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Gurugram News: प्रतिबंध के बावजूद रात में धड़ल्ले से चल रहे हैं क्रशर प्लांट
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केंद्र एवं जिला प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के आदेशों की धज्जियां उड़ा रहे हैं प्लांट स्वामी
पुष्पेंद्र शर्मा
फिरोजपुर झिरका। दिल्ली-एनसीआर में तेजी से बढ़ रहे वायु प्रदूषण को कंट्रोल करने के लिए बीते दिनों केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा ग्रेप-4 लागू किया गया है। इसमें खनन व इससे संबंधित तमाम कार्यों पर आगामी आदेशों तक प्रतिबंध है, लेकिन मेवात क्षेत्र में सरकारी आदेशों को ठेंगा दिखाकर बीवां और छपरा तथा नांगल क्रशर जोन में लगे प्लांटों को धड़ल्ले से चलाया जा रहा है। यहां केवल क्रशर प्लांट ही नहीं चल रहे, बल्कि वे वाहन भी सरपट सड़कों पर दौड़ रहे हैं जिन्हें खनिज सामग्री ढोने के लिए बोर्ड द्वारा प्रतिबंधित किया गया था।
बता दें कि दिल्ली-एनसीआर सहित मेवात क्षेत्र में इस बार प्रदूषण के स्तर ने सभी की चिंताएं बढ़ा रखी हैं। 18 नवंबर से 24 नवंबर तक सभी सरकारी और गैर सरकारी स्कूलों की छुट्टियां कर दी गई है। उधर प्रदूषण को कंट्रोल करने के लिए सरकारों की ओर से व्यापक कदम उठाए गए हैं, लेकिन जिला नूंह में सरकारी आदेश केवल कागजों पर दिखाई दे रहे हैं। यहां रात्रि में क्रशर प्लांट और खनिज सामग्री ढोने वाले वाहन कि धड़ल्ले से दौड़ते नजर आ रहे हैं।
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कम नहीं हो रहा प्रदूषण का स्तर :
बीते कई दिनों से दिल्ली एनसीआर के वायु गुणवत्ता सूचकांक में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। वायु गुणवत्ता सूचकांक निम्न स्तर पर आने से इस क्षेत्र में प्रदूषण का स्तर भी तेजी से बढ़ रहा है। वायु प्रदूषण पर कंट्रोल करने की दिशा में राज्य सरकार एवं संबंधित विभाग अपने अपने स्तर पर प्रयास कर रहे हैं लेकिन वायु प्रदूषण का ग्राफ कम होने की बजाए तेजी से बढ़ता जा रहा है। कारण साफ है जिन चीजों को केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा प्रतिबंधित किया गया है, उनपर प्रतिबंध का असर शायद दिखाई नहीं दे रहा है। यही वजह है कि सीमा से सटे क्रशर जोन में धड़ल्ले से खनिज कार्यों को किया जा रहा है।
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दिन में दिखावा और रात में उल्लंघन :
सीमा से सटे क्रशर जोन में लगाए गए प्रतिबंध का असर दिखाई तो दे रहा है, लेकिन वो केवल दिन में ही दिखाई देता है। क्योंकि शाम होते ही यहां लगे सभी क्रशर प्लांट व खनिज कार्यों का कार्य शुरू हो जाता है। प्लांट मालिकों द्वारा महज दिखावे के लिए की जा रही इस खानापूर्ति से न केवल सरकारी आदेशों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं, बल्कि दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में प्रदूषण को भी बढ़ावा देने का काम किया जा रहा है। लोगों का आरोप है कि प्रशासन की मिलीभगत से ये सब संभव हो रहा है।
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यदि प्रतिबंधों की अवहेलना की जा रही है तो निश्चित ही यह गंभीर मामला है। जल्द ही उपरोक्त क्षेत्र का दौरा कर जांच पड़ताल की जाएगी। अवहेलना करने वालों पर शिकंजा कसा जाएगा और कानूनी कार्रवाई भी करेंगे।
विपिन कुमार, क्षेत्रीय अधिकारी जिला प्रदूषण नियंत्रक बोर्ड नूंह।
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पुष्पेंद्र शर्मा
फिरोजपुर झिरका। दिल्ली-एनसीआर में तेजी से बढ़ रहे वायु प्रदूषण को कंट्रोल करने के लिए बीते दिनों केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा ग्रेप-4 लागू किया गया है। इसमें खनन व इससे संबंधित तमाम कार्यों पर आगामी आदेशों तक प्रतिबंध है, लेकिन मेवात क्षेत्र में सरकारी आदेशों को ठेंगा दिखाकर बीवां और छपरा तथा नांगल क्रशर जोन में लगे प्लांटों को धड़ल्ले से चलाया जा रहा है। यहां केवल क्रशर प्लांट ही नहीं चल रहे, बल्कि वे वाहन भी सरपट सड़कों पर दौड़ रहे हैं जिन्हें खनिज सामग्री ढोने के लिए बोर्ड द्वारा प्रतिबंधित किया गया था।
बता दें कि दिल्ली-एनसीआर सहित मेवात क्षेत्र में इस बार प्रदूषण के स्तर ने सभी की चिंताएं बढ़ा रखी हैं। 18 नवंबर से 24 नवंबर तक सभी सरकारी और गैर सरकारी स्कूलों की छुट्टियां कर दी गई है। उधर प्रदूषण को कंट्रोल करने के लिए सरकारों की ओर से व्यापक कदम उठाए गए हैं, लेकिन जिला नूंह में सरकारी आदेश केवल कागजों पर दिखाई दे रहे हैं। यहां रात्रि में क्रशर प्लांट और खनिज सामग्री ढोने वाले वाहन कि धड़ल्ले से दौड़ते नजर आ रहे हैं।
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कम नहीं हो रहा प्रदूषण का स्तर :
बीते कई दिनों से दिल्ली एनसीआर के वायु गुणवत्ता सूचकांक में लगातार गिरावट दर्ज की जा रही है। वायु गुणवत्ता सूचकांक निम्न स्तर पर आने से इस क्षेत्र में प्रदूषण का स्तर भी तेजी से बढ़ रहा है। वायु प्रदूषण पर कंट्रोल करने की दिशा में राज्य सरकार एवं संबंधित विभाग अपने अपने स्तर पर प्रयास कर रहे हैं लेकिन वायु प्रदूषण का ग्राफ कम होने की बजाए तेजी से बढ़ता जा रहा है। कारण साफ है जिन चीजों को केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड द्वारा प्रतिबंधित किया गया है, उनपर प्रतिबंध का असर शायद दिखाई नहीं दे रहा है। यही वजह है कि सीमा से सटे क्रशर जोन में धड़ल्ले से खनिज कार्यों को किया जा रहा है।
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दिन में दिखावा और रात में उल्लंघन :
सीमा से सटे क्रशर जोन में लगाए गए प्रतिबंध का असर दिखाई तो दे रहा है, लेकिन वो केवल दिन में ही दिखाई देता है। क्योंकि शाम होते ही यहां लगे सभी क्रशर प्लांट व खनिज कार्यों का कार्य शुरू हो जाता है। प्लांट मालिकों द्वारा महज दिखावे के लिए की जा रही इस खानापूर्ति से न केवल सरकारी आदेशों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं, बल्कि दिल्ली-एनसीआर क्षेत्र में प्रदूषण को भी बढ़ावा देने का काम किया जा रहा है। लोगों का आरोप है कि प्रशासन की मिलीभगत से ये सब संभव हो रहा है।
यदि प्रतिबंधों की अवहेलना की जा रही है तो निश्चित ही यह गंभीर मामला है। जल्द ही उपरोक्त क्षेत्र का दौरा कर जांच पड़ताल की जाएगी। अवहेलना करने वालों पर शिकंजा कसा जाएगा और कानूनी कार्रवाई भी करेंगे।
विपिन कुमार, क्षेत्रीय अधिकारी जिला प्रदूषण नियंत्रक बोर्ड नूंह।