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मोनू मानेसर के समर्थन में प्रदर्शन: रिहाई की मांग को लेकर नारेबाजी, विधायक मामन खान पर सख्त कार्रवाई की मांग
Sat, 07 Oct 2023 01:28 PM IST
शाहरुख खान
अमर उजाला नेटवर्क, गुरुग्राम
अमर उजाला नेटवर्क, गुरुग्राम
Published by: शाहरुख खान
Updated Sat, 07 Oct 2023 01:28 PM IST
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मोनू मानेसर
- फोटो : अमर उजाला
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बजरंग दल कार्यकर्ताओं के साथ विभिन्न हिंदू संगठनों से जुडे़ लोगों ने शुक्रवार को विरोध प्रदर्शन किया। गोरक्षक मोनू मानेसर और जेल में बंद अन्य गौरक्षकों की रिहाई की मांग की। एक वरिष्ठ नेता ने कहा, राष्ट्रपति, प्रधान मंत्री और गृह मंत्री को संबोधित एक ज्ञापन गुरुग्राम जिला कलेक्टर को सौंपा गया।
प्रदर्शनकारियों ने नारे लगाए और मानेसर की रिहाई, विधायक मामन खान के खिलाफ सख्त कार्रवाई के साथ ही नूंह के एसपी को बर्खास्त करने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि मोनू मानेसर को बेवजह फंसाया जा रहा है। मानेसर के खिलाफ मामलों की जांच एनआईए या सीबीआई से कराने की मांग भी की, क्योंकि उन्हें पुलिस जांच पर भरोसा नहीं है।
प्रदर्शन के दौरान आरोप लगाया है कि जुनैद और नासिर गोहत्यारे थे। अब गोरक्षकों को बदनाम किया जा रहा है। मोनू समेत कई लोगों को राजस्थान पुलिस ने झूठे मामलों में फंसाया और जेल भेज दिया। मेवात में अब केवल 15 प्रतिशत हिंदू हैं।
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ज्ञापन में कहा गया है कि नूंह हिंसा की जांच सीबीआई या एनआईए से कराई जानी चाहिए, अगर यह मांगें पूरी नहीं की गईं तो हिंदू समुदाय एक बड़ा आंदोलन शुरू करेगा। बजरंग दल का कार्यकर्ता मोनू मानेसर नासिर और जुनैद के अपहरण और हत्या के मामले में अजमेर की उच्च सुरक्षा वाली जेल में बंद था।
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प्रदर्शनकारियों ने नारे लगाए और मानेसर की रिहाई, विधायक मामन खान के खिलाफ सख्त कार्रवाई के साथ ही नूंह के एसपी को बर्खास्त करने की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि मोनू मानेसर को बेवजह फंसाया जा रहा है। मानेसर के खिलाफ मामलों की जांच एनआईए या सीबीआई से कराने की मांग भी की, क्योंकि उन्हें पुलिस जांच पर भरोसा नहीं है।
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प्रदर्शन के दौरान आरोप लगाया है कि जुनैद और नासिर गोहत्यारे थे। अब गोरक्षकों को बदनाम किया जा रहा है। मोनू समेत कई लोगों को राजस्थान पुलिस ने झूठे मामलों में फंसाया और जेल भेज दिया। मेवात में अब केवल 15 प्रतिशत हिंदू हैं।
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ज्ञापन में कहा गया है कि नूंह हिंसा की जांच सीबीआई या एनआईए से कराई जानी चाहिए, अगर यह मांगें पूरी नहीं की गईं तो हिंदू समुदाय एक बड़ा आंदोलन शुरू करेगा। बजरंग दल का कार्यकर्ता मोनू मानेसर नासिर और जुनैद के अपहरण और हत्या के मामले में अजमेर की उच्च सुरक्षा वाली जेल में बंद था।
नासिर और जुनैद के जले हुए शव 16 फरवरी को राजस्थान-हरियाणा सीमा पर एक वाहन में मिले थे। इससे पहले कुछ गौरक्षकों ने उन पर गौ तस्करी का आरोप लगाकर कथित तौर पर इनका अपहरण कर लिया था।