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Gurugram News: बकरीद से पहले मेवात में अलर्ट, गांव-गांव पुलिस निगरानी
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ईद की खरीददारी पर बाजारों में लगी भीड़
- फोटो : बकरीद पर सुरक्षा के लिए नासिरगंज बाजार में गश्त करते पुलिसकर्मी।
-बाजारों में बढ़ी ग्राहकों रौनक, दूध महंगा होने से नमाजियों में नाराजगी
संवाद न्यूज एजेंसी
नूंह/पिनगवां/पुन्हाना। ईद-उल-अजहा (बकरीद) के त्योहार को लेकर जिले में उत्साह का माहौल है। आज मनाए जाने वाले पर्व की तैयारियों को लेकर बुधवार को बाजारों में लोगों का हुजूम देखने को मिला। जहां उन्होंने जमकर खरीददारी की। वहीं दूसरी तरफ त्योहार को शांति एवं सौहार्दपूर्ण तरीके से मनाने के लिए जिला पुलिस और प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आ रहा है, वहीं दूसरी ओर बाजारों में भी त्योहार की रौनक बढ़ गई है। जिलेभर में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए विशेष निगरानी अभियान चलाया जा रहा है, जबकि बाजारों में खरीदारी के लिए लोगों की भीड़ उमड़ रही है। इस बीच दूध के बढ़ते दामों ने आम लोगों की चिंता भी बढ़ा दी है।
320 मस्जिदों पर पुलिस बल तैनात :
सुरक्षा व्यवस्था के तहत, जिले की 320 से अधिक मस्जिदों पर पुलिस बल तैनात किया गया है। संवेदनशील इलाकों, प्रमुख चौराहों और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल और प्लाटून तैनात की गई हैं। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए रिजर्व कंपनियों को भी अलर्ट पर रखा गया है। बकरा ईद के लिए लगभग 650 पुलिसकर्मियों की विशेष ड्यूटी लगाई गई है। सीआईए और अन्य यूनिटों की टीमें सादी वर्दी में लगातार गश्त और निगरानी करेंगी। इसके अतिरिक्त, पुलिस की साइबर टीम सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कड़ी नजर रख रही है। जिले के सभी थाना क्षेत्रों में ड्यूटी मजिस्ट्रेट भी तैनात किए गए हैं।
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आसपास के जिलों की पुलिस से बनाया समन्वय :
पुलिस अधीक्षक डाक्टर अर्पित जैन ने बताया कि, नूंह पुलिस ने पड़ोसी जिले मथुरा, अलवर, खैरथल-तिजारा और गुरुग्राम पुलिस के साथ भी समन्वय स्थापित किया है। अंतरराज्यीय नाकों पर निगरानी बढ़ा दी गई है, ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जा सके। यह विशेष व्यवस्था 30 मई तक लागू रहेगी, हालांकि 28 मई को विशेष रूप से संवेदनशील मानते हुए सुरक्षा और कड़ी की गई है। आवश्यकता पड़ने पर सुरक्षा व्यवस्था आगे भी बढ़ाई जा सकती है।
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प्रतिबंधित पशुओं की कुर्बानी बैन :
बकरीद को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न कराने के उद्देश्य से प्रशासन ने साफ निर्देश दिए हैं कि किसी भी प्रतिबंधित पशु की कुर्बानी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसी क्रम में पिनगवां खंड के ऐंचवाड़ी, ढाडोली, शिकरावा सहित कई गांवों में पुलिस टीमों ने पहुंचकर गौवंश का सत्यापन किया। पुलिस कर्मचारियों ने गांवों में मौजूद पशुओं की गिनती करने के साथ-साथ उनकी वीडियोग्राफी भी की, ताकि प्रत्येक पशु का रिकॉर्ड सुरक्षित रखा जा सके। अधिकारियों के अनुसार जिन स्थानों पर गौवंश मौजूद है, वहां की जीपीएस लोकेशन भी दर्ज की जा रही है और त्योहार तक लगातार निगरानी रखी जाएगी।
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लोगों से शांति बनाए रखने की अपील :
पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे कानून का पालन करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत प्रशासन को दें। साथ ही सोशल मीडिया पर भड़काऊ या भ्रामक पोस्ट साझा न करने की चेतावनी भी दी गई है। प्रशासन का कहना है कि त्योहार के दौरान शांति और भाईचारा बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है।
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विभिन्न क्षेत्रों में ड्यूटी मजिस्ट्रेट तैनात :
जिले में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए उपायुक्त एवं जिलाधीश अखिल पिलानी ने 28 मई से 30 मई 2026 तक विभिन्न क्षेत्रों में ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किए हैं। प्रशासन के अनुसार सभी ड्यूटी मजिस्ट्रेट अपने-अपने क्षेत्रों में पुलिस प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर निगरानी रखेंगे और किसी भी अप्रिय घटना की सूचना तत्काल जिला प्रशासन तक पहुंचाएंगे।
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प्रतिबंधित पशुओं की नहीं देंगे कुर्बानी :
प्रतिबंधित पशु की कुर्बानी नहीं देंगे: इस बीच पिनगवां क्षेत्र के गांव शिकरावा में सामाजिक सौहार्द और भाईचारे की मिसाल भी देखने को मिली। गांव के मुस्लिम समाज के लोगों और गणमान्य नागरिकों ने बैठक आयोजित कर सामूहिक रूप से निर्णय लिया कि गांव में किसी भी सूरत में प्रतिबंधित पशु की कुर्बानी नहीं होने दी जाएगी। बैठक में मौजूद जमशेद प्रधान, डॉ. साबिर खान, मास्टर हाकम इकबाल, आश मोहम्मद, जमील अहमद, रफीक प्रधान, सलीम खान, मुजफ्फर हुसैन, दीन मोहम्मद, लियाकत खान और वसीम खान सहित कई लोगों ने कहा कि बकरीद त्याग, इंसानियत और आपसी प्रेम का त्योहार है। उन्होंने कहा कि ऐसा कोई कार्य नहीं किया जाएगा जिससे सामाजिक सौहार्द प्रभावित हो या कानून व्यवस्था पर असर पड़े।
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बाजारों ने नजर आ रही रौनक :
दूसरी ओर बकरीद को लेकर नूंह कस्बे के बाजारों में जबरदस्त रौनक देखने को मिल रही है। कपड़ों, जूतों और अन्य जरूरत के सामान की दुकानों पर सुबह से देर शाम तक ग्राहकों की भीड़ बनी हुई है। युवाओं में भी त्योहार को लेकर खास उत्साह दिखाई दे रहा है। हेयर सैलून की दुकानों पर नई हेयर स्टाइल और बाल कटवाने के लिए लंबी कतारें देखी जा रही हैं।
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दूध के बढ़ते दामों ने बढाई परेशानी :
हालांकि त्योहार की खुशियों के बीच दूध के बढ़ते दामों ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। आम दिनों में 80 रुपये प्रति किलो बिकने वाला दूध अब 90 रुपये प्रति किलो तक बेचा जा रहा है। लोगों का आरोप है कि कुछ दूध विक्रेता त्योहार का फायदा उठाकर कालाबाजारी कर रहे हैं। कस्बे के ढाना रोड और खानपुर घाटी के आसपास कंटेनरों में दूध की थैलियां भरकर ऊंचे दामों पर बिक्री किए जाने की शिकायतें सामने आई हैं।
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संवाद न्यूज एजेंसी
नूंह/पिनगवां/पुन्हाना। ईद-उल-अजहा (बकरीद) के त्योहार को लेकर जिले में उत्साह का माहौल है। आज मनाए जाने वाले पर्व की तैयारियों को लेकर बुधवार को बाजारों में लोगों का हुजूम देखने को मिला। जहां उन्होंने जमकर खरीददारी की। वहीं दूसरी तरफ त्योहार को शांति एवं सौहार्दपूर्ण तरीके से मनाने के लिए जिला पुलिस और प्रशासन पूरी तरह सतर्क नजर आ रहा है, वहीं दूसरी ओर बाजारों में भी त्योहार की रौनक बढ़ गई है। जिलेभर में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए विशेष निगरानी अभियान चलाया जा रहा है, जबकि बाजारों में खरीदारी के लिए लोगों की भीड़ उमड़ रही है। इस बीच दूध के बढ़ते दामों ने आम लोगों की चिंता भी बढ़ा दी है।
320 मस्जिदों पर पुलिस बल तैनात :
सुरक्षा व्यवस्था के तहत, जिले की 320 से अधिक मस्जिदों पर पुलिस बल तैनात किया गया है। संवेदनशील इलाकों, प्रमुख चौराहों और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर अतिरिक्त पुलिस बल और प्लाटून तैनात की गई हैं। किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए रिजर्व कंपनियों को भी अलर्ट पर रखा गया है। बकरा ईद के लिए लगभग 650 पुलिसकर्मियों की विशेष ड्यूटी लगाई गई है। सीआईए और अन्य यूनिटों की टीमें सादी वर्दी में लगातार गश्त और निगरानी करेंगी। इसके अतिरिक्त, पुलिस की साइबर टीम सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर कड़ी नजर रख रही है। जिले के सभी थाना क्षेत्रों में ड्यूटी मजिस्ट्रेट भी तैनात किए गए हैं।
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आसपास के जिलों की पुलिस से बनाया समन्वय :
पुलिस अधीक्षक डाक्टर अर्पित जैन ने बताया कि, नूंह पुलिस ने पड़ोसी जिले मथुरा, अलवर, खैरथल-तिजारा और गुरुग्राम पुलिस के साथ भी समन्वय स्थापित किया है। अंतरराज्यीय नाकों पर निगरानी बढ़ा दी गई है, ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तुरंत कार्रवाई की जा सके। यह विशेष व्यवस्था 30 मई तक लागू रहेगी, हालांकि 28 मई को विशेष रूप से संवेदनशील मानते हुए सुरक्षा और कड़ी की गई है। आवश्यकता पड़ने पर सुरक्षा व्यवस्था आगे भी बढ़ाई जा सकती है।
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प्रतिबंधित पशुओं की कुर्बानी बैन :
बकरीद को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न कराने के उद्देश्य से प्रशासन ने साफ निर्देश दिए हैं कि किसी भी प्रतिबंधित पशु की कुर्बानी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इसी क्रम में पिनगवां खंड के ऐंचवाड़ी, ढाडोली, शिकरावा सहित कई गांवों में पुलिस टीमों ने पहुंचकर गौवंश का सत्यापन किया। पुलिस कर्मचारियों ने गांवों में मौजूद पशुओं की गिनती करने के साथ-साथ उनकी वीडियोग्राफी भी की, ताकि प्रत्येक पशु का रिकॉर्ड सुरक्षित रखा जा सके। अधिकारियों के अनुसार जिन स्थानों पर गौवंश मौजूद है, वहां की जीपीएस लोकेशन भी दर्ज की जा रही है और त्योहार तक लगातार निगरानी रखी जाएगी।
लोगों से शांति बनाए रखने की अपील :
पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे कानून का पालन करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत प्रशासन को दें। साथ ही सोशल मीडिया पर भड़काऊ या भ्रामक पोस्ट साझा न करने की चेतावनी भी दी गई है। प्रशासन का कहना है कि त्योहार के दौरान शांति और भाईचारा बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है।
विभिन्न क्षेत्रों में ड्यूटी मजिस्ट्रेट तैनात :
जिले में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए उपायुक्त एवं जिलाधीश अखिल पिलानी ने 28 मई से 30 मई 2026 तक विभिन्न क्षेत्रों में ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त किए हैं। प्रशासन के अनुसार सभी ड्यूटी मजिस्ट्रेट अपने-अपने क्षेत्रों में पुलिस प्रशासन के साथ समन्वय बनाकर निगरानी रखेंगे और किसी भी अप्रिय घटना की सूचना तत्काल जिला प्रशासन तक पहुंचाएंगे।
प्रतिबंधित पशुओं की नहीं देंगे कुर्बानी :
प्रतिबंधित पशु की कुर्बानी नहीं देंगे: इस बीच पिनगवां क्षेत्र के गांव शिकरावा में सामाजिक सौहार्द और भाईचारे की मिसाल भी देखने को मिली। गांव के मुस्लिम समाज के लोगों और गणमान्य नागरिकों ने बैठक आयोजित कर सामूहिक रूप से निर्णय लिया कि गांव में किसी भी सूरत में प्रतिबंधित पशु की कुर्बानी नहीं होने दी जाएगी। बैठक में मौजूद जमशेद प्रधान, डॉ. साबिर खान, मास्टर हाकम इकबाल, आश मोहम्मद, जमील अहमद, रफीक प्रधान, सलीम खान, मुजफ्फर हुसैन, दीन मोहम्मद, लियाकत खान और वसीम खान सहित कई लोगों ने कहा कि बकरीद त्याग, इंसानियत और आपसी प्रेम का त्योहार है। उन्होंने कहा कि ऐसा कोई कार्य नहीं किया जाएगा जिससे सामाजिक सौहार्द प्रभावित हो या कानून व्यवस्था पर असर पड़े।
बाजारों ने नजर आ रही रौनक :
दूसरी ओर बकरीद को लेकर नूंह कस्बे के बाजारों में जबरदस्त रौनक देखने को मिल रही है। कपड़ों, जूतों और अन्य जरूरत के सामान की दुकानों पर सुबह से देर शाम तक ग्राहकों की भीड़ बनी हुई है। युवाओं में भी त्योहार को लेकर खास उत्साह दिखाई दे रहा है। हेयर सैलून की दुकानों पर नई हेयर स्टाइल और बाल कटवाने के लिए लंबी कतारें देखी जा रही हैं।
दूध के बढ़ते दामों ने बढाई परेशानी :
हालांकि त्योहार की खुशियों के बीच दूध के बढ़ते दामों ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी है। आम दिनों में 80 रुपये प्रति किलो बिकने वाला दूध अब 90 रुपये प्रति किलो तक बेचा जा रहा है। लोगों का आरोप है कि कुछ दूध विक्रेता त्योहार का फायदा उठाकर कालाबाजारी कर रहे हैं। कस्बे के ढाना रोड और खानपुर घाटी के आसपास कंटेनरों में दूध की थैलियां भरकर ऊंचे दामों पर बिक्री किए जाने की शिकायतें सामने आई हैं।