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25 स्कूलों को नहीं मिली मान्यता, खतरे में 5 हजार से ज्यादा छात्रों का भविष्य

Sun, 06 Dec 2020 12:09 AM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Sun, 06 Dec 2020 12:09 AM IST
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25 schools not recognized, future of more than 5 thousand students in danger
गुरुग्राम (अंजू सिंह)। जिले के 25 निजी स्कूलों को मान्यता नहीं मिलने की वजह से 5 हजार छात्रों का भविष्य खतरे में आ गया है। दरअसल इस सत्र में हरियाणा सरकार द्वारा प्रदेश के 3200 स्कूलों को मान्यता संबंधी विस्तार (एक्सटेंशन) पत्र जारी नहीं किया है, जिनमें गुरुग्राम के 25 स्कूल भी शामिल हैं। इन 25 स्कूलों में नौंवी से बारहवीं तक करीब 5 हजार छात्र पढ़ते हैं। मान्यता या एक्सटेंशन लेटर नहीं मिलने की वजह से इन स्कूलों का पोर्टल आईडी बंद है, जिसकी वजह से ये स्कूल छात्रों के परीक्षा फॉर्म नहीं भर पा रहे हैं। 15 दिसंबर परीक्षा फॉर्म भरने की आखिरी तिथि है, जिसकी वजह से इन स्कूलों और छात्रों के सामने बड़ी समस्या खड़ी हो गई है।
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इस सूची में वे स्कूल शामिल हैं जिन्हें 2007 से ही मान्यता नहीं लेने पर हर साल एक वर्ष का एक्सटेंशन मिलता रहा है। वहीं, इस बार विभाग ने सख्ती दिखाते हुए अंतिम मौके पर भी पत्र जारी नहीं किया है। ऐसे में निजी स्कूल संगठन छात्रों के भविष्य का हवाला देते हुए पत्र जारी करने की मांग कर रहे हैं। स्कूल संगठनों का कहना है कि सरकार यदि पत्र जारी नहीं करती है तो वे आंदोलन करेंगे।
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ये है पूरा मामला
हरियाणा शिक्षा विभाग द्वारा 2007 में ऐसे स्कूलों की सूची बनाई गई थी, जो 2003 से पहले से ही बिना मान्यता के चल रहे थे, जिसके बाद धीरे-धीरे बहुत से स्कूलों ने हरियाणा स्कूल शिक्षा नियमावली 2003 के अनुसार नियम और शर्तों को पूरा करते हुए मान्यता ले ली। वहीं अब भी बहुत से स्कूल ऐसे हैं जो इन शर्तों को पूरा करने में सक्षम नहीं हैं, जिसकी वजह से उन्हें 2003 के नियमानुसार मान्यता भी नहीं मिल पा रही है। दरअसल 2003 से पहले तक यदि शिक्षा अधिकारी स्कूल की व्यवस्थाओं से संतुष्ट होता था तो उसे मान्यता दे दी जाती थी। यह मान्यता का आसान विकल्प था। वहीं नई नियमावली के अनुसार स्कूलों को छात्र संख्या के आधार पर इमारत, जगह, जल-बिजली की व्यवस्था, पार्क, लैब आदि की नियम और शर्तों के आधार पर व्यवस्था दिखानी होती है, ऐसे में इन शर्तों को पूरा न कर पाने की वजह से ये स्कूल अब तक मान्यता नहीं ले पाए हैं।
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हरियाणा सरकार द्वारा वर्षों से इन स्कूलों को एक्सटेंशन पत्र जारी किया जा रहा था। वहीं 2020 में पत्र जारी न करने से स्कूल संचालकों और छात्रों का भविष्य संकट में है। इसकी वजह से छात्रों का बोर्ड परीक्षा और पंजीकरण फॉर्म भी नहीं भरे जा सके हैं। सरकार को हर साल की तरह इन स्कूलों का एक्सटेंशन लेटर जारी करना चाहिए। साथ ही जो स्कूल 2003 से पहले के हैं उन्हें पहले की नियमावली अनुसार ही मान्यता देनी चाहिए।

-यशपाल यादव, प्रदेश अध्यक्ष, हरियाणा शिक्षण संस्थान संगठन
निदेशालय द्वारा स्कूलों को मान्यता देने के संबंध में ऑनलाइन प्रोफार्मा जारी किया जाता है, जिसमें नियम व शर्तों के अनुसार स्कूल की व्यवस्थाएं दिखाकर मान्यता दी जाती है। ये वे स्कूल हैं जिन्होंने ऑनलाइन प्रोफार्मा नहीं भरा है।
- इंदु बोकन, जिला शिक्षा अधिकारी, गुरुग्राम
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