गुरुग्राम। डेबिट कार्ड शुरू करवाने के लिए एक युवती को आईसीआईसीआई बैंक के कस्टमर केयर नंबर पर फोन करना महंगा पड़ गया। इसके बाद उसे एक नंबर से कॉल आई। आरोपी ने खुद को बैंक कर्मचारी बताकर इंटरनेट बैंकिंग का पासवर्ड दोबारा बनवाने को कहा। इसी बहाने पीड़ित के खाते की डिटेल लेकर 7 लाख 28 हजार 654 रुपये निकाल लिए। कुछ देर बाद खाते में 14 लाख रुपये आए, लेकिन फिर 10 मिनट बाद ही खाता खाली कर दिया गया।
पुलिस के अनुसार, सेक्टर-52 निवासी ज्योति व्यास का कहना है कि उसने 20 सितंबर को नया आईसीआईसीआई डेबिट कार्ड शुरू करने के लिए कस्टमर केयर नंबर पर फोन मिलाया था। इसके कुछ देर बाद उसके पास एक नंबर से कॉल आई। आरोपी ने खुद को बैंक के कस्टमर केयर विंग से कर्मचारी बताकर कहा कि आपको इंटरनेट बैंकिंग का पासवर्ड दोबारा बनवाना होगा। फिर कुछ डिटेल ली और इंटरनेट बैंकिंग पासवर्ड रिसेट कर दिया गया। इसके बाद युवती का डेबिट कार्ड शुरू हो गया। आरोप है कि 25 सितंबर की शाम को अचानक खाते से पूरा बैलेंस 7 लाख 28 हजार 654 रुपये कट गए। युवती चेक कर रही थी कि कुछ देर बाद उसके खाते में 14 लाख 70 हजार 281 रुपये आए। वह यह चेक करने लगी कि खाते में इतने रुपये कहां से आए हैं। लेकिन, बाद में यह राशि भी खाते से कट गई। युवती का कहना है कि उसने किसी को ओटीपी भी नहीं बताया था। फिर पता नहीं ये राशि कैसे निकल गई। यह राशि राहुल विश्वाकर, अनिल बहल, आरघे मजूमदा के खातों में ट्रांसफर हुई। फिर आईसीआईसीआई बैंक के ही एक खाते से उसके खाते में 14 लाख 70 हजार 281 रुपये आए। यह राशि भी अनिल बहल, आरघे मजूमदा, राहुल विश्वाकर के खातों में ट्रांसफर हो गई। साइबर थाना पुलिस ने जांच के बाद आरोपियों के खिलाफ आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। मयंक