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Gurugram News: 700 खिलाड़ियों का अटका एक करोड़ का डाइट भत्ता
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जिले की सभी खेल नर्सरियां 31 जनवरी से दो महीने के लिए होंगी बंद
शिवम राजपूत
गुरुग्राम। साल 2026 की शुरुआत में खेल नर्सरी की योजना ने खिलाड़ियों को चिंता में डाल दिया है। जिले की सभी 37 खेल नर्सरियां 31 जनवरी 2026 से दो महीने के लिए बंद होने जा रही हैं। इनमें सरकारी प्रशिक्षकों द्वारा संचालित नर्सरियां भी शामिल हैं, जिससे अभ्यास कर रहे खिलाड़ियों का भविष्य अधर में है।
वहीं, वर्ष 2025 से अब तक लगभग 715 खिलाड़ियों को उनका डाइट भत्ता नसीब नहीं हुआ है। मुख्यालय में करीब 1 करोड़ रुपये से अधिक की राशि अटकी हुई है। नियमानुसार, 8-14 वर्ष के बच्चों को 1500 रुपये और 15-19 वर्ष के खिलाड़ियों को 2000 रुपये मासिक राशि मिलती है। सबसे बड़ी विडंबना यह है कि प्रदेश का खेल बजट चार गुना बढ़ने के बावजूद आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चे संतुलित आहार को तरस रहे हैं। पोषक तत्व न मिलने के कारण उनके शारीरिक विकास और खेल प्रदर्शन पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। यह स्थिति खेल नर्सरी योजना की वर्तमान बदहाली और उभरते खिलाड़ियों के सामने आ रही गंभीर चुनौतियों को उजागर करती है।
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खिलाड़ियों के खुराक भत्ता के लिए मुख्यालय को डिमांड भेजी हुई है। जैसे ही बजट जारी होगा, राशि सीधे खातों में डाल दी जाएगी। इसके लिए खिलाड़ियों का डाटा तैयार कर लिया गया है। - आरती कोहली, जिला खेल अधिकारी
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शिवम राजपूत
गुरुग्राम। साल 2026 की शुरुआत में खेल नर्सरी की योजना ने खिलाड़ियों को चिंता में डाल दिया है। जिले की सभी 37 खेल नर्सरियां 31 जनवरी 2026 से दो महीने के लिए बंद होने जा रही हैं। इनमें सरकारी प्रशिक्षकों द्वारा संचालित नर्सरियां भी शामिल हैं, जिससे अभ्यास कर रहे खिलाड़ियों का भविष्य अधर में है।
वहीं, वर्ष 2025 से अब तक लगभग 715 खिलाड़ियों को उनका डाइट भत्ता नसीब नहीं हुआ है। मुख्यालय में करीब 1 करोड़ रुपये से अधिक की राशि अटकी हुई है। नियमानुसार, 8-14 वर्ष के बच्चों को 1500 रुपये और 15-19 वर्ष के खिलाड़ियों को 2000 रुपये मासिक राशि मिलती है। सबसे बड़ी विडंबना यह है कि प्रदेश का खेल बजट चार गुना बढ़ने के बावजूद आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चे संतुलित आहार को तरस रहे हैं। पोषक तत्व न मिलने के कारण उनके शारीरिक विकास और खेल प्रदर्शन पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। यह स्थिति खेल नर्सरी योजना की वर्तमान बदहाली और उभरते खिलाड़ियों के सामने आ रही गंभीर चुनौतियों को उजागर करती है।
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खिलाड़ियों के खुराक भत्ता के लिए मुख्यालय को डिमांड भेजी हुई है। जैसे ही बजट जारी होगा, राशि सीधे खातों में डाल दी जाएगी। इसके लिए खिलाड़ियों का डाटा तैयार कर लिया गया है। - आरती कोहली, जिला खेल अधिकारी
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