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Gurugram News: उपायुक्त ने घासेड़ा में किया जनगणना कार्य का निरीक्षण
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- कहा, जनगणना-2027 का पहला चरण शुरू, कर्मचारी घर-घर जाकर कर रहे डाटा संग्रहित
संवाद न्यूज एजेंसी
नूंह। जिले में जनगणना-2027 का कार्य दो चरणों में किया जाएगा। पहले चरण के तहत मकान सूचीकरण और आवास गणना का कार्य 1 मई से शुरू हो गया हो, जोकि पूरे माह चलेगा। इस चरण में जनगणना कार्य में लगे कर्मचारी, अधिकारी घरों की स्थिति, सुविधाओं और संपत्तियों से जुड़े 33 प्रश्नों के उत्तर एकत्र कर रहे हैं। दूसरे चरण में फरवरी 2027 में घर के सदस्यों की जनसांख्यिकीय, सामाजिक-आर्थिक और सांस्कृतिक जानकारी दर्ज की जाएगी।
उपायुक्त अखिल पिलानी ने बुधवार को घासेड़ा गांव में चल रहे जनगणना व मकान सूचीकरण कार्य के निरीक्षण करने के बाद पत्रकारों से बातचीत के दौरान बताया कि जनगणना अधिनियम की धारा 15 के तहत सभी नागरिकों की जानकारी पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी और किसी भी सरकारी लाभ पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा। इसलिए लोगों से अपील की गई है कि वे इस कार्य में पूर्ण सहयोग करें और सही जानकारी दें। उन्होंने ग्रामीणों को जनगणना के लाभों के बारे में भी जागरूक किया और कर्मचारियों द्वारा किए जा रहे कार्य की समीक्षा की।
उपायुक्त ने बताया कि भारत में जनगणना एक ऐतिहासिक और सबसे बड़ी प्रशासनिक प्रक्रिया है। जनगणना-2027 देश की पहली डिजिटल जनगणना होगी, जिसमें कर्मचारी मोबाइल ऐप और टैबलेट के माध्यम से डेटा संग्रह कर रहे हैं। यह डेटा सीधे सिस्टम में अपलोड होगा और पूरे कार्य की रियल-टाइम मॉनिटरिंग की जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि इस बार जातिगत डेटा भी एकत्र किया जा रहा है। यह आंकड़े देश में नीति निर्धारण और नई योजनाओं के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। साथ ही यह साक्षरता, रोजगार, धर्म, जाति और विकलांगता जैसे सामाजिक-आर्थिक पहलुओं को समझने में मददगार साबित होंगे।
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नूंह। जिले में जनगणना-2027 का कार्य दो चरणों में किया जाएगा। पहले चरण के तहत मकान सूचीकरण और आवास गणना का कार्य 1 मई से शुरू हो गया हो, जोकि पूरे माह चलेगा। इस चरण में जनगणना कार्य में लगे कर्मचारी, अधिकारी घरों की स्थिति, सुविधाओं और संपत्तियों से जुड़े 33 प्रश्नों के उत्तर एकत्र कर रहे हैं। दूसरे चरण में फरवरी 2027 में घर के सदस्यों की जनसांख्यिकीय, सामाजिक-आर्थिक और सांस्कृतिक जानकारी दर्ज की जाएगी।
उपायुक्त अखिल पिलानी ने बुधवार को घासेड़ा गांव में चल रहे जनगणना व मकान सूचीकरण कार्य के निरीक्षण करने के बाद पत्रकारों से बातचीत के दौरान बताया कि जनगणना अधिनियम की धारा 15 के तहत सभी नागरिकों की जानकारी पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी और किसी भी सरकारी लाभ पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा। इसलिए लोगों से अपील की गई है कि वे इस कार्य में पूर्ण सहयोग करें और सही जानकारी दें। उन्होंने ग्रामीणों को जनगणना के लाभों के बारे में भी जागरूक किया और कर्मचारियों द्वारा किए जा रहे कार्य की समीक्षा की।
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उपायुक्त ने बताया कि भारत में जनगणना एक ऐतिहासिक और सबसे बड़ी प्रशासनिक प्रक्रिया है। जनगणना-2027 देश की पहली डिजिटल जनगणना होगी, जिसमें कर्मचारी मोबाइल ऐप और टैबलेट के माध्यम से डेटा संग्रह कर रहे हैं। यह डेटा सीधे सिस्टम में अपलोड होगा और पूरे कार्य की रियल-टाइम मॉनिटरिंग की जाएगी। उन्होंने यह भी बताया कि इस बार जातिगत डेटा भी एकत्र किया जा रहा है। यह आंकड़े देश में नीति निर्धारण और नई योजनाओं के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। साथ ही यह साक्षरता, रोजगार, धर्म, जाति और विकलांगता जैसे सामाजिक-आर्थिक पहलुओं को समझने में मददगार साबित होंगे।
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