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24 मीटर सड़क विवाद का सबसे पहले करेंगे समाधान

Sat, 26 Feb 2022 11:41 PM IST
Noida Bureau नोएडा ब्यूरो
Updated Sat, 26 Feb 2022 11:41 PM IST
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24 meter road dispute will be first resolved
गुरुग्राम। होटल लीला एंबियंस में आयोजित दो दिवसीय अर्बन डेवलेपमेंट कॉन्क्लेव में मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने गुरुग्राम के रियल एस्टेट सेक्टर की समस्याओं का भी गंभीरता से संज्ञान लिया।
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उन्होंने कहा कि गुरुग्राम में सेक्टर-58 से लेकर सेक्टर-67 तक जो 24 मीटर सड़क के संबंध में विवाद सामने आ रहे हैं उनका जल्द ही समाधान होगा। साथ ही जिन सेक्टरों में 24 मीटर की सड़क का विवाद है और जहां पर सबसे कम जमीन इस संबंध में चाहिए, वहां पर सबसे पहले प्राथमिकता के आधार पर जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा। मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि विकसित हो रही कॉलोनियों में मूलभूत सुविधाओं के विकास के लिए प्रदेश सरकार ने 1 हजार करोड़ रुपये के बजट का प्रावधान किया है।
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मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि बिल्डर और रेजीडेंट वेलफेयर एसोसिएशन (आरडब्ल्यूए) के बीच विवादों के समाधान के लिए टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग और रेरा पंचकूला की निगरानी में पॉलिसी बनाई जा रही है। इसमें यह देखा जाएगा कि बिल्डर का ले आउट प्लान क्या था और जमीन पर निर्माण क्या किया गया है। प्रोजेक्ट हैंडओवर के बाद आरडब्ल्यूए को फायर ऑडिट का अधिकार भी मिलेगा। इसके साथ ही विवाद से समाधान नीति का विस्तार करते हुए इसका समय 6 महीने बढ़ा दिया गया है। उन्होंने घोषणा की कि टीडीआर आवेदन की जांच व प्रोसेसिंग के लिए शुरू टीडीआर पोर्टल भी शुरू किया गया है। स्ट्रेस एसेट के समाधान के लिए भी नीति बनाई जाएगी। फायर के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र की अवधि भी बढ़ाई जाएगी। उन्होंने कहा कि आवासीय प्रोजेक्ट को 5 साल और गैर आवासीय प्रोजेक्ट को 3 वर्ष के लिए अनापत्ति प्रमाण पत्र दिया जाएगा। इसके लिए नई प्रक्रिया लागू की जाएगी।
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टाउन एंड कंट्री प्लानिंग के नियमन में भी हो सकते हैं बदलाव
गुरुग्राम। कॉन्क्लेव में संकेत मिले हैं कि टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग के नियमन में बदलाव किए जा सकते हैं। शनिवार को समापन सत्र में विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव देवेंद्र सिंह ने सम्मलेन में हुई चर्चा की रिपोर्ट प्रस्तुत करते हुए कहा कि जो सुझाव और तथ्य सामने आए हैं उनके आधार पर अब इस विभाग के नियमन में बदलाव की आवश्यकता है। कार्यक्रम में देश के 15 राज्यों के भू संपदा नियामक प्राधिकरण के चेयरमैन भी शामिल हुए।
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