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विद्यार्थियों को जापानी कहानी सुनाने पहुंची जापान
Updated Wed, 01 Aug 2018 10:20 PM IST
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जापानी एजेंसी ने विद्यार्थियों को किया जागरूक
अमर उजाला ब्यूरो
मानेसर/गुरुग्राम। जापानी इंटरनेशनल को-ऑपरेशन एजेंसी ने बुधवार को आईएमटी मानेसर स्थित मारुति सुजुकी का दौरा किया। इसके बाद राजकीय कन्या प्राथमिक विद्यालय कासन गए। यहां छात्रों से मुखातिब होते हुए उन्होंने विद्यार्थियों को प्राकृतिक चीजों को नष्ट नहीं करने की अपील की।
मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड जापानी एजेंसी के सहयोग से जापान की पिक्चर बुक मोट्टईनाई ग्रैंडमा पर आधारित स्टोरी टेलिंग सत्र को समर्थन प्रदान कर रही है। वहीं छात्रों को पर्यावरण के बारे जागरूक कर स्वच्छ भारत मिशन को प्रोत्साहित कर रही है। बुधवार को मारुति सुजुकी समर्थित आईएमटी मानेसर के गांव कासन स्थित राजकीय कन्या प्राइमरी स्कूल में कार्यक्रम की शुरूआत की। मूलरूप में मोट्टईनाई ग्रैंडमा एक प्रमुख जापानी प्रकाशन कोडांशा द्वारा प्रकाशित पुस्तक का सफल पात्र है। भारतीय आवश्यकताओं के मद्देनजर पुस्तक को नेशनल बुक ट्रस्ट (एनबीटी) के सहयोग से अंग्रेजी एवं हिंदी में प्रकाशित किया है।
मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड के कॉरपोरेट प्लानिंग व कार्यकारी निदेशक अजय तोमर ने कहा कि मोट्टईनाई ग्रैंडमा एक जापानी शब्द है। इसका अर्थ है बर्बाद मत करो। यह प्रकृति के प्रति सहानुभूति एवं प्यार का प्रतीक है। बढ़ते शहरीकरण के कारण कई तरह की समस्याएं बढ़ी हैं। जैसे कूड़े को गलत तरीके से कहीं पर भी डालना, सीवेज सिस्टम खराब, प्रदूषण बढ़ना, खुले में शौच, हानिकारक सामग्री व वनस्पति को जलाना। इनका गंभीर असर शहर की संरचना व समाज के स्वास्थ्य पर पड़ता है। लोगों व बच्चों के व्यवहार में बदलाव लाना इस स्थिति से निपटने का सबसे अच्छा तरीका है।
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अमर उजाला ब्यूरो
मानेसर/गुरुग्राम। जापानी इंटरनेशनल को-ऑपरेशन एजेंसी ने बुधवार को आईएमटी मानेसर स्थित मारुति सुजुकी का दौरा किया। इसके बाद राजकीय कन्या प्राथमिक विद्यालय कासन गए। यहां छात्रों से मुखातिब होते हुए उन्होंने विद्यार्थियों को प्राकृतिक चीजों को नष्ट नहीं करने की अपील की।
मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड जापानी एजेंसी के सहयोग से जापान की पिक्चर बुक मोट्टईनाई ग्रैंडमा पर आधारित स्टोरी टेलिंग सत्र को समर्थन प्रदान कर रही है। वहीं छात्रों को पर्यावरण के बारे जागरूक कर स्वच्छ भारत मिशन को प्रोत्साहित कर रही है। बुधवार को मारुति सुजुकी समर्थित आईएमटी मानेसर के गांव कासन स्थित राजकीय कन्या प्राइमरी स्कूल में कार्यक्रम की शुरूआत की। मूलरूप में मोट्टईनाई ग्रैंडमा एक प्रमुख जापानी प्रकाशन कोडांशा द्वारा प्रकाशित पुस्तक का सफल पात्र है। भारतीय आवश्यकताओं के मद्देनजर पुस्तक को नेशनल बुक ट्रस्ट (एनबीटी) के सहयोग से अंग्रेजी एवं हिंदी में प्रकाशित किया है।
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मारुति सुजुकी इंडिया लिमिटेड के कॉरपोरेट प्लानिंग व कार्यकारी निदेशक अजय तोमर ने कहा कि मोट्टईनाई ग्रैंडमा एक जापानी शब्द है। इसका अर्थ है बर्बाद मत करो। यह प्रकृति के प्रति सहानुभूति एवं प्यार का प्रतीक है। बढ़ते शहरीकरण के कारण कई तरह की समस्याएं बढ़ी हैं। जैसे कूड़े को गलत तरीके से कहीं पर भी डालना, सीवेज सिस्टम खराब, प्रदूषण बढ़ना, खुले में शौच, हानिकारक सामग्री व वनस्पति को जलाना। इनका गंभीर असर शहर की संरचना व समाज के स्वास्थ्य पर पड़ता है। लोगों व बच्चों के व्यवहार में बदलाव लाना इस स्थिति से निपटने का सबसे अच्छा तरीका है।
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