{"_id":"69de25f4474e52271c036db9","slug":"conquering-the-waves-even-jellyfish-stings-could-not-halt-the-journey-gurgaon-news-c-24-1-gur1002-84885-2026-04-14","type":"story","status":"publish","title_hn":"Gurugram News: लहरों पर फतह...जेलीफिश के डंक भी नहीं रोक पाए कदम","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Gurugram News: लहरों पर फतह...जेलीफिश के डंक भी नहीं रोक पाए कदम
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
समुद्र में 58 किमी तैरकर काम्या भारद्वाज ने रचा इतिहास, बनाया नया रिकॉर्ड
नंबर गेम - 18 घंटे 15 मिनट में तय कर बनाया इतिहास
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। तैराक काम्या भारद्वाज ने लहरों पर फतह हासिल कर एक नया कीर्तिमान बनाया है। उन्होंने समुद्र में 58 किलोमीटर की दूरी महज 18 घंटे 15 मिनट में तय कर नया इतिहास रच दिया है। इस उपलब्धि के साथ ही उन्होंने त्रिपुरा की सुचेता दास बर्मन का 19 घंटे 20 मिनट का पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया। प्रतियोगिता के दौरान जेलीफिश के डंक भी उनके कदम नहीं रोक पाए।
काम्या ने 12 अप्रैल को दोपहर करीब 1:30 बजे तमिलनाडु के धनुषकोडी समुद्र तट से अपनी तैराकी की शुरुआत की। ओपन वाटर स्विमिंग अकादमी, थेनी के नेतृत्व में शुरू हुई यह चुनौतीपूर्ण तैराकी श्रीलंका के थलाईमन्नार तक पहुंची और फिर वहां से वापसी करते हुए 13 अप्रैल की सुबह 7:45 बजे पुनः धनुषकोडी पर समाप्त हुई। एक तरफ की दूरी लगभग 29 किलोमीटर रही।
तैराकी के दौरान उन्हें जेलीफिश के हमले का भी सामना करना पड़ा। बचाव के लिए विशेष केमिकल का उपयोग करने के बावजूद कई जेलीफिश उनके शरीर से चिपक गईं, जिससे उन्हें दर्द सहते हुए तैरना पड़ा। इस दौरान सबसे खास बात यह रही कि काम्या ने बिना किसी विश्राम के लगातार तैराकी जारी रखी। उन्होंने बताया कि सामान्यतः समुद्री क्षेत्र में पानी शांत रहता है और ऊंची लहरें नहीं उठतीं, लेकिन वापसी के दौरान रात में समुद्र में तेज लहरों ने उनके सामने बड़ी चुनौती खड़ी कर दी।
विज्ञापन
काम्या के अनुसार, एक समय ऐसा भी आया जब उन्हें लगा कि लहरों के कारण उनका लक्ष्य समय पर पूरा नहीं हो पाएगा। यहां तक कि साथ चल रहे विशेषज्ञों ने उन्हें सुरक्षा के लिहाज से नाव पर आने की सलाह भी दी, लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और अपने लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए तैरती रहीं। आखिरकार उन्होंने ऊंची लहरों को पार करते हुए यह रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया।
इस उपलब्धि पर खुशी जताते हुए काम्या ने कहा कि यह उनके लिए गर्व का क्षण है और उन्होंने यह रिकॉर्ड बनाने के लिए कड़ी मेहनत की थी। काम्या भारद्वाज दिल्ली विश्वविद्यालय के दयाल सिंह कॉलेज की बीएससी जूलॉजी ऑनर्स की छात्रा हैं। उनकी इस सफलता से जिला ही नहीं, पूरे देश में खुशी का माहौल है।
विज्ञापन
नंबर गेम - 18 घंटे 15 मिनट में तय कर बनाया इतिहास
संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। तैराक काम्या भारद्वाज ने लहरों पर फतह हासिल कर एक नया कीर्तिमान बनाया है। उन्होंने समुद्र में 58 किलोमीटर की दूरी महज 18 घंटे 15 मिनट में तय कर नया इतिहास रच दिया है। इस उपलब्धि के साथ ही उन्होंने त्रिपुरा की सुचेता दास बर्मन का 19 घंटे 20 मिनट का पुराना रिकॉर्ड तोड़ दिया। प्रतियोगिता के दौरान जेलीफिश के डंक भी उनके कदम नहीं रोक पाए।
काम्या ने 12 अप्रैल को दोपहर करीब 1:30 बजे तमिलनाडु के धनुषकोडी समुद्र तट से अपनी तैराकी की शुरुआत की। ओपन वाटर स्विमिंग अकादमी, थेनी के नेतृत्व में शुरू हुई यह चुनौतीपूर्ण तैराकी श्रीलंका के थलाईमन्नार तक पहुंची और फिर वहां से वापसी करते हुए 13 अप्रैल की सुबह 7:45 बजे पुनः धनुषकोडी पर समाप्त हुई। एक तरफ की दूरी लगभग 29 किलोमीटर रही।
विज्ञापन
तैराकी के दौरान उन्हें जेलीफिश के हमले का भी सामना करना पड़ा। बचाव के लिए विशेष केमिकल का उपयोग करने के बावजूद कई जेलीफिश उनके शरीर से चिपक गईं, जिससे उन्हें दर्द सहते हुए तैरना पड़ा। इस दौरान सबसे खास बात यह रही कि काम्या ने बिना किसी विश्राम के लगातार तैराकी जारी रखी। उन्होंने बताया कि सामान्यतः समुद्री क्षेत्र में पानी शांत रहता है और ऊंची लहरें नहीं उठतीं, लेकिन वापसी के दौरान रात में समुद्र में तेज लहरों ने उनके सामने बड़ी चुनौती खड़ी कर दी।
विज्ञापन
काम्या के अनुसार, एक समय ऐसा भी आया जब उन्हें लगा कि लहरों के कारण उनका लक्ष्य समय पर पूरा नहीं हो पाएगा। यहां तक कि साथ चल रहे विशेषज्ञों ने उन्हें सुरक्षा के लिहाज से नाव पर आने की सलाह भी दी, लेकिन उन्होंने हिम्मत नहीं हारी और अपने लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए तैरती रहीं। आखिरकार उन्होंने ऊंची लहरों को पार करते हुए यह रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया।
इस उपलब्धि पर खुशी जताते हुए काम्या ने कहा कि यह उनके लिए गर्व का क्षण है और उन्होंने यह रिकॉर्ड बनाने के लिए कड़ी मेहनत की थी। काम्या भारद्वाज दिल्ली विश्वविद्यालय के दयाल सिंह कॉलेज की बीएससी जूलॉजी ऑनर्स की छात्रा हैं। उनकी इस सफलता से जिला ही नहीं, पूरे देश में खुशी का माहौल है।