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आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा केएमपी एक्सप्रेसवे, हर दो किलोमीटर पर लगेंगे स्पीड चेकिंग कैमरे
Updated Wed, 14 Nov 2018 11:59 PM IST
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केएमपी
- फोटो : अमर उजाला
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कुंडली-मानेसर-पलवल (केएमपी) एक्सप्रेसवे का उद्घाटन 19 नवंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किए जाने के बाद इसे आधुनिक सुविधाओं से लैस किया जाएगा। 135 किलोमीटर लंबे एक्सप्रेसवे पर सुविधाओं के लिए विशेष तैयारी की जा रही है। इसके लिए हरियाणा राज्य औद्योगिक अवसरंचना विकास निगम ने खाका तैयार किया है। निजी कंपनी के सहयोग से इस पर अमलीजामा पहनाया जाएगा।
केएमपी पर वाहनों की स्पीड पर लगाम लगाने के लिए हर दो किलोमीटर पर स्पीड चेकिंग कैमरे लगाए जाएंगे। हाई डेफिनेशन कैमरे के जरिये छोटे-बड़े सभी वाहनों पर लगाम लगाई जाएगी। एचएसआईआईडीसी ने केएमपी पर चलने वाले वाहनों की गति सीमा राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के नए दिशा निर्देश के तहत तय कर दी है। इस एक्सप्रेसवे पर कार 120 किलोमीटर, बसें 100 और ट्रक 80 किलोमीटर प्रति घंटे की अधिकतम रफ्तार से दौड़ सकेंगी।
ऐसे में दुर्घटना होने की अधिकतम संभावना है। इसे देखते हुए जगह-जगह गति नियंत्रण करने के साथ लेन ड्राइविंग को लेकर जागरूकता बोर्ड भी लगाने का निर्णय लिया है। केएमपी पर अगर गति सीमा के बाहर वाहन चलाने पर स्पीड कैमरे के जरिये चालान किया जाएगा। चालान की राशि टोल प्लाजा पर ही वसूल कर ली जाएगी। टोल पर वसूले जाने वाली राशि पर चालान की राशि जुड़ कर आएगी।
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टोल बूथ पर ओवरलोड वाहन खाली कराने की व्यवस्था होगी
केएमपी पर गुजरने वाले ट्रक और ट्रॉली पर भी ओवर लोडिंग पर विशेष नजर रखी जाएगी। पहले तो ओवर लोड वाहनों को केएमपी पर प्रवेश पर ही किसी तरह चढ़ने पर रोकने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए केएमपी के प्रवेश द्वार पर इलेक्ट्रॉनिक सेंसर लगाए जाएंगे। अगर कोई भारी वाहन टोल के करीब आएगा तो खुद इसकी जानकारी टोल बूथ पर बैठे शख्स और टोल के बाद बने थाने को मिल जाएगी। टोल बूथ पर उसके चालान और उसे खाली कराने की व्यवस्था होगी। इसके लिए एचएसआईआईडीसी ने खाका तैयार किया है।
हर बीस किलोमीटर पर होगी एंबुलेंस
केएमपी के संभावित दुर्घटना क्षेत्र के सर्वे के बाद हर बीस किलोमीटर पर एक एंबुलेंस तैनात करने का निर्णय लिया गया है। इसका संचालन एचएसआईआईडीसी द्वारा किया जाएगा। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि केएमपी पर सड़क दुर्घटना पर तत्काल एंबुलेंस मिले, इसके लिए एचएसआईआईडीसी ने एनएचएआई की फ्री एंबुलेंस सेवा 1033 से भी जुड़ने का निर्णय लिया है।
...इसलिए लाइटें लगने में हो रही है देरी
केएमपी को पहले सामान्य बिजली से जगमग करने की योजना थी, लेकिन अंतिम समय में इसे सौर ऊर्जा से रोशन करने का निर्णय लिया गया है। इस वजह से लाइटें लगने में देरी हो रही है। केएमपी का काम करने वाली कंपनी का कहना है कि अंतिम समय में बदलाव की वजह से देरी हुई है, लेकिन कई जगहों पर काम शुरू कर दिया गया है।
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केएमपी पर वाहनों की स्पीड पर लगाम लगाने के लिए हर दो किलोमीटर पर स्पीड चेकिंग कैमरे लगाए जाएंगे। हाई डेफिनेशन कैमरे के जरिये छोटे-बड़े सभी वाहनों पर लगाम लगाई जाएगी। एचएसआईआईडीसी ने केएमपी पर चलने वाले वाहनों की गति सीमा राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के नए दिशा निर्देश के तहत तय कर दी है। इस एक्सप्रेसवे पर कार 120 किलोमीटर, बसें 100 और ट्रक 80 किलोमीटर प्रति घंटे की अधिकतम रफ्तार से दौड़ सकेंगी।
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ऐसे में दुर्घटना होने की अधिकतम संभावना है। इसे देखते हुए जगह-जगह गति नियंत्रण करने के साथ लेन ड्राइविंग को लेकर जागरूकता बोर्ड भी लगाने का निर्णय लिया है। केएमपी पर अगर गति सीमा के बाहर वाहन चलाने पर स्पीड कैमरे के जरिये चालान किया जाएगा। चालान की राशि टोल प्लाजा पर ही वसूल कर ली जाएगी। टोल पर वसूले जाने वाली राशि पर चालान की राशि जुड़ कर आएगी।
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टोल बूथ पर ओवरलोड वाहन खाली कराने की व्यवस्था होगी
केएमपी पर गुजरने वाले ट्रक और ट्रॉली पर भी ओवर लोडिंग पर विशेष नजर रखी जाएगी। पहले तो ओवर लोड वाहनों को केएमपी पर प्रवेश पर ही किसी तरह चढ़ने पर रोकने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए केएमपी के प्रवेश द्वार पर इलेक्ट्रॉनिक सेंसर लगाए जाएंगे। अगर कोई भारी वाहन टोल के करीब आएगा तो खुद इसकी जानकारी टोल बूथ पर बैठे शख्स और टोल के बाद बने थाने को मिल जाएगी। टोल बूथ पर उसके चालान और उसे खाली कराने की व्यवस्था होगी। इसके लिए एचएसआईआईडीसी ने खाका तैयार किया है।
हर बीस किलोमीटर पर होगी एंबुलेंस
केएमपी के संभावित दुर्घटना क्षेत्र के सर्वे के बाद हर बीस किलोमीटर पर एक एंबुलेंस तैनात करने का निर्णय लिया गया है। इसका संचालन एचएसआईआईडीसी द्वारा किया जाएगा। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि केएमपी पर सड़क दुर्घटना पर तत्काल एंबुलेंस मिले, इसके लिए एचएसआईआईडीसी ने एनएचएआई की फ्री एंबुलेंस सेवा 1033 से भी जुड़ने का निर्णय लिया है।
...इसलिए लाइटें लगने में हो रही है देरी
केएमपी को पहले सामान्य बिजली से जगमग करने की योजना थी, लेकिन अंतिम समय में इसे सौर ऊर्जा से रोशन करने का निर्णय लिया गया है। इस वजह से लाइटें लगने में देरी हो रही है। केएमपी का काम करने वाली कंपनी का कहना है कि अंतिम समय में बदलाव की वजह से देरी हुई है, लेकिन कई जगहों पर काम शुरू कर दिया गया है।