{"_id":"622cdd838b84284509663f94","slug":"call-center-extorting-by-sending-obscene-photos-busted-gurgaon-news-noi637022678","type":"story","status":"publish","title_hn":"अश्लील फोटो भेजकर वसूली करने वाले कॉल सेंटर का भंडाफोड़","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
अश्लील फोटो भेजकर वसूली करने वाले कॉल सेंटर का भंडाफोड़
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गुरुग्राम। साइबर थाना पुलिस ने ऑनलाइन चाइनीज व अन्य एप के माध्यम से लोन लेने वाले लोगों से रिकवरी के नाम पर अश्लील फोटो व धमकी वाले मैसेज भेजकर वसूली करने वाले कॉलसेंटर का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने मौके से नौ महिलाओं समेत 38 लोगों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से 27 लैपटॉप, 44 मोबाइल, 1.70 लाख रुपये भी बरामद किए हैं। पुलिस मुख्य आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी।
डीसीपी मुख्यालय आस्था मोदी ने बताया कि शुक्रवार की रात साइबर थाना प्रभारी बिजेंद्र सिंह को सूचना मिली थी कि उद्योग विहार फेज-1 के प्लॉट नंबर-26 के प्रथम तल पर एक फर्जी कॉलसेंटर चल रहा है। एसीपी क्राइम इंदीवर के नेतृत्व में छापा मारकर कॉल सेंटर से नौ महिलाओं और 29 युवकों को पकड़ लिया। सभी ऑनलाइन चाइनीज व अन्य एप के माध्यम से लोन लेने वाले लोगों से वसूली के लिए कॉल कर रहे थे। कॉलसेंटर के मालिक अभिनव निवासी जिला झज्जर और शांतनु निवासी पुठ कला रोहिणी दिल्ली है। दोनों से कॉलसेंटर के वैध दस्तावेज मांगे गए, लेकिन वह नहीं दिखा सके। सभी के खिलाफ साइबर थाने में वसूली, धोखाधड़ी, धमकी देने, आईटीएक्ट समेत अन्य कई धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई है। मालिक अभिनव, शांतनु, टीम लीडर संदीप और खाता धारक हिमांशु को पांच दिन की रिमांड पर लिया है।
ऐसे करते थे वसूली
एसीपी क्राइम प्रीतपाल सांगवान ने बताया कि मालिक अभिनव व शांतनु को इनके साथी आरोपी मनीष निवासी दिल्ली और प्रदीप निवासी भिवानी लोन लेने वाले लोगों की जानकारी, लोन आईडी, मोबाइल नंबर उपलब्ध कराते थे। लोन लेने वाले लोगों को समय से पहले रुपये जमा करने का दबाव बनाते थे। नहीं देने पर गाली गलौज और अभद्रता तक करते थे। इसके बाद मोबाइल हैक करके उनकी गैलरी से फोटो निकाल लेते थे। फोटो को एडिट कर अश्लील फोटो बनाना और धमकी देकर वसूली करना इनका काम था । जो व्यक्ति रुपये नहीं देता था उसके अश्लील फोटो, वीडियो और गाली वाले मैसेज रिश्तेदार, दोस्त को भी व्हाट्सएप पर भेजकर बदनाम करते थे। डर और बदनामी के डर से लोग रुपये देते थे। वसूली के रुपये लेने के लिए यूपीआई आईडी देते थे। हाल में हिमांशु की यूपीआई-आईडी पर रुपये ले रहे थे।
विज्ञापन
अब तक दो करोड़ वसूले
एसएचओ बिजेंद्र सिंह ने बताया कि अभी तक की जांच में सामने आया है कि दिसंबर 2021 को उद्योग विहार फेज 1 में किराये पर जगह लेकर कॉल सेंटर शुरू किया था। रोजाना 700 लोगों को कॉल कर वसूली करने का लक्ष्य निर्धारित किया जाता था। अब तक दो करोड़ रुपये वसूली कर चुके हैं। वसूली के रुपये में से 25 प्रतिशत कॉलसेंटर मालिक को मिलते थे। बाकी रुपये प्रदीप और मनीष ले जाते थे। वह हर तीसरे दिन रुपये लेने के लिए आते थे। एसएचओ ने बताया कि कितने लोग शिकार हुए हैं, अन्य किन स्थानों पर इनके द्वारा किसी और कॉल सेंटर से वसूली की वारदातों को अंजाम दिया गया है। प्रदीप और मनीष कहां से डाटा लाते थे। इसके लिए आरोपियों से पूछताछ की जा रही है।
लोगों से अपील
डीसीपी मुख्यालय आस्था मोदी ने लोगों से अपील की है कि इस प्रकार की एप का प्रयोग न करें। किसी भी एप का प्रयोग करने से पहले जांच कर लें। कोई भी निजी जानकारी साझा न करें। यदि इस प्रकार की कोई भी घटना होती है तो पुलिस से संपर्क करें।
विज्ञापन
डीसीपी मुख्यालय आस्था मोदी ने बताया कि शुक्रवार की रात साइबर थाना प्रभारी बिजेंद्र सिंह को सूचना मिली थी कि उद्योग विहार फेज-1 के प्लॉट नंबर-26 के प्रथम तल पर एक फर्जी कॉलसेंटर चल रहा है। एसीपी क्राइम इंदीवर के नेतृत्व में छापा मारकर कॉल सेंटर से नौ महिलाओं और 29 युवकों को पकड़ लिया। सभी ऑनलाइन चाइनीज व अन्य एप के माध्यम से लोन लेने वाले लोगों से वसूली के लिए कॉल कर रहे थे। कॉलसेंटर के मालिक अभिनव निवासी जिला झज्जर और शांतनु निवासी पुठ कला रोहिणी दिल्ली है। दोनों से कॉलसेंटर के वैध दस्तावेज मांगे गए, लेकिन वह नहीं दिखा सके। सभी के खिलाफ साइबर थाने में वसूली, धोखाधड़ी, धमकी देने, आईटीएक्ट समेत अन्य कई धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई है। मालिक अभिनव, शांतनु, टीम लीडर संदीप और खाता धारक हिमांशु को पांच दिन की रिमांड पर लिया है।
विज्ञापन
ऐसे करते थे वसूली
एसीपी क्राइम प्रीतपाल सांगवान ने बताया कि मालिक अभिनव व शांतनु को इनके साथी आरोपी मनीष निवासी दिल्ली और प्रदीप निवासी भिवानी लोन लेने वाले लोगों की जानकारी, लोन आईडी, मोबाइल नंबर उपलब्ध कराते थे। लोन लेने वाले लोगों को समय से पहले रुपये जमा करने का दबाव बनाते थे। नहीं देने पर गाली गलौज और अभद्रता तक करते थे। इसके बाद मोबाइल हैक करके उनकी गैलरी से फोटो निकाल लेते थे। फोटो को एडिट कर अश्लील फोटो बनाना और धमकी देकर वसूली करना इनका काम था । जो व्यक्ति रुपये नहीं देता था उसके अश्लील फोटो, वीडियो और गाली वाले मैसेज रिश्तेदार, दोस्त को भी व्हाट्सएप पर भेजकर बदनाम करते थे। डर और बदनामी के डर से लोग रुपये देते थे। वसूली के रुपये लेने के लिए यूपीआई आईडी देते थे। हाल में हिमांशु की यूपीआई-आईडी पर रुपये ले रहे थे।
विज्ञापन
अब तक दो करोड़ वसूले
एसएचओ बिजेंद्र सिंह ने बताया कि अभी तक की जांच में सामने आया है कि दिसंबर 2021 को उद्योग विहार फेज 1 में किराये पर जगह लेकर कॉल सेंटर शुरू किया था। रोजाना 700 लोगों को कॉल कर वसूली करने का लक्ष्य निर्धारित किया जाता था। अब तक दो करोड़ रुपये वसूली कर चुके हैं। वसूली के रुपये में से 25 प्रतिशत कॉलसेंटर मालिक को मिलते थे। बाकी रुपये प्रदीप और मनीष ले जाते थे। वह हर तीसरे दिन रुपये लेने के लिए आते थे। एसएचओ ने बताया कि कितने लोग शिकार हुए हैं, अन्य किन स्थानों पर इनके द्वारा किसी और कॉल सेंटर से वसूली की वारदातों को अंजाम दिया गया है। प्रदीप और मनीष कहां से डाटा लाते थे। इसके लिए आरोपियों से पूछताछ की जा रही है।
लोगों से अपील
डीसीपी मुख्यालय आस्था मोदी ने लोगों से अपील की है कि इस प्रकार की एप का प्रयोग न करें। किसी भी एप का प्रयोग करने से पहले जांच कर लें। कोई भी निजी जानकारी साझा न करें। यदि इस प्रकार की कोई भी घटना होती है तो पुलिस से संपर्क करें।