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जिला खेल अधिकारी निलंबित
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गुरुग्राम। खेल विभाग ने सीएम के निर्देश के 26 दिन बाद गुरुग्राम के जिला खेल एवं युवा कार्यक्रम अधिकारी जेजी बनर्जी को निलंबित कर दिया है। निलंबन के आदेश हरियाणा खेल विभाग के आयुक्त अपूर्व कुमार ने जिला खेल विभाग की मेल आईडी पर भेजे हैं। निलंबित होने के बाद अब जेजी बनर्जी शुक्रवार को पंचकूला स्थित खेल विभाग के मुख्यालय में रिपोर्ट करेंगे। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने गुरुग्राम में 16 अक्तूबर को ग्रीवांस कमेटी की बैठक के दौरान जिला खेल अधिकारी को निलंबित करने के निर्देश दिए थे, लेकिन निलंबन आदेश जारी न होने के कारण वह 10 नवंबर तक काम करते रहे। बृहस्पतिवार को निलंबित होने के लिखित आदेश मिलने के बाद जिला खेल अधिकारी की कुर्सी छोड़ी है।
गत 16 अक्तूबर को मुख्यमंत्री मनोहर लाल के समक्ष बैठक में गांव खंडेवला में खेल से संबंधित एक समस्या रखी गई थी, जिस पर मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने जिला खेल अधिकारी को बुलाया। खेल अधिकारी जेजी बनर्जी बैठक में मौजूद नहीं थे और न ही बैठक में आने की कोई सूचना जिला प्रशासन को दी थी। वे बिना किसी सूचना के अनुपस्थित थे। इसे अनुशासनहीनता मानते हुए मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने तत्काल उनके निलंबन के आदेश कर दिए। हालांकि निलंबित किए जाने के बाद जेजी बनर्जी द्वारा बीमारी के कारण अस्पताल में भर्ती होने की जानकारी जिला प्रशासन और खेल विभाग को दी गई थी। इसके बाद भी वह पद पर बने रहे और नियमित अपना काम करते रहे लेकिन जेजी बनर्जी के खिलाफ कुछ लोगों ने इस मुद्दे को ठंडा नहीं होने दिया। अंदरखाने वह जेजी बनर्जी को हटाने के लिए सिफारिशें करते रहे। चर्चा है कि उन्हीं के विरोध के चलते अब खेल अधिकारी को अपनी कुर्सी छोड़नी पड़ी। स्वयं जेजी बनर्जी ने भी माना है कि उनके निलंबन के आदेश मिले हैं और वह शुक्रवार को पंचकूला स्थित मुख्यालय में रिपोर्ट करेंगे।
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गत 16 अक्तूबर को मुख्यमंत्री मनोहर लाल के समक्ष बैठक में गांव खंडेवला में खेल से संबंधित एक समस्या रखी गई थी, जिस पर मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने जिला खेल अधिकारी को बुलाया। खेल अधिकारी जेजी बनर्जी बैठक में मौजूद नहीं थे और न ही बैठक में आने की कोई सूचना जिला प्रशासन को दी थी। वे बिना किसी सूचना के अनुपस्थित थे। इसे अनुशासनहीनता मानते हुए मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने तत्काल उनके निलंबन के आदेश कर दिए। हालांकि निलंबित किए जाने के बाद जेजी बनर्जी द्वारा बीमारी के कारण अस्पताल में भर्ती होने की जानकारी जिला प्रशासन और खेल विभाग को दी गई थी। इसके बाद भी वह पद पर बने रहे और नियमित अपना काम करते रहे लेकिन जेजी बनर्जी के खिलाफ कुछ लोगों ने इस मुद्दे को ठंडा नहीं होने दिया। अंदरखाने वह जेजी बनर्जी को हटाने के लिए सिफारिशें करते रहे। चर्चा है कि उन्हीं के विरोध के चलते अब खेल अधिकारी को अपनी कुर्सी छोड़नी पड़ी। स्वयं जेजी बनर्जी ने भी माना है कि उनके निलंबन के आदेश मिले हैं और वह शुक्रवार को पंचकूला स्थित मुख्यालय में रिपोर्ट करेंगे।
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