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किराये के लाइसेंस पर चल रही दवा की दुकानें की सील
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किराये के लाइसेंस पर चल रही 5 दवा की दुकानें सील
-फार्मासिस्ट की अनुपस्थिति में दुकान संचालक ही दवाई बेच कर काट रहे थे बिल
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। फार्मेसी का लाइसेंस किराये पर लेकर दवा की दुकानें चलाने वालों का बुधवार को जिला औषधि नियंत्रण विभाग ने खुलासा किया है। विभाग ने मानेसर क्षेत्र में ऐसी ही पांच दुकानों पर कार्रवाई कर उन्हें सील कर दिया। इन दुकानों में जिन फार्मासिस्ट के नाम पर लाइसेंस जारी है वह खुद मौजूद नहीं थे। उनकी अनुपस्थिति में ही दुकान संचालक लोगों को दवाइयां बेच कर उनके बिल भी काट रहे थे, जबकि नियमानुसार केवल पंजीकृत फार्मासिस्ट ही दवाइयों की बिक्री कर सकता है और बिल पर अपने हस्ताक्षर कर सकता है। आगामी कार्रवाई के लिए 5 फार्मेसी लाइसेंस रद्द करने के लिए भी मुख्यालय को पत्र भेज दिया गया है।
जिला औषधि नियंत्रक अमनदीप चौहान ने बताया कि काफी समय से फार्मेसी लाइसेंस किराये पर लेकर दवा की दुकानें खोलने की शिकायतें मिल रही थी। इन्हीं के आधार पर यह छापेमारी अभियान चलाया गया। मानेसर में बुधवार को इस अभियान के तहत नितेश मेडिकल स्टोर, श्री राम मेडिकल स्टोर, हर्ष मेडिकल स्टोर, और न्यू श्री ओम मेडिकल स्टोर सहित खरखरी के अशोक मेडिकल स्टोर पर छापेमारी की गई। जांच में यह सामने आया कि इन दवा की दुकानों का संचालन दूसरे फार्मासिस्ट से किराये पर लाइसेंस लेकर किया जा रहा था। हरियाणा स्टेट फार्मेसी काउंसिल से जिन फार्मासिस्ट के नाम यह लाइसेंस जारी थे, वह खुद दूसरी कंपनियों में काम कर रहे हैं।
बिल पर पंजीकृत फार्मासिस्ट के हस्ताक्षर ही मान्य
वहीं जांच में यह भी खुलासा हुआ कि इन दुकानों पर पंजीकृत फार्मासिस्ट की अनुपस्थिति में ही दुकान संचालक शेड्यूल एच, एच-1 और एनआरएक्स एलोपैथिक आदि दवाओं की बिक्री भी कर रहे थे। जबकि केवल पंजीकृत फार्मासिस्ट ही खुद इन्हें बेच सकता है। दुकानदारों द्वारा लोगों को खुद ही बिल भी काट कर कैश मेमो जारी किया जा रहा था। बिल पर भी केवल पंजीकृत फार्मासिस्ट के हस्ताक्षर ही मान्य है।
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कोट-
किराये पर लाइसेंस लेकर चल रही 5 दवा की दुकानों को सील कर दिया है। जिनके नाम पर फार्मेसी लाइसेंस जारी थे उनका लाइसेंस रद्द करने के लिए भी मुख्यालय को लिख दिया है। इस तरह चल रही अन्य दुकानों की भी जानकारी जुटाई जा रही है। जल्द ही उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
-अमनदीप चौहान, जिला औषधि नियंत्रक
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-फार्मासिस्ट की अनुपस्थिति में दुकान संचालक ही दवाई बेच कर काट रहे थे बिल
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। फार्मेसी का लाइसेंस किराये पर लेकर दवा की दुकानें चलाने वालों का बुधवार को जिला औषधि नियंत्रण विभाग ने खुलासा किया है। विभाग ने मानेसर क्षेत्र में ऐसी ही पांच दुकानों पर कार्रवाई कर उन्हें सील कर दिया। इन दुकानों में जिन फार्मासिस्ट के नाम पर लाइसेंस जारी है वह खुद मौजूद नहीं थे। उनकी अनुपस्थिति में ही दुकान संचालक लोगों को दवाइयां बेच कर उनके बिल भी काट रहे थे, जबकि नियमानुसार केवल पंजीकृत फार्मासिस्ट ही दवाइयों की बिक्री कर सकता है और बिल पर अपने हस्ताक्षर कर सकता है। आगामी कार्रवाई के लिए 5 फार्मेसी लाइसेंस रद्द करने के लिए भी मुख्यालय को पत्र भेज दिया गया है।
जिला औषधि नियंत्रक अमनदीप चौहान ने बताया कि काफी समय से फार्मेसी लाइसेंस किराये पर लेकर दवा की दुकानें खोलने की शिकायतें मिल रही थी। इन्हीं के आधार पर यह छापेमारी अभियान चलाया गया। मानेसर में बुधवार को इस अभियान के तहत नितेश मेडिकल स्टोर, श्री राम मेडिकल स्टोर, हर्ष मेडिकल स्टोर, और न्यू श्री ओम मेडिकल स्टोर सहित खरखरी के अशोक मेडिकल स्टोर पर छापेमारी की गई। जांच में यह सामने आया कि इन दवा की दुकानों का संचालन दूसरे फार्मासिस्ट से किराये पर लाइसेंस लेकर किया जा रहा था। हरियाणा स्टेट फार्मेसी काउंसिल से जिन फार्मासिस्ट के नाम यह लाइसेंस जारी थे, वह खुद दूसरी कंपनियों में काम कर रहे हैं।
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बिल पर पंजीकृत फार्मासिस्ट के हस्ताक्षर ही मान्य
वहीं जांच में यह भी खुलासा हुआ कि इन दुकानों पर पंजीकृत फार्मासिस्ट की अनुपस्थिति में ही दुकान संचालक शेड्यूल एच, एच-1 और एनआरएक्स एलोपैथिक आदि दवाओं की बिक्री भी कर रहे थे। जबकि केवल पंजीकृत फार्मासिस्ट ही खुद इन्हें बेच सकता है। दुकानदारों द्वारा लोगों को खुद ही बिल भी काट कर कैश मेमो जारी किया जा रहा था। बिल पर भी केवल पंजीकृत फार्मासिस्ट के हस्ताक्षर ही मान्य है।
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कोट-
किराये पर लाइसेंस लेकर चल रही 5 दवा की दुकानों को सील कर दिया है। जिनके नाम पर फार्मेसी लाइसेंस जारी थे उनका लाइसेंस रद्द करने के लिए भी मुख्यालय को लिख दिया है। इस तरह चल रही अन्य दुकानों की भी जानकारी जुटाई जा रही है। जल्द ही उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
-अमनदीप चौहान, जिला औषधि नियंत्रक