तियों को सम्मानित किया। राज्यपाल ने समारोह में दीप प्रज्ज्वलित कर वहां मौजूद विद्यार्थियों, अभिभावकों व पदाधिकारियों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यक्ति के भीतर पहले से निहित पूर्णता की अभिव्यक्ति है। शिक्षक विद्यार्थी की बाधाओं को दूर कर उन्हें संस्कारवान, कुशल और नेक इंसान बनाता है।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल एवं सशक्त नेतृत्व में नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 तैयार की गई है। इसमें शिक्षार्थी के संपूर्ण विकास जैसे की साक्षरता,संख्याज्ञान, तार्किकता, समस्या समाधान, नैतिक, सामाजिक, भावनात्मक मूल्यों के विकास पर विशेष जोर दिया गया है। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित सामाजिक संस्थाओं के गणमान्यों से सीधा संवाद करते हुए कहा कि देश के उज्ज्वल भविष्य की सुदृढ़ नींव के लिए शिक्षा सबसे प्रमुख माध्यम है। ऐसे में शिक्षा के क्षेत्र में योगदान दे रहीं सामाजिक संस्थाएं इसे एक कार्यक्रम का रूप देकर आगे बढ़े।
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राज्यपाल ने विद्यार्थियों से कहा कि उन्नत प्रौद्योगिकी में निपुण होना समय की मांग है। इस दौरान राज्यपाल ने विभिन्न क्षेत्रों में सामाजिक कार्य करने वाली संस्थाओं और व्यक्तियों को भारत श्रेष्ठ सेवा संस्था व भारत सेवा रतन पुरस्कार देकर सम्मानित किया।
समारोह में उत्सव फाउंडेशन के ट्रस्टी राज नेहरू, आईआईएलएम विश्वविद्यालय की कुलपति सुजाता साही, श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय की रजिस्ट्रार प्रो. ज्योति राणा, कृषि विभाग के उपनिदेशक डॉ. अनिल तंवर, उत्सव फाउंडेशन के ट्रस्टी पंकज धर, सुनैना नेहरू, पूर्णिमा कौल, वीरेंद्र ठाकुर, करीना जैन, उत्सव फाउंडेशन के पदाधिकारी डॉ. रविंदर सिंह राणा, मोहित ओसवाल, गौरव जैन, अनिल जैन आदि मौजूद रहे।
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अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। शिक्षा का मुख्य उद्देश्य व्यक्ति को केवल साक्षर बनाना नहीं बल्कि सभ्य व शिक्षित बनाना है। बच्चों में नैतिक मूल्यों के साथ दिए गए संस्कार उसे जीवन में सही दिशा देते हैं। शिक्षा और संस्कार एक-दूसरे के पूरक हैं। हमारा दायित्व है कि युवा पीढ़ी को सही मार्ग दिखाएं। प्रदेश के राज्यपाल बंडारू दत्तात्रेय शुक्रवार को सिलोखरा गांव में उत्सव फाउंडेशन में स्थापित अंकुरम लैब के उद्घाटन में बतौर मुख्य अतिथि बोल रहे थे।
लैब वीके जैन फाउंडेशन के सहयोग से स्थापित की गई है। इस दौरान राज्यपाल ने सामाजिक कार्य करने वाली संस्थाओं व व्यक्तियों को सम्मानित किया। राज्यपाल ने समारोह में दीप प्रज्ज्वलित कर वहां मौजूद विद्यार्थियों, अभिभावकों व पदाधिकारियों को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यक्ति के भीतर पहले से निहित पूर्णता की अभिव्यक्ति है। शिक्षक विद्यार्थी की बाधाओं को दूर कर उन्हें संस्कारवान, कुशल और नेक इंसान बनाता है।
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उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल एवं सशक्त नेतृत्व में नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 तैयार की गई है। इसमें शिक्षार्थी के संपूर्ण विकास जैसे की साक्षरता,संख्याज्ञान, तार्किकता, समस्या समाधान, नैतिक, सामाजिक, भावनात्मक मूल्यों के विकास पर विशेष जोर दिया गया है। उन्होंने कार्यक्रम में उपस्थित सामाजिक संस्थाओं के गणमान्यों से सीधा संवाद करते हुए कहा कि देश के उज्ज्वल भविष्य की सुदृढ़ नींव के लिए शिक्षा सबसे प्रमुख माध्यम है। ऐसे में शिक्षा के क्षेत्र में योगदान दे रहीं सामाजिक संस्थाएं इसे एक कार्यक्रम का रूप देकर आगे बढ़े।
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राज्यपाल ने विद्यार्थियों से कहा कि उन्नत प्रौद्योगिकी में निपुण होना समय की मांग है। इस दौरान राज्यपाल ने विभिन्न क्षेत्रों में सामाजिक कार्य करने वाली संस्थाओं और व्यक्तियों को भारत श्रेष्ठ सेवा संस्था व भारत सेवा रतन पुरस्कार देकर सम्मानित किया।
समारोह में उत्सव फाउंडेशन के ट्रस्टी राज नेहरू, आईआईएलएम विश्वविद्यालय की कुलपति सुजाता साही, श्री विश्वकर्मा कौशल विश्वविद्यालय की रजिस्ट्रार प्रो. ज्योति राणा, कृषि विभाग के उपनिदेशक डॉ. अनिल तंवर, उत्सव फाउंडेशन के ट्रस्टी पंकज धर, सुनैना नेहरू, पूर्णिमा कौल, वीरेंद्र ठाकुर, करीना जैन, उत्सव फाउंडेशन के पदाधिकारी डॉ. रविंदर सिंह राणा, मोहित ओसवाल, गौरव जैन, अनिल जैन आदि मौजूद रहे।