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Gurugram News: वन विभाग की मंजूरी के बिना काटे 31 पेड़
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पर्यावरण प्रेमी ने गुरुग्राम के उपायुक्त को पत्र लिखकर कार्रवाई की मांग की
संवाद न्यूज एजेंसी
बादशाहपुर। सेक्टर-56 में स्थित जलवायु टावर्स सोसाइटी में अवैध रूप से पेड़ काटने और उनकी छंटाई करने का मामला सामने आया है। इस दौरान पर्यावरण प्रेमी ने गुरुग्राम के उपायुक्त को एक पत्र लिखकर मामले में कार्रवाई करने की मांग की है। निवासियों का कहना है कि पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाले इस काम को तुरंत रोका जाना चाहिए।
सोसाइटी में वन विभाग की मंजूरी के बिना ही 31 पेड़ काट दिए गए। सोसाइटी के नागरिकों का आरोप है कि रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन के प्रबंधन से जुड़े कुछ मुख्य पदाधिकारियों द्वारा पिछले एक साल से लगातार अवैध रूप से पेड़ों की कटाई और छंटाई कराई जा रही है। हैरानी की बात यह है कि इसके लिए वन विभाग से कोई लिखित अनुमति या मंजूरी नहीं ली गई है। सोसाइटी के ही एक अंदरूनी सर्वे में यह बात सामने आई है कि बड़े पैमाने पर हुई इस अवैध कटाई की वजह से हरियाली को भारी नुकसान पहुंचा है।
शिकायतकर्ताओं ने वन विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि वन विभाग की लापरवाही के कारण पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाले लोग खुलेआम घूम रहे हैं। हालांकि, इस मामले में वन विभाग ने पहले दो वन अपराध रिपोर्ट दर्ज की थीं लेकिन विभाग ने अब तक आरोपियों के खिलाफ कोई सख्त चालान या जुर्माना जारी नहीं किया है। वहीं, वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि शिकायत मिलते ही तुरंत एफओआर काट दी गई है जिसे जल्द ही अदालत में पेश किया जाएगा और दोषियों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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संवाद न्यूज एजेंसी
बादशाहपुर। सेक्टर-56 में स्थित जलवायु टावर्स सोसाइटी में अवैध रूप से पेड़ काटने और उनकी छंटाई करने का मामला सामने आया है। इस दौरान पर्यावरण प्रेमी ने गुरुग्राम के उपायुक्त को एक पत्र लिखकर मामले में कार्रवाई करने की मांग की है। निवासियों का कहना है कि पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाले इस काम को तुरंत रोका जाना चाहिए।
सोसाइटी में वन विभाग की मंजूरी के बिना ही 31 पेड़ काट दिए गए। सोसाइटी के नागरिकों का आरोप है कि रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन के प्रबंधन से जुड़े कुछ मुख्य पदाधिकारियों द्वारा पिछले एक साल से लगातार अवैध रूप से पेड़ों की कटाई और छंटाई कराई जा रही है। हैरानी की बात यह है कि इसके लिए वन विभाग से कोई लिखित अनुमति या मंजूरी नहीं ली गई है। सोसाइटी के ही एक अंदरूनी सर्वे में यह बात सामने आई है कि बड़े पैमाने पर हुई इस अवैध कटाई की वजह से हरियाली को भारी नुकसान पहुंचा है।
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शिकायतकर्ताओं ने वन विभाग की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि वन विभाग की लापरवाही के कारण पर्यावरण को नुकसान पहुंचाने वाले लोग खुलेआम घूम रहे हैं। हालांकि, इस मामले में वन विभाग ने पहले दो वन अपराध रिपोर्ट दर्ज की थीं लेकिन विभाग ने अब तक आरोपियों के खिलाफ कोई सख्त चालान या जुर्माना जारी नहीं किया है। वहीं, वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कि शिकायत मिलते ही तुरंत एफओआर काट दी गई है जिसे जल्द ही अदालत में पेश किया जाएगा और दोषियों पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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