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Gurugram News: हड़ताल को सफल बनाने के लिए शुरू किया संपर्क अभियान
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एआईयूटीयूसी के सदस्यों की टीमें बनाकर कर्मचारियों को किया जा रहा जागरूक
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। देशव्यापी औद्योगिक हड़ताल को सफल बनाने के लिए ऑल इंडिया यूनाइटेड ट्रेड यूनियन सेंटर (एआईयूटीयूसी) ने संपर्क अभियान तेज कर दिया है। कामरेड श्रवण कुमार ने संगठन के सदस्यों की तीन अलग-अलग टीम बनाकर औद्योगिक क्षेत्र में कर्मचारियों की मांगों को लेकर जागरूकता अभियान चलाया। उन्होंने कहा कि केंद्र व राज्य सरकार की मजदूर, किसान, कर्मचारी विरोधी नीतियों के खिलाफ श्रमिक वर्ग में आक्रोश है। 16 फरवरी को औद्योगिक हड़ताल व ग्रामीण क्षेत्र के बंद को सफल करने के लिए मजदूर वर्ग में खासा उत्साह है। केंद्र की बीजेपी सरकार ने श्रम कानूनों में पूंजीपतियों के हित में बदलाव किए हैं। श्रम कानून को समाप्त करते हुए चार लेबर कोड बना दिए गए हैं। सरकारी विभागों का धड़ल्ले से निजीकरण किया जा रहा है। पीएसयू को कौड़ियों के भाव बेचा जा रहा है। लंबे समय से कर्मचारी पुरानी पेंशन की मांग कर रहे हैं। श्रवण ने कहा कि पक्के कर्मचारियों की जगह कौशल रोजगार को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि कच्चे कर्मचारियों को पक्का नहीं किया जा रहा है। एमएसपी को कानूनी गारंटी अभी तक नहीं दी गई है। कामरेड ने मजदूरों से आग्रह किया है कि 16 फरवरी की हड़ताल व ग्रामीण क्षेत्र के बंद को सफल बनाने में अपना पूरा सहयोग दें।
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अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। देशव्यापी औद्योगिक हड़ताल को सफल बनाने के लिए ऑल इंडिया यूनाइटेड ट्रेड यूनियन सेंटर (एआईयूटीयूसी) ने संपर्क अभियान तेज कर दिया है। कामरेड श्रवण कुमार ने संगठन के सदस्यों की तीन अलग-अलग टीम बनाकर औद्योगिक क्षेत्र में कर्मचारियों की मांगों को लेकर जागरूकता अभियान चलाया। उन्होंने कहा कि केंद्र व राज्य सरकार की मजदूर, किसान, कर्मचारी विरोधी नीतियों के खिलाफ श्रमिक वर्ग में आक्रोश है। 16 फरवरी को औद्योगिक हड़ताल व ग्रामीण क्षेत्र के बंद को सफल करने के लिए मजदूर वर्ग में खासा उत्साह है। केंद्र की बीजेपी सरकार ने श्रम कानूनों में पूंजीपतियों के हित में बदलाव किए हैं। श्रम कानून को समाप्त करते हुए चार लेबर कोड बना दिए गए हैं। सरकारी विभागों का धड़ल्ले से निजीकरण किया जा रहा है। पीएसयू को कौड़ियों के भाव बेचा जा रहा है। लंबे समय से कर्मचारी पुरानी पेंशन की मांग कर रहे हैं। श्रवण ने कहा कि पक्के कर्मचारियों की जगह कौशल रोजगार को बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि कच्चे कर्मचारियों को पक्का नहीं किया जा रहा है। एमएसपी को कानूनी गारंटी अभी तक नहीं दी गई है। कामरेड ने मजदूरों से आग्रह किया है कि 16 फरवरी की हड़ताल व ग्रामीण क्षेत्र के बंद को सफल बनाने में अपना पूरा सहयोग दें।