{"_id":"6148cb7f8ebc3ea80a3d40e5","slug":"40-percent-children-reached-school-on-the-first-day-gurgaon-news-noi6057870162","type":"story","status":"publish","title_hn":"पहले दिन 40 फीसदी बच्चे पहुंचे स्कूल","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
पहले दिन 40 फीसदी बच्चे पहुंचे स्कूल
विज्ञापन
गुरुग्राम। पहली से तीसरी कक्षा के छात्र सोमवार को स्कूलों में पढ़ाई करने पहुंचे। सरकारी स्कूलों में इन तीनों कक्षाओं के बच्चों की लगभग 40 फीसदी उपस्थिति रही, जबकि अधिकतर निजी स्कूलों में ऑनलाइन माध्यम से ही पढ़ाई कराई जा रही है। छोटे बच्चों को उनके अभिभावक ही स्कूलों में लेकर पहुंचे। जिस पर शिक्षकों ने अभिभावकों से अनुमति पत्र पर हस्ताक्षर करवाए, कि वे अपनी सहमति से बच्चों को स्कूलों में पढ़ाई कराने भेज रहे हैं।
सभी स्कूलों में कोविड-19 के नियमों का पालन किया जा रहा है। जिसमें स्कूल आने वाले बच्चे के तापमान जांचना, हाथों को सैनिटाइज करवाना, बच्चों को मास्क पहनना जरूरी, कक्षा में दो बच्चों के बीच कम से कम 6 फुट की दूरी, एक डेस्क पर केवल एक ही बच्चा बैठने की व्यवस्था और बच्चों को 50 फीसदी रोस्टर अनुसार बुलाया जा रहा है।
विभागीय आदेशानुसार सोमवार को पहली से तीसरी कक्षा के बच्चों को सुबह 9 से दोपहर 12 बजे तक स्कूलों में पढ़ाई के लिए बुलाया गया। सरकारी स्कूलों की चौथी से 12वीं कक्षा के छात्रों की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है, जिससे कक्षाओं में पढ़ाई सुचारू हो चुकी हैं। शिक्षकों द्वारा ऑनलाइन माध्यम से भी पढ़ाई कराई जा रही है। हरियाणा में शिक्षा निदेशालय के आदेशानुसार 9वीं से 12वीं कक्षा के स्कूलों को 17 जुलाई, छठी से आठवीं कक्षा तक के स्कूलों को 23 जुलाई और चौथी से पांचवीं कक्षा के स्कूलों को गत 1 सितंबर से खोला जा चुका है। सरकारी स्कूलों की कक्षाओं में जो बच्चे आ रहे हैं, उनकी पढ़ाई सुचारू तौर पर शुरू हो चुकी है। वहीं जो बच्चे स्कूल नहीं आ रहे, उनको ऑनलाइन कक्षाओं के माध्यम से ही पढ़ाया जा रहा है।
विज्ञापन
वर्जन
सोमवार से पहली से तीसरी कक्षा के बच्चों को स्कूलों में पढ़ाई कराने के लिए बुलाया गया है। स्कूलों में शिक्षकों द्वारा छोटे बच्चों का पूरा ध्यान रखने के निर्देश दिए गए हैं। अभिभावकों के बिना सहमति पत्र के छात्रों को स्कूल में पढ़ने के लिए नहीं बुलाया जाएगा। बच्चों का तापमान जांचना, मास्क लगाना, हाथों को सैनिटाइज कराना आदि अनिवार्य किया गया है। सोमवार को लगभग 40 फीसदी बच्चे पहुंचे। आगामी दिनों में बच्चों की संख्या बढ़ने की संभावना है। - शशिबाला अहलावत, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, गुरुग्राम
फोटो-13- राजकीय कन्या विद्यालय जैकबपुरा में पढ़ाई करती पहली कक्षा की छात्राएं।
विज्ञापन
सभी स्कूलों में कोविड-19 के नियमों का पालन किया जा रहा है। जिसमें स्कूल आने वाले बच्चे के तापमान जांचना, हाथों को सैनिटाइज करवाना, बच्चों को मास्क पहनना जरूरी, कक्षा में दो बच्चों के बीच कम से कम 6 फुट की दूरी, एक डेस्क पर केवल एक ही बच्चा बैठने की व्यवस्था और बच्चों को 50 फीसदी रोस्टर अनुसार बुलाया जा रहा है।
विज्ञापन
विभागीय आदेशानुसार सोमवार को पहली से तीसरी कक्षा के बच्चों को सुबह 9 से दोपहर 12 बजे तक स्कूलों में पढ़ाई के लिए बुलाया गया। सरकारी स्कूलों की चौथी से 12वीं कक्षा के छात्रों की संख्या में बढ़ोतरी हो रही है, जिससे कक्षाओं में पढ़ाई सुचारू हो चुकी हैं। शिक्षकों द्वारा ऑनलाइन माध्यम से भी पढ़ाई कराई जा रही है। हरियाणा में शिक्षा निदेशालय के आदेशानुसार 9वीं से 12वीं कक्षा के स्कूलों को 17 जुलाई, छठी से आठवीं कक्षा तक के स्कूलों को 23 जुलाई और चौथी से पांचवीं कक्षा के स्कूलों को गत 1 सितंबर से खोला जा चुका है। सरकारी स्कूलों की कक्षाओं में जो बच्चे आ रहे हैं, उनकी पढ़ाई सुचारू तौर पर शुरू हो चुकी है। वहीं जो बच्चे स्कूल नहीं आ रहे, उनको ऑनलाइन कक्षाओं के माध्यम से ही पढ़ाया जा रहा है।
विज्ञापन
वर्जन
सोमवार से पहली से तीसरी कक्षा के बच्चों को स्कूलों में पढ़ाई कराने के लिए बुलाया गया है। स्कूलों में शिक्षकों द्वारा छोटे बच्चों का पूरा ध्यान रखने के निर्देश दिए गए हैं। अभिभावकों के बिना सहमति पत्र के छात्रों को स्कूल में पढ़ने के लिए नहीं बुलाया जाएगा। बच्चों का तापमान जांचना, मास्क लगाना, हाथों को सैनिटाइज कराना आदि अनिवार्य किया गया है। सोमवार को लगभग 40 फीसदी बच्चे पहुंचे। आगामी दिनों में बच्चों की संख्या बढ़ने की संभावना है। - शशिबाला अहलावत, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, गुरुग्राम
फोटो-13- राजकीय कन्या विद्यालय जैकबपुरा में पढ़ाई करती पहली कक्षा की छात्राएं।