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समय पर निर्माण व पजेशन नहीं देने पर हरेरा ने दो बिल्डरों के खाते किए सीज
Updated Fri, 03 Aug 2018 11:24 PM IST
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समय पर निर्माण नहीं करने पर दो बिल्डरों के खाते सीज
-ग्रीनोपोलिस प्रोजेक्ट में 40-50 प्रतिशत ही हुआ निर्माण
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। हरियाणा रियल एस्टेट रेग्युलेटरी अथॉरिटी (हरेरा) गुरुग्राम ने सेक्टर-89 में अधूरे पड़े ग्रीनोपोलिस नामक रीयल एस्टेट प्रोजेक्ट को पूरा नहीं करने पर ओरिस इंफ्रास्ट्रक्चर और थ्री-सी शेल्टर इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड के बैंक खाते सीज कर दिए हैं। इसी के साथ इन प्रोजेक्ट को अपनी निगरानी में पूरा कराने का निर्णय लिया है। निवेशकों को पैसा वापस देने का रास्ता भी खोल दिया है।
हरेरा गुरुग्राम के चेयरमैन डॉ. केके खंडेलवाल ने शनिवार को प्रेसवार्ता में बताया कि गुरुग्राम के सेक्टर-89 में ग्रीनोपोलिस नामक प्रोजेक्ट में 1862 आवंटियों को फ्लैट आवंटित किए गए हैं और ये आवंटी फ्लैट की 80 प्रतिशत से ज्यादा कीमत अदा कर चुके हैं जबकि फ्लैटों का निर्माण कार्य 40 से 50 प्रतिशत ही हुआ है। इस प्रोजेक्ट के लिए ओरिस इंफ्रास्ट्रक्चर द्वारा 2011 में लाइसेंस लिया गया था और आवंटियों को 2012 और 2013 में फ्लैट आवंटित किए गए। दिसंबर-2015 में पजेशन दिया जाना था, जो नहीं दिया गया। उन्होंने बताया कि शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि ओरिस इंफ्रास्ट्रक्चर ने फ्लैटों की बुकिंग से 300 करोड़ तथा थ्री सी इंफ्रास्ट्रक्चर ने 800 करोड़ रुपये की राशि एकत्रित कर ली लेकिन इतना पैसा प्रोजेक्ट में निर्माण पर नहीं लगाया। कहा गया कि प्रोजेक्ट को पूरा करने पर अभी लगभग 500 करोड़ रुपए और लगेंगे। 82 करोड़ रुपये ईडीसी बकाया है। इस हिसाब से प्रोजेक्ट लागत 582 करोड़ रुपये आएगी।
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-ग्रीनोपोलिस प्रोजेक्ट में 40-50 प्रतिशत ही हुआ निर्माण
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। हरियाणा रियल एस्टेट रेग्युलेटरी अथॉरिटी (हरेरा) गुरुग्राम ने सेक्टर-89 में अधूरे पड़े ग्रीनोपोलिस नामक रीयल एस्टेट प्रोजेक्ट को पूरा नहीं करने पर ओरिस इंफ्रास्ट्रक्चर और थ्री-सी शेल्टर इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड के बैंक खाते सीज कर दिए हैं। इसी के साथ इन प्रोजेक्ट को अपनी निगरानी में पूरा कराने का निर्णय लिया है। निवेशकों को पैसा वापस देने का रास्ता भी खोल दिया है।
हरेरा गुरुग्राम के चेयरमैन डॉ. केके खंडेलवाल ने शनिवार को प्रेसवार्ता में बताया कि गुरुग्राम के सेक्टर-89 में ग्रीनोपोलिस नामक प्रोजेक्ट में 1862 आवंटियों को फ्लैट आवंटित किए गए हैं और ये आवंटी फ्लैट की 80 प्रतिशत से ज्यादा कीमत अदा कर चुके हैं जबकि फ्लैटों का निर्माण कार्य 40 से 50 प्रतिशत ही हुआ है। इस प्रोजेक्ट के लिए ओरिस इंफ्रास्ट्रक्चर द्वारा 2011 में लाइसेंस लिया गया था और आवंटियों को 2012 और 2013 में फ्लैट आवंटित किए गए। दिसंबर-2015 में पजेशन दिया जाना था, जो नहीं दिया गया। उन्होंने बताया कि शिकायतकर्ताओं का आरोप है कि ओरिस इंफ्रास्ट्रक्चर ने फ्लैटों की बुकिंग से 300 करोड़ तथा थ्री सी इंफ्रास्ट्रक्चर ने 800 करोड़ रुपये की राशि एकत्रित कर ली लेकिन इतना पैसा प्रोजेक्ट में निर्माण पर नहीं लगाया। कहा गया कि प्रोजेक्ट को पूरा करने पर अभी लगभग 500 करोड़ रुपए और लगेंगे। 82 करोड़ रुपये ईडीसी बकाया है। इस हिसाब से प्रोजेक्ट लागत 582 करोड़ रुपये आएगी।
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