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Gurugram News: मानेसर निगम क्षेत्र में पानी के मीटर लगाने में तकरार
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निगम द्वारा गांवों में पानी के मीटर लगाने का लोग कर रहे विरोध
दीपक वर्मा
मानेसर। क्षेत्र में पानी की बढ़ती खपत और बर्बादी को रोकने के लिए नगर निगम मानेसर ने नई पहल शुरू करने का निर्णय लिया है। निगम अपने अधिकार क्षेत्र में आने वाले सभी गांवों और सेक्टरों में चरणबद्ध तरीके से पानी के मीटर लगाएगा। इस योजना का उद्देश्य क्षेत्र में पानी की खपत पर निगरानी रखना और पानी की बर्बादी को नियंत्रित करना है। हालांकि, गांव के लोग मीटर लगाने की की योजना का विरोध कर रहे हैं।
अधिकारियों के अनुसार, मीटर लगने से लोगों में पानी बचाने के प्रति जागरूकता बढ़ेगी और लीकेज जैसी समस्याओं का भी समय पर पता चल सकेगा। मानेसर निगम क्षेत्र में 30 गांव और 27 रिहायशी सेक्टर शामिल हैं, जहां पानी के मीटर लगाए जाने की तैयारी है। निगम इन सभी इलाकों में चरणबद्ध तरीके से मीटर स्थापित करेगा। फिलहाल कई सोसाइटी में गुरुग्राम मेट्रोपॉलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी द्वारा पानी की आपूर्ति की जा रही है, जबकि नगर निगम मानेसर द्वारा गांवों में ट्यूबवेल और सबमर्सिबल के जरिये पानी सप्लाई किया जा रहा है।
नगर निगम मानेसर पानी की बर्बादी रोकने के साथ-साथ अपनी आय बढ़ाने की भी तैयारी में है। निगम अब क्षेत्रों में लगाए जाने वाले पानी के मीटर के आधार पर बिल वसूलेगा। यानी जितना पानी का इस्तेमाल होगा, उतना ही भुगतान करना होगा। निगम का कहना है कि इससे पानी की खपत पर नियंत्रण रहेगा और व्यवस्था बेहतर होगी।
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हालांकि, कई इलाकों में पानी के मीटर को लेकर निगम व लोगों में तकरार है। उनका कहना है कि पहले से ही महंगाई ज्यादा है और अब मीटर लगने से बिल बढ़ जाएगा। कुछ स्थानों पर लोगों ने पानी के मीटर नहीं लगाने की मांग भी की है। पंचायत के समय गांवों में पानी सरकारी सबमर्सिबल मोटर के जरिये आपूर्ति की जा रही है।
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मीटर लगने से जेब पर बढ़ेगा बोझ
नगर निगम पहले ही जमीन ले चुका है और अब पानी के मीटर लगाने की योजना के जरिये लोगों पर बोझ डालने जा रहा है। - सतबीर सिंह, निवासी शिकोहपुर
गांव में पहले से ही पानी की कमी बनी हुई है और लोग परेशान हैं। पहले पानी की समस्या दूर की जाएं, उसके बाद ही मीटर लगाने का फैसला लिया जाए। - रविंद्र, खोह गांव पार्षद, वार्ड नंबर-13
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क्षेत्र में पानी के मीटर लगाने की योजना तैयार की जा रही है। मीटर लगने से यह पता चल सकेगा कि कौन कितना पानी इस्तेमाल कर रहा है। इससे पानी की बर्बादी कम होगी और लोग जरूरत के अनुसार ही पानी का उपयोग करेंगे। इस कदम से पानी की बचत होगी। -सुशील ठाकरान, कार्यकारी अभियंता, नगर निगम मानेसर
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दीपक वर्मा
मानेसर। क्षेत्र में पानी की बढ़ती खपत और बर्बादी को रोकने के लिए नगर निगम मानेसर ने नई पहल शुरू करने का निर्णय लिया है। निगम अपने अधिकार क्षेत्र में आने वाले सभी गांवों और सेक्टरों में चरणबद्ध तरीके से पानी के मीटर लगाएगा। इस योजना का उद्देश्य क्षेत्र में पानी की खपत पर निगरानी रखना और पानी की बर्बादी को नियंत्रित करना है। हालांकि, गांव के लोग मीटर लगाने की की योजना का विरोध कर रहे हैं।
अधिकारियों के अनुसार, मीटर लगने से लोगों में पानी बचाने के प्रति जागरूकता बढ़ेगी और लीकेज जैसी समस्याओं का भी समय पर पता चल सकेगा। मानेसर निगम क्षेत्र में 30 गांव और 27 रिहायशी सेक्टर शामिल हैं, जहां पानी के मीटर लगाए जाने की तैयारी है। निगम इन सभी इलाकों में चरणबद्ध तरीके से मीटर स्थापित करेगा। फिलहाल कई सोसाइटी में गुरुग्राम मेट्रोपॉलिटन डेवलपमेंट अथॉरिटी द्वारा पानी की आपूर्ति की जा रही है, जबकि नगर निगम मानेसर द्वारा गांवों में ट्यूबवेल और सबमर्सिबल के जरिये पानी सप्लाई किया जा रहा है।
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नगर निगम मानेसर पानी की बर्बादी रोकने के साथ-साथ अपनी आय बढ़ाने की भी तैयारी में है। निगम अब क्षेत्रों में लगाए जाने वाले पानी के मीटर के आधार पर बिल वसूलेगा। यानी जितना पानी का इस्तेमाल होगा, उतना ही भुगतान करना होगा। निगम का कहना है कि इससे पानी की खपत पर नियंत्रण रहेगा और व्यवस्था बेहतर होगी।
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हालांकि, कई इलाकों में पानी के मीटर को लेकर निगम व लोगों में तकरार है। उनका कहना है कि पहले से ही महंगाई ज्यादा है और अब मीटर लगने से बिल बढ़ जाएगा। कुछ स्थानों पर लोगों ने पानी के मीटर नहीं लगाने की मांग भी की है। पंचायत के समय गांवों में पानी सरकारी सबमर्सिबल मोटर के जरिये आपूर्ति की जा रही है।
मीटर लगने से जेब पर बढ़ेगा बोझ
नगर निगम पहले ही जमीन ले चुका है और अब पानी के मीटर लगाने की योजना के जरिये लोगों पर बोझ डालने जा रहा है। - सतबीर सिंह, निवासी शिकोहपुर
गांव में पहले से ही पानी की कमी बनी हुई है और लोग परेशान हैं। पहले पानी की समस्या दूर की जाएं, उसके बाद ही मीटर लगाने का फैसला लिया जाए। - रविंद्र, खोह गांव पार्षद, वार्ड नंबर-13
क्षेत्र में पानी के मीटर लगाने की योजना तैयार की जा रही है। मीटर लगने से यह पता चल सकेगा कि कौन कितना पानी इस्तेमाल कर रहा है। इससे पानी की बर्बादी कम होगी और लोग जरूरत के अनुसार ही पानी का उपयोग करेंगे। इस कदम से पानी की बचत होगी। -सुशील ठाकरान, कार्यकारी अभियंता, नगर निगम मानेसर