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करोड़ों का स्वाहा : एक साल में ही मोक्ष को प्राप्त हुई सदर्न पेरिफेरल रोड
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एसपीआर रोड पर खस्ताहाल सड़क। संवाद एक साल पहले आठ करोड़ रुपये से बनी सदर्न पेरिफेरल रोड बदह
गड्ढों में पानी भरने से वाहन चालकों की बढ़ी परेशानी, हादसे का बना रहता है खतरा
नंबर गेम - 08 करोड़ रुपये से बनी थी
संवाद न्यूज एजेंसी
बादशाहपुर। सदर्न पेरिफेरल रोड (एसपीआर) पर करीब एक साल पहले लगभग आठ करोड़ रुपये की राशि खर्च कर सड़क का निर्माण कराया गया था, लेकिन निर्माण के महज एक साल बाद ही सड़क की हालत इतनी खराब हो गई है कि देखकर ऐसा लगता है जैसे सड़क को बने कई दशक बीत चुके हों। सड़क पर जगह-जगह गहरे गड्ढे बने हुए हैं और इनमें पानी भी भरा हुआ है। इनकी मरम्मत पर संबंधित विभाग की ओर से कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है
एसपीआर शहर के प्रमुख क्षेत्रों को जोड़ती है। इसके बावजूद सड़क की मरम्मत पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। फिलहाल बदहाली के कारण वाहन चालकों और राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई स्थानों पर गड्ढों में पानी भरा हुआ है। इससे वाहन चालकों के लिए गड्ढों की गहराई का अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाता है, जिससे दुर्घटना होने की आशंका बनी रहती है। खासकर दोपहिया वाहन चालकों के लिए स्थिति अधिक जोखिम भरी बनी हुई है।
बाइक सवार दिनेश सोनी ने बताया कि इन गड्ढों से दोपहिया वाहन चालक लगातार परेशान हो रहे हैं। कई बार पानी से भरे गड्ढे दिखाई नहीं देते और वाहन का पहिया अचानक उसमें चला जाता है। इससे वाहन का संतुलन बिगड़ने की स्थिति बन जाती है। उन्होंने बताया कि सड़क की मरम्मत समय पर नहीं होने से समस्या लगातार बढ़ रही है। सरकार के करोड़ों रुपये खर्च करने के बाद भी सड़क एक साल में ही जर्जर हो गई है।
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नंबर गेम - 08 करोड़ रुपये से बनी थी
संवाद न्यूज एजेंसी
बादशाहपुर। सदर्न पेरिफेरल रोड (एसपीआर) पर करीब एक साल पहले लगभग आठ करोड़ रुपये की राशि खर्च कर सड़क का निर्माण कराया गया था, लेकिन निर्माण के महज एक साल बाद ही सड़क की हालत इतनी खराब हो गई है कि देखकर ऐसा लगता है जैसे सड़क को बने कई दशक बीत चुके हों। सड़क पर जगह-जगह गहरे गड्ढे बने हुए हैं और इनमें पानी भी भरा हुआ है। इनकी मरम्मत पर संबंधित विभाग की ओर से कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है
एसपीआर शहर के प्रमुख क्षेत्रों को जोड़ती है। इसके बावजूद सड़क की मरम्मत पर ध्यान नहीं दिया जा रहा है। फिलहाल बदहाली के कारण वाहन चालकों और राहगीरों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कई स्थानों पर गड्ढों में पानी भरा हुआ है। इससे वाहन चालकों के लिए गड्ढों की गहराई का अंदाजा लगाना मुश्किल हो जाता है, जिससे दुर्घटना होने की आशंका बनी रहती है। खासकर दोपहिया वाहन चालकों के लिए स्थिति अधिक जोखिम भरी बनी हुई है।
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बाइक सवार दिनेश सोनी ने बताया कि इन गड्ढों से दोपहिया वाहन चालक लगातार परेशान हो रहे हैं। कई बार पानी से भरे गड्ढे दिखाई नहीं देते और वाहन का पहिया अचानक उसमें चला जाता है। इससे वाहन का संतुलन बिगड़ने की स्थिति बन जाती है। उन्होंने बताया कि सड़क की मरम्मत समय पर नहीं होने से समस्या लगातार बढ़ रही है। सरकार के करोड़ों रुपये खर्च करने के बाद भी सड़क एक साल में ही जर्जर हो गई है।
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