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सदियों पुराने मंदिर की 20 करोड़ की जमीन बेचने पर लगाई रोक
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गुरुग्राम। सोहना तहसील के भोंडसी गांव स्थित सदियों पुराने बुरारिक मंदिर की करोड़ों रुपये की जमीन बेचने का मामला गरमाता जा रहा है। सोमवार को इलाके के ग्रामीणों ने पूर्व विधायक, पूर्व सरपंचों के साथ जिला उपायुक्त डॉ. यश गर्ग से मुलाकात कर इस खरीद-फरोख्त पर रोक लगाने की मांग की। भोंडसी के पूर्व सरपंच संजय राघव ने बताया कि इस मंदिर के साथ लगभग 30 एकड़ जमीन संबद्ध है। जिसकी वर्तमान में कीमत लगभग 90 करोड़ रुपये के आसपास है। इसी जमीन से तीन एकड़ जमीन का सौदा 20 करोड़ रुपये में करने का मामला सामने आया था। जिसका ग्रामीण विरोध कर रहे हैं। इस पर जिला उपायुक्त ने इस मंदिर की जमीन बेचने या खरीदने पर फिलहाल रोक लगाने के निर्देश दिए हैं। ग्रामीणों ने बताया कि इन बेशकीमती जमीनों को बेचने और खरीदने वालों की भी तलाश करने की मांग की गई है।
रविवार को इसी संबंध में आसपास के 40 गांवों ने मंदिर परिसर में महापंचायत कर किसी भी कीमत पर जमीन नहीं बिकने देने का फैसला किया था। गांव अब नगर निगम में शामिल हो गया है, इसलिए अब मंदिर की बेशकीमती जमीनों की जिम्मेदारी नगर-निगम की है। इसकी देखरेख होनी चाहिए। लगभग 800 वर्ष पुराने इस प्राचीन मंदिर को संत बुरारिक ने स्थापित कराया था, इसलिए इसका नाम बुरारिक मंदिर पड़ा है। यहां भगवान शिव, श्रीराम, माता जी सहित अन्य देवी देवताओं की प्रतिमाएं हैं। ये पहाड़ों की खोड़ी में स्थित है। लघु सचिवालय पहुंचने वालों में जननायक जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अनंतराम तंवर, सोहना के पूर्व विधायक तेजपाल तंवर, भोंडसी के पूर्व सरपंच संजय राघव, सते पहलवान, कुंवर पाल सिंह रिठौज, प्रताप सिंह खटाना, राजू पहवान, बलराज भड़ाना, पूर्व सरपंच सुरजन, एडवोकेट रतन सिंह राघव, एडवोकेट पुष्पेंद्र राघव आदि शामिल थे।
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रविवार को इसी संबंध में आसपास के 40 गांवों ने मंदिर परिसर में महापंचायत कर किसी भी कीमत पर जमीन नहीं बिकने देने का फैसला किया था। गांव अब नगर निगम में शामिल हो गया है, इसलिए अब मंदिर की बेशकीमती जमीनों की जिम्मेदारी नगर-निगम की है। इसकी देखरेख होनी चाहिए। लगभग 800 वर्ष पुराने इस प्राचीन मंदिर को संत बुरारिक ने स्थापित कराया था, इसलिए इसका नाम बुरारिक मंदिर पड़ा है। यहां भगवान शिव, श्रीराम, माता जी सहित अन्य देवी देवताओं की प्रतिमाएं हैं। ये पहाड़ों की खोड़ी में स्थित है। लघु सचिवालय पहुंचने वालों में जननायक जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष अनंतराम तंवर, सोहना के पूर्व विधायक तेजपाल तंवर, भोंडसी के पूर्व सरपंच संजय राघव, सते पहलवान, कुंवर पाल सिंह रिठौज, प्रताप सिंह खटाना, राजू पहवान, बलराज भड़ाना, पूर्व सरपंच सुरजन, एडवोकेट रतन सिंह राघव, एडवोकेट पुष्पेंद्र राघव आदि शामिल थे।
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