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Gurugram News: लाला जगत नारायण को दिया जाए भारत रत्न
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अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। स्वतंत्रता सेनानी अमर शहीद लाला जगत नारायण के बलिदान दिवस पर उन्हें जिला बार एसोसिएशन के पूर्व पदाधिकारियों ने श्रद्धा पूर्वक याद किया।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि लाला जगत नारायण ने स्वतंत्रता आंदोलन में बढ़-चढ़कर भाग लिया था और उन्हें जेल की सजा भी काटनी पड़ी थी। उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम में ही नहीं बल्कि आजादी के बाद राजनीति एवं सामाजिक क्षेत्र में उल्लेखनीय काम किए। केंद्र सरकार को लाला जगत नारायण को देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न की उपाधि से अलंकृत करना चाहिए।
जिला बार एसोसिएशन के पूर्व महासचिव वरिष्ठ अधिवक्ता पंडित अरुण शर्मा ने कहा कि असहयोग आंदोलन के चलते लाला जी ने कानून की पढ़ाई को बीच में ही छोड़ दिया था। देश आजाद होने के बाद वर्ष 1952 में देश के पहले चुनाव हुए तो लाला जी ने संयुक्त पंजाब विधानसभा में नारायणगढ़ जोकि अब हरियाणा का विधानसभा क्षेत्र है, वहां से चुनाव जीतकर क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया। इस अवसर पर अंकुर शर्मा एडवोकेट, अंकित, मुकेश सैनी, अश्विनी शर्मा, रवि अत्री, विनोद कटारिया, ब्रह्मप्रकाश, राजेंद्र आदि मौजूद रहे।
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गुरुग्राम। स्वतंत्रता सेनानी अमर शहीद लाला जगत नारायण के बलिदान दिवस पर उन्हें जिला बार एसोसिएशन के पूर्व पदाधिकारियों ने श्रद्धा पूर्वक याद किया।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि लाला जगत नारायण ने स्वतंत्रता आंदोलन में बढ़-चढ़कर भाग लिया था और उन्हें जेल की सजा भी काटनी पड़ी थी। उन्होंने स्वतंत्रता संग्राम में ही नहीं बल्कि आजादी के बाद राजनीति एवं सामाजिक क्षेत्र में उल्लेखनीय काम किए। केंद्र सरकार को लाला जगत नारायण को देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न की उपाधि से अलंकृत करना चाहिए।
जिला बार एसोसिएशन के पूर्व महासचिव वरिष्ठ अधिवक्ता पंडित अरुण शर्मा ने कहा कि असहयोग आंदोलन के चलते लाला जी ने कानून की पढ़ाई को बीच में ही छोड़ दिया था। देश आजाद होने के बाद वर्ष 1952 में देश के पहले चुनाव हुए तो लाला जी ने संयुक्त पंजाब विधानसभा में नारायणगढ़ जोकि अब हरियाणा का विधानसभा क्षेत्र है, वहां से चुनाव जीतकर क्षेत्र का प्रतिनिधित्व किया। इस अवसर पर अंकुर शर्मा एडवोकेट, अंकित, मुकेश सैनी, अश्विनी शर्मा, रवि अत्री, विनोद कटारिया, ब्रह्मप्रकाश, राजेंद्र आदि मौजूद रहे।
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