{"_id":"617c361bb11714631c2f7640","slug":"diwali-fair-will-be-heavy-without-permission-gurgaon-news-noi6132262190","type":"story","status":"publish","title_hn":"बिना अनुमति दिवाली मेला पड़ेगा भारी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
बिना अनुमति दिवाली मेला पड़ेगा भारी
विज्ञापन
गुरुग्राम। नगर निगम क्षेत्र में बिना अधिकारियों की अनुमति के दिवाली मेले का आयोजन भारी पड़ेगा। मेला आयोजन पर आरडब्ल्यूए के खिलाफ नियमों के तहत कार्रवाई करेगा। नगर निगम ने शहर की सभी कॉलोनियों और सोसाइटी की आरडब्ल्यूए को पत्र लिखकर अवगत करा दिया है। निगम के संयुक्त आयुक्त (मुख्यालय) हरिओम अत्री के अनुसार हरियाणा नगर निगम अधिनियम 1994 के तहत निगम क्षेत्र में मेले सहित किसी भी सार्वजनिक कार्यक्रम के लिए पहले अनुमति लेना आवश्यक है। अगर कोई व्यक्ति या संस्था बिना अनुमति के कार्यक्रम आयोजन करते हैं, तो उनके खिलाफ संबंधित नियमों के तहत कार्रवाई करने का प्रावधान है।
अत्री के अनुसार उल्लंघन करने वालों के खिलाफ हरियाणा नगर निगम अधिनियम, दमकल सुरक्षा अधिनियम, ठोस कचरा प्रबंधन अधिनियम सहित अन्य संबंधित नियमों के तहत कार्रवाई करने का प्रावधान है। उन्होंने सभी आरडब्ल्यूए एवं सोसाइटियों से कहा कि वे दिवाली मेला या अन्य सार्वजनिक आयोजन करने से पूर्व नगर निगम अनुमति जरूर लें।
दिवाली के उत्सव की खुशी को दोगुना करने के लिए शहर की अनेक आरडब्ल्यूए की ओर से मेले का आयोजन किया जाता रहा है। इन मेलों में लोगों को खरीदारी के साथ ही मनोरंजन के तमाम संसाधन उपलब्ध कराए जाते हैं। नियमों को ताक पर रख झूले और मनोरंजन के दूसरे साधनों की व्यवस्था की जाती है। घटना या दुर्घटना होने पर आडब्ल्यूए पल्ला झाड़ लेती है। गनीमत है कि शहर में अब तक इस तरह का कोई हादसा नहीं हुआ है। हादसों की संभावना को देखते हुए नगर निगम ने यह फैसला लागू किया है। ताकि अनुमति लेने वालों की जवाबदेही तय की जा सके।
विज्ञापन
विज्ञापन
अत्री के अनुसार उल्लंघन करने वालों के खिलाफ हरियाणा नगर निगम अधिनियम, दमकल सुरक्षा अधिनियम, ठोस कचरा प्रबंधन अधिनियम सहित अन्य संबंधित नियमों के तहत कार्रवाई करने का प्रावधान है। उन्होंने सभी आरडब्ल्यूए एवं सोसाइटियों से कहा कि वे दिवाली मेला या अन्य सार्वजनिक आयोजन करने से पूर्व नगर निगम अनुमति जरूर लें।
विज्ञापन
दिवाली के उत्सव की खुशी को दोगुना करने के लिए शहर की अनेक आरडब्ल्यूए की ओर से मेले का आयोजन किया जाता रहा है। इन मेलों में लोगों को खरीदारी के साथ ही मनोरंजन के तमाम संसाधन उपलब्ध कराए जाते हैं। नियमों को ताक पर रख झूले और मनोरंजन के दूसरे साधनों की व्यवस्था की जाती है। घटना या दुर्घटना होने पर आडब्ल्यूए पल्ला झाड़ लेती है। गनीमत है कि शहर में अब तक इस तरह का कोई हादसा नहीं हुआ है। हादसों की संभावना को देखते हुए नगर निगम ने यह फैसला लागू किया है। ताकि अनुमति लेने वालों की जवाबदेही तय की जा सके।
विज्ञापन