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दूसरे का प्लॉट दिखा कर लोगों से 15 करोड़ रुपये की ठगी
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गुरुग्राम। बिल्डर ने लाइसेंसी क्षेत्र में प्लॉट देने के नाम पर 78 परिवार के लोगों से 15 करोड़ रुपये ठग लिए। फर्रुखनगर थाना पुलिस ने आर्थिक अपराध शाखा की जांच रिपोर्ट के बाद बिल्डर प्रबंधन समेत सात आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। प्लॉट के नाम पर निवेश करने वालों में ज्यादातर मारुति कंपनी के कर्मचारी शामिल है।
मारुति कंपनी के कर्मचारी आशीष नेगी ने बताया कि अमाया ग्रीन सेक्टर-3 फर्रुखनगर में साब्या साची इनफ्रॉस्ट्रक्चर प्रा.लि. का प्रोजेक्ट है। बिल्डर ने यहां पर नौ एकड़ पर लाइसेंस ले रखा है। उसके बगल में तीन एकड़ जमीन पर और लाइसेंस मिलने की बात कह कर प्लाटिंग करके निवेशकों को बेच दिया। उसके साथियों ने तीन साल पहले इस प्रोजेक्ट में प्लॉट बुक किए थे।
पीड़ित लोगों ने पुलिस आयुक्त को बताया कि निवेश करने वालों में 80 प्रतिशत मारुति कंपनी के कर्मचारी है और बीस प्रतिशत बाहरी लोग हैं। बिल्डर ने निवेश करने के साल भर बाद प्लॉट पर कब्जा देने की बात कही थी लेकिन अब पता चला कि जिस जमीन पर लाइसेंस मिलने की बात करता था, वह जमीन बिल्डर की नहीं है।
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पांच लाख से 20 लाख रुपये तक का निवेश:
पीड़ित अशीष नेगी ने बताया कि लोगों ने 100 गज से लेकर 200 गज तक का प्लॉट बुक कर रखा है। निवेशकों की ओर से 80 प्रतिशत का भुगतान बिल्डर को किया जा चुका है। बिल्डर की ओर से जो कागजात निवेशकों को उपलब्ध कराए गए हैं उसमें लिखा हुआ है कि एसटीपी कार्यालय से लाइसेंस के लिए और तीन एकड़ की जमीन का प्रपोजल चंडीगढ़ भेजा गया है। इसे देख कर निवेशक बिल्डर के झांसे में आए थे।
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मारुति कंपनी के कर्मचारी आशीष नेगी ने बताया कि अमाया ग्रीन सेक्टर-3 फर्रुखनगर में साब्या साची इनफ्रॉस्ट्रक्चर प्रा.लि. का प्रोजेक्ट है। बिल्डर ने यहां पर नौ एकड़ पर लाइसेंस ले रखा है। उसके बगल में तीन एकड़ जमीन पर और लाइसेंस मिलने की बात कह कर प्लाटिंग करके निवेशकों को बेच दिया। उसके साथियों ने तीन साल पहले इस प्रोजेक्ट में प्लॉट बुक किए थे।
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पीड़ित लोगों ने पुलिस आयुक्त को बताया कि निवेश करने वालों में 80 प्रतिशत मारुति कंपनी के कर्मचारी है और बीस प्रतिशत बाहरी लोग हैं। बिल्डर ने निवेश करने के साल भर बाद प्लॉट पर कब्जा देने की बात कही थी लेकिन अब पता चला कि जिस जमीन पर लाइसेंस मिलने की बात करता था, वह जमीन बिल्डर की नहीं है।
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पांच लाख से 20 लाख रुपये तक का निवेश:
पीड़ित अशीष नेगी ने बताया कि लोगों ने 100 गज से लेकर 200 गज तक का प्लॉट बुक कर रखा है। निवेशकों की ओर से 80 प्रतिशत का भुगतान बिल्डर को किया जा चुका है। बिल्डर की ओर से जो कागजात निवेशकों को उपलब्ध कराए गए हैं उसमें लिखा हुआ है कि एसटीपी कार्यालय से लाइसेंस के लिए और तीन एकड़ की जमीन का प्रपोजल चंडीगढ़ भेजा गया है। इसे देख कर निवेशक बिल्डर के झांसे में आए थे।