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कोरोना की तीसरी लहर से निपटने की चुनौतियों पर चर्चा
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गुरुग्राम। सेक्टर-9 ए स्थित एसएन सिद्धेश्वर स्कूल में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) हरियाणा इकाई की दो दिवसीय वार्षिक बैठक का समापन रविवार को हो गया। इसमें कोरोना की दूसरी लहर के दौरान समाज के लिए किए गए कार्यों की समीक्षा की गई तो वहीं तीसरी लहर की तैयारियों पर भी वरिष्ठ पदाधिकारियों ने कोरोना मंथन किया। इसके साथ ही संगठन विस्तार व स्वयंसेवकों की संख्या बढ़ाने पर भी दो दिवसीय बैठक में विस्तृत चर्चा की गई।
तीसरी लहर की आशंका को देखते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ इस बार सामाजिक कार्यों में कोई कसर नहीं छोड़ना चाहता। यही वजह है कि पूरे प्रांत में आरएसएस की बैठकें चल रही हैं, जिसमें तैयारियों पर चर्चा चल रही है। इसी क्रम में गुरुग्राम में भी संघ के आला पदाधिकारियों ने लगातार दूसरे दिन संगठन के विभिन्न मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की। प्रांत संघचालक पवन जिंदल की अध्यक्षता में बैठक में कार्यों व उससे जुड़े अनुभवों के आधार पर तीसरी लहर की तैयारियों को दुरुस्त करने पर चर्चा की गई। इस दौरान संघ के निचले स्तर के पदाधिकारियों ने उच्चाधिकारियों को शाखावार किए गए कार्यों की जानकारी दी।
सामाजिक समरसता पर जोर
संघ के एक वरिष्ठ पदाधिकारी के मुताबिक बैठक में साल भर की योजनाओं पर मंथन किया गया तो वहीं स्वयंसेवकों को कोरोना की तीसरी लहर में पूरे मनोयोग से सेवा के लिए तैयार करने को कहा गया। आला पदाधिकारियों ने संघ के विस्तार के लिए ज्यादा से ज्यादा सामाजिक समरसता व ज्यादा से ज्यादा सामाजिक कार्यों पर जोर दिया। वहीं, संभावित तीसरी लहर में संघ किस तरीके से अच्छी भूमिका निभा सकता है, इस पर भी चर्चा की गई। तीसरी लहर की तैयारियों के क्रम में डॉक्टरों व स्वास्थ्य विभाग से संपर्क बढ़ाने व संगठन के स्तर पर भी स्वास्थ्य सुविधाओं में इजाफा करने के लिए प्रेरित किया गया तथा लोगों को इसके लिए जागरूक करने पर बल दिया गया।
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शाखाओं को बढ़ाने पर चर्चा
संघ की दो दिवसीय बैठक के दौरान संगठन को और मजबूत करने के लिए शाखाओं को बढ़ाने पर भी चर्चा की गई। मालूम हो कि गुरुग्राम जिले में इस समय संघ की करीब 52 शाखाएं चल रही हैं। प्रांत संघचालक पवन जिंदल ने स्वयंसेवकों के द्वारा कोरोना काल में किए गए कार्यों की प्रशंसा की और कहा कि अभी कोरोना का संकट समाप्त नहीं हुआ है। तीसरी लहर आने की आशंका जताई जा रही है। इसके लिए तैयार रहने की जरूरत है।
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तीसरी लहर की आशंका को देखते हुए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ इस बार सामाजिक कार्यों में कोई कसर नहीं छोड़ना चाहता। यही वजह है कि पूरे प्रांत में आरएसएस की बैठकें चल रही हैं, जिसमें तैयारियों पर चर्चा चल रही है। इसी क्रम में गुरुग्राम में भी संघ के आला पदाधिकारियों ने लगातार दूसरे दिन संगठन के विभिन्न मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की। प्रांत संघचालक पवन जिंदल की अध्यक्षता में बैठक में कार्यों व उससे जुड़े अनुभवों के आधार पर तीसरी लहर की तैयारियों को दुरुस्त करने पर चर्चा की गई। इस दौरान संघ के निचले स्तर के पदाधिकारियों ने उच्चाधिकारियों को शाखावार किए गए कार्यों की जानकारी दी।
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सामाजिक समरसता पर जोर
संघ के एक वरिष्ठ पदाधिकारी के मुताबिक बैठक में साल भर की योजनाओं पर मंथन किया गया तो वहीं स्वयंसेवकों को कोरोना की तीसरी लहर में पूरे मनोयोग से सेवा के लिए तैयार करने को कहा गया। आला पदाधिकारियों ने संघ के विस्तार के लिए ज्यादा से ज्यादा सामाजिक समरसता व ज्यादा से ज्यादा सामाजिक कार्यों पर जोर दिया। वहीं, संभावित तीसरी लहर में संघ किस तरीके से अच्छी भूमिका निभा सकता है, इस पर भी चर्चा की गई। तीसरी लहर की तैयारियों के क्रम में डॉक्टरों व स्वास्थ्य विभाग से संपर्क बढ़ाने व संगठन के स्तर पर भी स्वास्थ्य सुविधाओं में इजाफा करने के लिए प्रेरित किया गया तथा लोगों को इसके लिए जागरूक करने पर बल दिया गया।
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शाखाओं को बढ़ाने पर चर्चा
संघ की दो दिवसीय बैठक के दौरान संगठन को और मजबूत करने के लिए शाखाओं को बढ़ाने पर भी चर्चा की गई। मालूम हो कि गुरुग्राम जिले में इस समय संघ की करीब 52 शाखाएं चल रही हैं। प्रांत संघचालक पवन जिंदल ने स्वयंसेवकों के द्वारा कोरोना काल में किए गए कार्यों की प्रशंसा की और कहा कि अभी कोरोना का संकट समाप्त नहीं हुआ है। तीसरी लहर आने की आशंका जताई जा रही है। इसके लिए तैयार रहने की जरूरत है।