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एनएसजी का ग्रुप कमांडर बनकर 36 करोड़ ठगे

Mon, 10 Jan 2022 11:09 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Mon, 10 Jan 2022 11:09 PM IST
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36 crores cheated by becoming group commander of NSG
गुरुग्राम। खुद को एनएसजी मानेसर का ग्रुप कमांडर बताकर एक कंस्ट्रक्शन कंपनी के मालिक से 36 करोड़ रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। कंस्ट्रक्शन कंपनी के मालिक से संपर्क करने के बाद आरोपी ने हैदराबाद में नई एनएसजी बिल्डिंग, एनएसजी के मानेसर कैंपस में सड़क समेत अन्य निर्माण के नाम पर अपने खाते में पैसे जमा करा लिए। किसी को शक न हो इसलिए आरोपी ने एनएसजी के मानेसर कैंपस की ब्रांच में ही अपनी बहन की ब्रांच में ही अपना खाता भी खुलवा लिया। आरोपी का जीजा एनएसजी में जवान है।
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सेक्टर-34 स्थित कंस्ट्रक्शन कंपनी वाईएफसी प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के मालिक देवेंद्र यादव ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उनकी एक कंपनी डीकेवाई प्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड भी है। ठगी का आरोप सेक्टर-82 में रहने वाले प्रवीन यादव, उसकी पत्नी ममता यादव, आरोपी की बहन रितुराज यादव और जीजा नवीन खतोदिया पर लगाया गया है। आरोपी की एक कंपनी सेक्टर-74 कॉरपोरेट ग्रींस में कोशिया एंटरप्राइजेज प्राइवेट लिमिटेड है। आरोपी की बहन रितुराज यादव मानेसर एनएसजी कैंपस स्थित एक्सिस बैंक में मैनेजर है। इसका जीजा नवीन भी मानेसर एनएसजी में कार्यरत है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि आरोपी प्रवीन यादव से उसकी मुलाकात जून 2021 में पहली बार एनएसजी मानेसर कैंपस में हुई थी। उसने खुद को आईपीएस सोबीर जाखड़ बताया और कहा कि वह एनएसजी के मानेसर कैंपस में बतौर ग्रुप कमांडर तैनात है। आरोपी ने अपना आईकार्ड भी दिखाया जिस पर ग्रुप कमांडर वर्क्स लिखा हुआ था। शिकायतकर्ता को उस पर भरोसा हो गया। फिर आरोपी ने कहा कि यहां पर कई सारे काम होने वाले हैं, वो कांट्रेक्ट आपको दिला दूंगा। एनएसजी कैंप में साढ़े 16 किलोमीटर पेरिफेरल रोड बनाने, एसटीपी बनाने, सेंट्रल वेयरहाउस बनाने के नाम पर उसने अरनेस्ट राशि के तौर पर 36 करोड़ 84 लाख रुपये खाते में जमा करा लिए। ये खाता ऑफिस ऑफ जी सी (गैरिसन), एनएसजी हेडक्वार्टर मानेसर के नाम से था।
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इतने पैसे लेने के बाद भी आरोपी ने निर्माण कार्य शुरू करने की अनुमति नहीं दी और जब इस बारे में पीड़ित ने सवाल किया हीलाहवाली करने लगा। इस पर पीड़ित ने अपने स्तर पर एनएसजी परिसर में जाकर पता किया तो सामने आया कि आरोपी तो फर्जी है। वह न तो आईपीएस अधिकारी है और न ही एनएसजी का ग्रुप कमांडर। पुलिस की प्राथमिक जांच में यह बात सामने आई है कि आरोपी ने अपनी बहन व जीजा के साथ मिलकर ठगी की इस वारदात को अंजाम दिया। रविवार को एनएसजी के मानेसर कैंपस की तरफ से दी गई शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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