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Gurugram News: इलाज के लिए भटके आयुष्मान कार्ड धारक, 30 अस्पतालों ने लौटाए मरीज
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बृहस्पतिवार से आयुष्मान कार्ड धारक मरीजों का 30 अस्पतालों में इलाज हुआ बंद
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। चंडीगढ में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) व सरकार के बीच बैठक बेनतीजा रही, जिसका असर शहर के 30 बड़े अस्पतालों में आने वाले आयुष्मान कार्ड धारकों पर पड़ा है। बृहस्पतिवार की सुबह से अस्पताल ने इलाज कराने आए आयुष्मान कार्ड धारकों को बैरंग लौटा दिया। इससे मरीज बेबस और नाराज नजर आए।
सरकार व आईएमए के बीच फंसे इस पेंच के कारण बड़ी संख्या में मरीजों को बिना उपचार के घर लौटना पड़ा। गुरुग्राम में 30 अस्पताल आयुष्मान भारत योजना के तहत मरीजों का इलाज कर रहे थे। बृहस्पतिवार से निजी अस्पतालों ने आयुष्मान कार्डधारक मरीजों के उपचार व भर्ती करने की प्रक्रिया बंद कर दी। इससे अकेले गुरुग्राम में ही हजारों मरीज परेशान रहे। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के इस फैसले से सरकार व स्वास्थ्य अधिकारियों के हाथ पांव फूल गए। आनन फानन में बैठकों का दौर शुरू हुआ। आखिकार ये बैठक भी बेनतीजा साबित हुई।
2900 करोड़ देने पर भी बकाया
सरकार की ओर से अस्पतालों को 2900 करोड़ रुपये के पहली राशि का भुगतान किया गया है। राज्य सरकार ने 4 अगस्त को यह फंड जारी किया है, लेकिन अस्पतालों का कहना है कि उनके पुराने भुगतान किए जाएं तभी वह इलाज करेंगे। 10 महीने पहले 29 अक्तूबर 2024 को धन्वंतरि जयंती पर पीएम नरेन्द्र मोदी ने पीएम-जेएवाई आयुष्मान कार्ड योजना की शुरूआत की थी, जिसके तहत 70 वर्ष व उससे अधिक आयु के सभी वरिष्ठ नागरिकों को नि:शुल्क स्वास्थ्य कवरेज प्रदान करना था। इसके लिए यू-विन पोर्टल भी लॉन्च किया गया था।
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वर्जन-
“ मरीजों के इलाज के लिए स्वास्थ्य विभाग तैयार है। सरकार की ओर से निजी अस्पतालों को निर्देश दिए गए है कि वे मरीजों का इलाज करें। उनका बकाया जल्द ही भुगतान कर दिया जाएगा।”
डा अलका सिंह, सीमएओ गुरुग्राम
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। चंडीगढ में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (आईएमए) व सरकार के बीच बैठक बेनतीजा रही, जिसका असर शहर के 30 बड़े अस्पतालों में आने वाले आयुष्मान कार्ड धारकों पर पड़ा है। बृहस्पतिवार की सुबह से अस्पताल ने इलाज कराने आए आयुष्मान कार्ड धारकों को बैरंग लौटा दिया। इससे मरीज बेबस और नाराज नजर आए।
सरकार व आईएमए के बीच फंसे इस पेंच के कारण बड़ी संख्या में मरीजों को बिना उपचार के घर लौटना पड़ा। गुरुग्राम में 30 अस्पताल आयुष्मान भारत योजना के तहत मरीजों का इलाज कर रहे थे। बृहस्पतिवार से निजी अस्पतालों ने आयुष्मान कार्डधारक मरीजों के उपचार व भर्ती करने की प्रक्रिया बंद कर दी। इससे अकेले गुरुग्राम में ही हजारों मरीज परेशान रहे। इंडियन मेडिकल एसोसिएशन के इस फैसले से सरकार व स्वास्थ्य अधिकारियों के हाथ पांव फूल गए। आनन फानन में बैठकों का दौर शुरू हुआ। आखिकार ये बैठक भी बेनतीजा साबित हुई।
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2900 करोड़ देने पर भी बकाया
सरकार की ओर से अस्पतालों को 2900 करोड़ रुपये के पहली राशि का भुगतान किया गया है। राज्य सरकार ने 4 अगस्त को यह फंड जारी किया है, लेकिन अस्पतालों का कहना है कि उनके पुराने भुगतान किए जाएं तभी वह इलाज करेंगे। 10 महीने पहले 29 अक्तूबर 2024 को धन्वंतरि जयंती पर पीएम नरेन्द्र मोदी ने पीएम-जेएवाई आयुष्मान कार्ड योजना की शुरूआत की थी, जिसके तहत 70 वर्ष व उससे अधिक आयु के सभी वरिष्ठ नागरिकों को नि:शुल्क स्वास्थ्य कवरेज प्रदान करना था। इसके लिए यू-विन पोर्टल भी लॉन्च किया गया था।
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“ मरीजों के इलाज के लिए स्वास्थ्य विभाग तैयार है। सरकार की ओर से निजी अस्पतालों को निर्देश दिए गए है कि वे मरीजों का इलाज करें। उनका बकाया जल्द ही भुगतान कर दिया जाएगा।”
डा अलका सिंह, सीमएओ गुरुग्राम