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फ्लैट बुक कराने के नाम पर महिला से 38 लाख की धोखाधड़ी
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फ्लैट बुक कराने के नाम पर महिला से 38 लाख ठगे
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। सेक्टर-37 स्थित एक प्रोजेक्ट में फ्लैट बुक कराने के नाम पर महिला से बिल्डर कंपनी ने 38 लाख की ठगी कर ली। कंपनी अधिकारियों ने रिफंड के नाम पर महिला को चेक दिए वो भी बाउंस हो गए। अदालत के आदेश पर सेक्टर-10 थाना पुलिस ने बिल्डर के खिलाफ धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
गोल्फ कोर्स रोड स्थित डीएलएफ समीट सोसायटी निवासी महिला प्रमिला गुप्ता ने पुलिस को दी शिकायत के मुताबिक मैसर्स एएलएम इंफोटेक सिटी प्राइवेट लिमिटेड कंपनी ने 2015 में सेक्टर-37सी में आईएलडी ग्रांड नाम से प्रोजेक्ट शुरू किया था। विज्ञापन के आधार पर महिला ने कंपनी प्रबंधन से संपर्क साधा और फ्लैट बुक करा दिया। बिल्डर कंपनी की ओर से 22वीं मंजिल पर 38 लाख में फ्लैट बुक कर दिया। 19 जनवरी 2015 को करीब सवा 4 लाख रुपये चेक से जबकि बाकी रकम नकदी दे दी। तय समय सीमा के बाद भी बिल्डर कंपनी ने फ्लैट नहीं दिया। 15 मार्च 2018 को बिल्डर कंपनी ने महिला से बायबैक एग्रीमेंट करते हुए 45 लाख 41500 रुपये देना स्वीकार कर लिया। जून 2019 में कंपनी ने पूरी राशि का चेक महिला को दिया जो बैंक में बाउंस हो गया।
महिला की ओर से जब कंपनी अधिकारियों से शिकायत की तो उन्होंने कोई सुनवाई नहीं की, इस पर महिला ने कोर्ट में कंपनी के खिलाफ याचिका दायर कर दी। जिला अदालत ने याचिका का संज्ञान लेते हुए पुलिस को बिल्डर के खिलाफ मामला दर्ज करने का आदेश दिया। पुलिस आगे की कार्रवाई कर रही है।
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अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। सेक्टर-37 स्थित एक प्रोजेक्ट में फ्लैट बुक कराने के नाम पर महिला से बिल्डर कंपनी ने 38 लाख की ठगी कर ली। कंपनी अधिकारियों ने रिफंड के नाम पर महिला को चेक दिए वो भी बाउंस हो गए। अदालत के आदेश पर सेक्टर-10 थाना पुलिस ने बिल्डर के खिलाफ धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
गोल्फ कोर्स रोड स्थित डीएलएफ समीट सोसायटी निवासी महिला प्रमिला गुप्ता ने पुलिस को दी शिकायत के मुताबिक मैसर्स एएलएम इंफोटेक सिटी प्राइवेट लिमिटेड कंपनी ने 2015 में सेक्टर-37सी में आईएलडी ग्रांड नाम से प्रोजेक्ट शुरू किया था। विज्ञापन के आधार पर महिला ने कंपनी प्रबंधन से संपर्क साधा और फ्लैट बुक करा दिया। बिल्डर कंपनी की ओर से 22वीं मंजिल पर 38 लाख में फ्लैट बुक कर दिया। 19 जनवरी 2015 को करीब सवा 4 लाख रुपये चेक से जबकि बाकी रकम नकदी दे दी। तय समय सीमा के बाद भी बिल्डर कंपनी ने फ्लैट नहीं दिया। 15 मार्च 2018 को बिल्डर कंपनी ने महिला से बायबैक एग्रीमेंट करते हुए 45 लाख 41500 रुपये देना स्वीकार कर लिया। जून 2019 में कंपनी ने पूरी राशि का चेक महिला को दिया जो बैंक में बाउंस हो गया।
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महिला की ओर से जब कंपनी अधिकारियों से शिकायत की तो उन्होंने कोई सुनवाई नहीं की, इस पर महिला ने कोर्ट में कंपनी के खिलाफ याचिका दायर कर दी। जिला अदालत ने याचिका का संज्ञान लेते हुए पुलिस को बिल्डर के खिलाफ मामला दर्ज करने का आदेश दिया। पुलिस आगे की कार्रवाई कर रही है।
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