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Gurugram News: बुजुर्ग दंपती की दर्दनाक स्थिति पर आयोग का संज्ञान

Sun, 01 Jun 2025 12:11 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Sun, 01 Jun 2025 12:11 AM IST
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Commission takes cognizance of the painful condition of the elderly couple
जिला प्रशासन को तत्काल ही चिकित्सा और सामाजिक मूल्यांकन के निर्देश दिए
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बेटे पर सेवा नहीं करने का आरोप, रिजवुड एस्टेट के निवासियों ने शिकायत दी थी


संवाद न्यूज एजेंसी
गुरुग्राम। रिजवुड एस्टेट में रहने वाले बुजुर्ग दंपती की दयनीय स्थिति पर हरियाणा मानव अधिकार आयोग ने संज्ञान लेते हुए जिला प्रशासन को तत्काल ही चिकित्सा और सामाजिक मूल्यांकन के निर्देश दिए हैं। इस मामले में रिजवुड एस्टेट कंडोमिनियम एसोसिएशन के निवासियों ने आयोग को शिकायत दी थी।
शिकायत में बताया गया था कि वृद्ध दंपती को अपने ही बेटे द्वारा अनदेखा किया जा रहा है। आयोग के सूचना व जनसंपर्क अधिकारी डॉ. पुनीत अरोड़ा ने बताया कि संबंधित अधिकारियों को आदेश दिए गए हैं कि वह तीन जुलाई से पहले वृद्ध दंपति के उपचार, दीर्घकालीन देखभाल अथवा पुनर्वास के लिए किए गए कामों पर रिपोर्ट आयोग के समक्ष प्रस्तुत करें।
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डीएलएफ फेज-चार में 96 वर्षीय बुजुर्ग और उनकी 86 वर्षीय पत्नी को उनके बेटे द्वारा अकेला रहने के लिए छोड़ दिया गया है। शिकायत में बताया गया था कि उनके पुत्र द्वारा कोई चिकित्सकीय देखरेख नहीं दी जा रही है। वृद्ध पिता को अक्सर दर्द और पीड़ा में चिल्लाते हुए भी सुना गया है। बेटे और उनके परिजनों को बार-बार कहने के बावजूद वृद्ध दंपती के स्वास्थ्य के लिए कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया।
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आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति ललित बत्रा ने अपने आदेश में इस बात पर गंभीर चिंता व्यक्त की है कि वृद्ध दंपती को लंबे समय से मानसिक पीड़ा एवं शारीरिक कष्ट सहने पड़ रहे हैं। वृद्ध पिता की लगातार पीड़ा की पुकार न केवल उनके लिए बल्कि आसपास के वरिष्ठ नागरिकों की मानसिक स्थिति को भी प्रभावित कर रही है। आवश्यक चिकित्सकीय देखभाल, भावनात्मक सहयोग और नियमित निगरानी की अनुपस्थिति गंभीर उपेक्षा को दर्शाती है। यह वरिष्ठ नागरिकों के मूलभूत मानवाधिकारों का उल्लंघन है।

आयोग ने चिकित्सकीय एवं कल्याण समिति का गठन करते हुए कहा कि जिला उपायुक्त एक बहु-विषयक टीम का गठन करें। टीम में पुलिस आयुक्त, उप-मंडल अधिकारी, सिविल सर्जन और जिला सामाजिक कल्याण अधिकारी शामिल हों। इसके साथ ही टीम संबंधित परिसर का दौरा कर दोनों वरिष्ठ नागरिकों का विस्तृत चिकित्सकीय, मानसिक एवं सामाजिक मूल्यांकन करेगी।
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