Delhi-Mumbai Expressway: 15 से पहले भी शुरू हो सकता है सफर, ट्रायल का काम पूरा; NHAI ने बताई अनुमानित टोल दर
चेयरमैन ने ग्राउंड रिपोर्ट का अध्ययन करने के बाद इस पर सफर शुरू करने का हिदायत दी है, जिसके बाद एनएचएआई के अधिकारी ग्राउंड रिपोर्ट की जांच में जुटे हैं।
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लंबे इंतजार के बाद दिल्ली-वडोदरा-मुंबई एक्सप्रेसवे के सोहना से दौसा खंड की वो तमाम औपचारिकताएं पूरी हो गई हैं, जिनके लिए इस पर फर्राटेदार सफर का सपना संजोया जा रहा था। रविवार को प्रधानमंत्री ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना के प्रथम खंड का लोकार्पण भी कर दिया। अब इस पर सफर के लिए भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) नए सिरे से योजना बना रहा है।
पहले एनएचएआई ने इस पर 15 फरवरी से सफर शुरू करने की योजना बनाई थी, लेकिन लोकार्पण कार्यक्रम में एनएचएआई के चेयरमैन ने अधिकारियों को 15 से पहले सफर शुरू करने की संभावनाएं खोजने का निर्देश दिया। चेयरमैन ने ग्राउंड रिपोर्ट का अध्ययन करने के बाद इस पर सफर शुरू करने का हिदायत दी है, जिसके बाद एनएचएआई के अधिकारी ग्राउंड रिपोर्ट की जांच में जुटे हैं। इस जांच पर संतुष्टि के बाद रिपोर्ट चेयरमैन के समक्ष प्रस्तुत की जाएगी।
उनकी ओर से झंडी मिलते ही इस एक्सप्रेसवे पर सफर शुरू कर दिया जाएगा। एनएचएआई के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार इस पर 15 फरवरी से पहले भी सफर शुरू किया जा सकता है। कुछ तकनीकी कारणों से पहले 15 फरवरी से सफर शुरू करने का फैसला लिया गया था। चूंकि अब तमाम औपचारिकताएं पूरी हो गई है, इसका लोकार्पण भी हो गया है। लोट और विभिन्न प्रकार के टेस्ट लोकार्पण से पहले ही कर लिए गए थे। ट्रायल भी कर बार किया जा चुका है। ऐसे में इस पर सफर की कोई औपचारिकता नहीं बची है। इसी को देखते हुए अब इस पर सफर शुरू करने की तैयारियों में बदलाव किया जा सकता है। तैयारियों की पुन: समीक्षा की जा रही है।
कई केंद्रीय मंत्रियों ने एक साथ लिया फर्राटेदार सफर का आनंद
सोहना से दौसा तक के खंड का निर्माण पूरा होने के बाद केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी के साथ केंद्रीय मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत, स्थानीय सांसद एवं केंद्रीय राज्यमंत्री राव इंद्रजीत सिंह, जनरल वीके सिंह ने पहली बार इस एक्सप्रेसवे के फर्राटेदार सफर का आनंद लिया। सभी मंत्री सोहना के अलीपुर स्थित एडवांस ट्रैफिक मैनेजमेंट सेंटर से नितिन गडकरी की कार में सवार होकर नूंह के हिलालपुर तक पहुंचे। इस दौरान गडकरी ने मंत्रियों से इसके अनुभव के बारे में भी बात की। सभी मंत्रियों ने इसे देश के विकास की भव्य तस्वीर करार देकर गडकरी और एनएचएआई के अधिकारियों की तारीफ की।
टोल के लिए फाइनल नहीं हुई दर, नियम से होगी वसूली
इस पर टोल को लेकर अभी एनएचएआई ने अनुमानित दर ही तय की है। यह ऊपर-नीचे भी हो सकती है। फिलहाल 2.17 रुपये से 2.19 रुपये औसत टोल दर वसूलने का अनुमान एनएचएआई की ओर से लगाया गया है। पूरे अध्ययन और समीक्षा के बाद इस पर टोल दर तय की जाएगी। इस पर एनएचएआई के नियम से ही टोल वसूली होगी। जिस प्रकार सामान्य हाईवे और एक्सप्रेसवे की टोल दरें होती है, उसी नियम और हिसाब से टोल दरें वसूली जाएंगी।
एनएचएआई के परियोजना निदेशक मुदित गर्ग के अनुसार एनएचएआई में निर्माण खर्च के लिहाज से टोल दरें तय करने का नियम है। सामान्य सड़क (जमीन के स्तर) की अपेक्षा ढांचागत सड़क (एलिवेटेड और फ्लाईओवर) का 10 गुना टोल लिया जाता है। इस पर इसी नियम से टोल लिया जाएगा।
मसलन, अगर किसी ने सामान्य सड़क पर 20 किलोमीटर सफर किया और किसी ने 20 किलोमीटर ढांचागत सड़क पर तो दोनों की टोल दरों में अंतर होगा। फिर भी एक औसत तय कर टोल वसूली होगी। फिलहाल 2.17 से 1.19 रुपये अनुमानित औसत दर आंकी गई है।