{"_id":"6313513a4e218162f9307067","slug":"court-gurgaon-news-noi6684719168","type":"story","status":"publish","title_hn":"अदालत में बिजली चोरी के आरोप मिला गलत, 24 प्रतिशत ब्याज के साथ धन वापसी का आदेश","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अदालत में बिजली चोरी के आरोप मिला गलत, 24 प्रतिशत ब्याज के साथ धन वापसी का आदेश
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गुरुग्राम। छह साल पहले बिजली के मीटर से छेड़छाड़ कर बिजली चोरी करने का आरोप बिजली निगम ने सेना के सेवानिवृत अधिकारी पर लगाया था। विभाग ने उन पर 1.17 लाख का जुर्माना भी लगा दिया था। उपभोक्ता ने जुर्माने का भुगतान कर बिजली निगम के खिलाफ अदालत में केस दायर कर दिया था। मामले की सुनवाई करते हुए सिविल जज हिमानी गिल की अदालत ने फैसला सुनाते हुए बिजली निगम द्वारा उपभोक्ता पर बिजली चोरी के आरोप को गलत करार कर दिया। बिजली निगम को आदेश दिया है कि जमा कराई गई जुर्माना राशि 24 प्रतिशत वार्षिक ब्याज दर से वापस करें।
पीड़ित के अधिवक्ता क्षितिज मेहता से प्राप्त जानकारी के अनुसार वर्ष 2016 की 5 अक्तूबर को बिजली निगम के कर्मचारियों ने साउथ सिटी फेस 2 के सेवानिवृत अधिकारी बलराम सिंह पर आरोप लगाए थे कि उनका बिजली का मीटर लैबोरेट्री में जांच कराया गया था और उसकी सील टैंपर्ड पाई गई थी। इससे स्पष्ट होता है कि उपभोक्ता बिजली की चोरी करता आ रहा था और उस पर एक लाख 17 हजार 774 रुपए का जुर्माना भी लगा दिया था। साथ ही उसे यह धमकी भी दी गई थी कि यदि उसने जुर्माना की राशि जमा नहीं कराई तो उसका बिजली का कनेक्शन काट दिया जाएगा। जिस पर उपभोक्ता ने जुर्माना भर दिया था। अधिवक्ता का कहना है कि इससे पूर्व भी बिजली निगम द्वारा उपभोक्ताओं पर लगाए गए बिजली चोरी के कई मामले विभिन्न अदालतों द्वारा गलत करार दिए गए हैं।
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पीड़ित के अधिवक्ता क्षितिज मेहता से प्राप्त जानकारी के अनुसार वर्ष 2016 की 5 अक्तूबर को बिजली निगम के कर्मचारियों ने साउथ सिटी फेस 2 के सेवानिवृत अधिकारी बलराम सिंह पर आरोप लगाए थे कि उनका बिजली का मीटर लैबोरेट्री में जांच कराया गया था और उसकी सील टैंपर्ड पाई गई थी। इससे स्पष्ट होता है कि उपभोक्ता बिजली की चोरी करता आ रहा था और उस पर एक लाख 17 हजार 774 रुपए का जुर्माना भी लगा दिया था। साथ ही उसे यह धमकी भी दी गई थी कि यदि उसने जुर्माना की राशि जमा नहीं कराई तो उसका बिजली का कनेक्शन काट दिया जाएगा। जिस पर उपभोक्ता ने जुर्माना भर दिया था। अधिवक्ता का कहना है कि इससे पूर्व भी बिजली निगम द्वारा उपभोक्ताओं पर लगाए गए बिजली चोरी के कई मामले विभिन्न अदालतों द्वारा गलत करार दिए गए हैं।
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