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Gurugram News: पूर्व कर्मचारी पर एफआईआर दर्ज कराने की मांग अदालत ने ठुकराई

Wed, 21 Oct 2026 08:35 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Wed, 21 Oct 2026 08:35 PM IST
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Court rejects demand to file FIR against former employee
- कंपनी ने 6.50 लाख रुपये के गबन का लगाया था आरोप, अदालत ने विवाद को दीवानी प्रकृति का माना
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अदालत से -
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट मनीष कुमार की अदालत ने इम्प्लांटियम इंडिया प्राइवेट लिमिटेड की उस याचिका को खारिज कर दिया, जिसमें पूर्व सहायक प्रबंधक प्रभु दयाल के खिलाफ आपराधिक विश्वासघात और धोखाधड़ी के आरोप में एफआईआर दर्ज कराने की मांग की गई थी। अदालत ने विवाद को मुख्य रूप से दीवानी प्रकृति का मानते हुए एफआईआर दर्ज करने का आदेश देने से इन्कार कर दिया।
कंपनी ने आरोप लगाया था कि प्रभु दयाल ने सहायक प्रबंधक के पद पर कार्यरत रहते हुए करीब 6,50,859 रुपये का गबन किया। यह रकम ग्राहकों से भुगतान संग्रह करने और लौटाए गए सामान के प्रबंधन से संबंधित थी। कंपनी के अनुसार, पूर्व कर्मचारी ने इन भुगतानों को जमा नहीं कराया या उनका उचित हिसाब नहीं दिया। कंपनी ने 30 अक्तूबर 2025 को पुलिस में शिकायत दी थी। हालांकि, एफआईआर दर्ज नहीं होने पर उसने अदालत का रुख किया। पुलिस ने अपनी कार्रवाई रिपोर्ट में बताया कि शिकायत की जांच की गई थी। जांच के दौरान प्रभु दयाल ने आरोपों को निराधार और विलंब से लगाए गए आरोप बताया। पुलिस के अनुसार, कंपनी ऑडिट रिपोर्ट या आरोपों के समर्थन में अन्य दस्तावेज पेश नहीं कर सकी। इसके बाद मामले को मौद्रिक लेनदेन से जुड़ा मानते हुए शिकायत बंद कर दी गई।
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दो साल की देरी पर भी उठाए सवाल-
अदालत ने पाया कि प्रभु दयाल के जून-जुलाई 2023 में इस्तीफा देने और अक्तूबर-नवंबर 2025 में पुलिस शिकायत किए जाने के बीच करीब दो साल का अंतर था। कंपनी इस देरी का संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं दे सकी। अदालत ने यह भी ध्यान दिया कि पुलिस पहले ही जांच कर चुकी थी और कंपनी समकालीन रिकॉर्ड या सहायक ऑडिट दस्तावेज पेश करने में विफल रही। अदालत के अनुसार, विवाद मुख्य रूप से नियोक्ता और पूर्व कर्मचारी के बीच धन की वसूली और लेखा-जोखा से संबंधित है। इसी आधार पर एफआईआर दर्ज कराने की मांग खारिज कर दी गई।
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