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Gurugram News: ग्रामीण महिलाओं की आय बढ़ाने में डिजिटल आंकड़े निभाएंगे अहम भूमिका
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ग्रामीण विकास मंत्रालय की दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला शुरू
लोकॉस पोर्टल से स्वयं सहायता समूहों की वित्तीय पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने पर जोर
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। ग्रामीण आजीविका योजनाओं को अधिक प्रभावी बनाने और स्वयं सहायता समूहों की वित्तीय गतिविधियों में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए डिजिटल आंकड़ों की गुणवत्ता पर जोर दिया जा रहा है। इसी उद्देश्य से ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार और हरियाणा राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के संयुक्त तत्वावधान में सोमवार को आईटीसी ग्रैंड भारत में दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला शुरू हुई। इससे ग्रामीण महिलाओं की आय बढ़ाने और योजनाओं की निगरानी रखने में मदद मिलेगी।
ग्रामीण विकास मंत्रालय के सचिव रोहित कंसल ने कहा कि लोकॉस डिजिटल मंच का प्रभावी उपयोग करने के लिए आंकड़ों का सटीक और विश्वसनीय होना जरूरी है। उन्होंने दोहराए गए रिकॉर्ड, अधूरी या गलत प्रविष्टियों, संस्थाओं की गलत मैपिंग और रिपोर्टों में विसंगतियों की पहचान कर उन्हें दूर करने के लिए व्यवस्थित जांच व्यवस्था मजबूत करने पर जोर दिया। डिजिटल मंच का इस्तेमाल केवल रिपोर्ट तैयार करने तक सीमित नहीं रहना चाहिए। इसके माध्यम से योजनाओं की प्रगति का आकलन करने, कमियों की पहचान करने और समय पर सुधारात्मक कदम उठाने में मदद मिलनी चाहिए।
कार्यशाला में स्वयं सहायता समूहों, ग्राम संगठनों और क्लस्टर स्तरीय संघों की वित्तीय गतिविधियों, संस्थागत प्रगति और प्रदर्शन के आकलन में लोकॉस की भूमिका पर चर्चा हुई। विश्वसनीय आंकड़ों से जरूरतमंद संस्थाओं की पहचान कर उन्हें समय पर सहायता उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। साथ ही वित्तीय अनुशासन और जवाबदेही को भी मजबूत किया जा सकेगा।
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प्रतिभागियों ने डैशबोर्ड और रिपोर्टों की नियमित समीक्षा, प्रदर्शन में कमियों का विश्लेषण और सफल कार्यप्रणालियों को साझा करने की आवश्यकता पर भी विचार-विमर्श किया। कार्यशाला में वित्तीय समावेशन, सामुदायिक ऋण-संपर्क और आजीविका संवर्धन में डिजिटल आंकड़ों के उपयोग पर भी चर्चा की गई। अधिकारियों के अनुसार, विश्वसनीय जानकारी के आधार पर ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक गतिविधियों और आजीविका में हो रही प्रगति का बेहतर आकलन किया जा सकता है। 13 अक्तूबर तक चलने वाली इस कार्यशाला में लोकॉस डिजिटल मंच के प्रभावी उपयोग और आंकड़ों के आधार पर बेहतर निर्णय लेने पर चर्चा की जा रही है। कार्यशाला के उद्घाटन सत्र में ग्रामीण विकास मंत्रालय के सचिव रोहित कंसल, अपर सचिव विपिन कुमार, संयुक्त सचिव अमित शुक्ला, हरियाणा राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सूरज भान और उप सचिव डॉ. मोनिका सहित केंद्र समेत कई शामिल हुए।
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लोकॉस पोर्टल से स्वयं सहायता समूहों की वित्तीय पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाने पर जोर
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। ग्रामीण आजीविका योजनाओं को अधिक प्रभावी बनाने और स्वयं सहायता समूहों की वित्तीय गतिविधियों में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए डिजिटल आंकड़ों की गुणवत्ता पर जोर दिया जा रहा है। इसी उद्देश्य से ग्रामीण विकास मंत्रालय, भारत सरकार और हरियाणा राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के संयुक्त तत्वावधान में सोमवार को आईटीसी ग्रैंड भारत में दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यशाला शुरू हुई। इससे ग्रामीण महिलाओं की आय बढ़ाने और योजनाओं की निगरानी रखने में मदद मिलेगी।
ग्रामीण विकास मंत्रालय के सचिव रोहित कंसल ने कहा कि लोकॉस डिजिटल मंच का प्रभावी उपयोग करने के लिए आंकड़ों का सटीक और विश्वसनीय होना जरूरी है। उन्होंने दोहराए गए रिकॉर्ड, अधूरी या गलत प्रविष्टियों, संस्थाओं की गलत मैपिंग और रिपोर्टों में विसंगतियों की पहचान कर उन्हें दूर करने के लिए व्यवस्थित जांच व्यवस्था मजबूत करने पर जोर दिया। डिजिटल मंच का इस्तेमाल केवल रिपोर्ट तैयार करने तक सीमित नहीं रहना चाहिए। इसके माध्यम से योजनाओं की प्रगति का आकलन करने, कमियों की पहचान करने और समय पर सुधारात्मक कदम उठाने में मदद मिलनी चाहिए।
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कार्यशाला में स्वयं सहायता समूहों, ग्राम संगठनों और क्लस्टर स्तरीय संघों की वित्तीय गतिविधियों, संस्थागत प्रगति और प्रदर्शन के आकलन में लोकॉस की भूमिका पर चर्चा हुई। विश्वसनीय आंकड़ों से जरूरतमंद संस्थाओं की पहचान कर उन्हें समय पर सहायता उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी। साथ ही वित्तीय अनुशासन और जवाबदेही को भी मजबूत किया जा सकेगा।
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प्रतिभागियों ने डैशबोर्ड और रिपोर्टों की नियमित समीक्षा, प्रदर्शन में कमियों का विश्लेषण और सफल कार्यप्रणालियों को साझा करने की आवश्यकता पर भी विचार-विमर्श किया। कार्यशाला में वित्तीय समावेशन, सामुदायिक ऋण-संपर्क और आजीविका संवर्धन में डिजिटल आंकड़ों के उपयोग पर भी चर्चा की गई। अधिकारियों के अनुसार, विश्वसनीय जानकारी के आधार पर ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक गतिविधियों और आजीविका में हो रही प्रगति का बेहतर आकलन किया जा सकता है। 13 अक्तूबर तक चलने वाली इस कार्यशाला में लोकॉस डिजिटल मंच के प्रभावी उपयोग और आंकड़ों के आधार पर बेहतर निर्णय लेने पर चर्चा की जा रही है। कार्यशाला के उद्घाटन सत्र में ग्रामीण विकास मंत्रालय के सचिव रोहित कंसल, अपर सचिव विपिन कुमार, संयुक्त सचिव अमित शुक्ला, हरियाणा राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के मुख्य कार्यकारी अधिकारी सूरज भान और उप सचिव डॉ. मोनिका सहित केंद्र समेत कई शामिल हुए।