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वन विभाग की कार्रवाई से लोगों में रोष
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सोहना। सोहना में वन विभाग द्वारा की जा रही कार्रवाई को लेकर लोगों में विरोध बढ़ता ही जा रहा है। लोगों का कहना है कि जब अवैध निर्माण हो रहा था तब कार्रवाई क्यों नहीं की गई। निर्माण की शुुरुआत में तो किसी ने कुछ नहीं कहा आखिर अब अचानक से सारे निर्माण अवैध कैसे हो गए। इसी को लेकर सोहना के लोग सोमवार को बैठक करेंगे और वन विभाग की कार्रवाई के खिलाफ आगे की रणनीति बनाएंगे। सोहना के प्रमुख समाजसेवी महेश खटाना ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट का आदेश सर्वमान्य हैं जिसमें विभाग व सरकार का कोई दोष नहीं है।
उन्होंने आरोप लगाया कि वन विभाग ने भूमि लेते वक्त मौके पर जाकर निरीक्षण नहीं किया था। उस वक्त काफी संख्या में मकान निर्मित थे। विभाग ने समस्त भूमि को वन क्षेत्र घोषित कर दिया था। समाजसेवी महेश ने कहा है कि जल्द ही कस्बे को उजड़ने से बचाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में पीएलपीए के खिलाफ जनहित याचिका दायर की जाएगी। इसके लिए दस्तावेज एकत्रित किए जा रहे हैं। उन्होंने पीड़ित लोगों से सहयोग करने को कहा है। इनके अलावा अलग-अलग लोग अपने-अपने स्तर से राजनीतिक दलों से भी मुलाकात कर रहे हैं तो वहीं लोग संभावित कार्रवाई के बाद पुनर्वास के बारे में भी राजनैतिक लोगों से बात कर रहे हैं।
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उन्होंने आरोप लगाया कि वन विभाग ने भूमि लेते वक्त मौके पर जाकर निरीक्षण नहीं किया था। उस वक्त काफी संख्या में मकान निर्मित थे। विभाग ने समस्त भूमि को वन क्षेत्र घोषित कर दिया था। समाजसेवी महेश ने कहा है कि जल्द ही कस्बे को उजड़ने से बचाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में पीएलपीए के खिलाफ जनहित याचिका दायर की जाएगी। इसके लिए दस्तावेज एकत्रित किए जा रहे हैं। उन्होंने पीड़ित लोगों से सहयोग करने को कहा है। इनके अलावा अलग-अलग लोग अपने-अपने स्तर से राजनीतिक दलों से भी मुलाकात कर रहे हैं तो वहीं लोग संभावित कार्रवाई के बाद पुनर्वास के बारे में भी राजनैतिक लोगों से बात कर रहे हैं।
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