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रिजल्ट का न लें टेंशन, दसवीं पास भी बन सकता है सचिन तेंदुलकर
Updated Sun, 06 May 2018 11:28 PM IST
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रिजल्ट की न लें टेंशन, दसवीं पास भी बन सकता है सचिन तेंदुलकर
क्रॉसर...
-सीबीएसई परीक्षा परिणाम के साथ बढ़ रही है अभिभावकों की चिंता
- कर रहे बच्चों की काउंसलिंग, शिक्षक भी जुटे हैं समझाने में
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। साइबर सिटी में सीबीएसई बारहवीं का अर्थशास्त्र का पेपर खराब होने से आहत छात्रा द्वारा आत्महत्या की घटना के बाद परीक्षा परिणामों को लेकर अभिभावकों की चिंता बढ़ गई है। अभिभावक अपने बच्चों पर ध्यान रखने के अलावा उनकी काउंसलिंग भी करवा रहे है। वहीं, स्कूलों के शिक्षक भी समझा रहे हैं कि करियर के लिए अंक ज्यादा मायने नहीं रखते। महज दसवीं पास सचिन क्रिकेट के मास्टर-ब्लास्टर बन सकते हैं तो आप भी कर सकते हैं। सीबीएसई परिणामों को लेकर छात्र प्रतियोगी परीक्षाओं के मद्देनजर काफी दबाव ले लेते हैं। ऐसे में जरुरी हो गया है कि परीक्षा परिणाम से पहले शिक्षक ही नहीं बल्कि अभिभावक अपने बच्चों को मॉटिवेट करे। ताकि, बच्चे परिणाम को लेकर किसी तरह का दबाव अपने दिमाग में न लें। इस संबंध में अभिभावकों का कहना है कि मौजूदा समय में उच्चतर शिक्षा में बढ़ी प्रतिस्पर्धा ने छात्रों पर पढ़ाई का अधिक दबाव बना दिया है। खासतौर पर बारहवीं के परिणाम को लेकर छात्र पहले से ही ज्यादा डरे रहते हैं। इसके लिए सरकार को भी परीक्षा परिणाम को लेकर काम करने की जरूरत है।
वर्जन-
परीक्षा को लेकर अपने बेटे से कई बार बात कर चुका हूं। उसे हमेशा परिणाम को लेकर चिंता न करने की बात कहता हूं। उसके दोस्तों को भी समझाता हूं कि परीक्षा परिणाम को लेकर किसी भी तरह का तनाव न लें। यह आज के समय में बेहद जरूरी हो गया है।
विजय कुमार, अभिभावक
वर्जन-
परीक्षा परिणाम को लेकर छात्र किसी भी तरह का दबाव न लें। किसी भी तरह की शंका हो तो सीबीएसई हेल्पलाइन नंबर के अलावा अपने शिक्षक और अभिभावकों से खुलकर बातचीत करें।
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अदिति मिश्रा, प्रिंसिपल, दिल्ली पब्लिक स्कूल, सेक्टर-45
वर्जन-
ऐसे समय में शिक्षकों के साथ अभिभावकों को बच्चों का पूरा ध्यान रखना चाहिए। उन पर ऐसी कोई बात न थोपें, जिससे बच्चे पर किसी तरह का दबाव हो। इससे बच्चे खुद को अच्छे माहौल में पाते हैं और अपनी समस्या आपको बताते हैं। डॉ ब्रह्मदीप सिंधु, मनोरोग विशेषज्ञ
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क्रॉसर...
-सीबीएसई परीक्षा परिणाम के साथ बढ़ रही है अभिभावकों की चिंता
- कर रहे बच्चों की काउंसलिंग, शिक्षक भी जुटे हैं समझाने में
अमर उजाला ब्यूरो
गुरुग्राम। साइबर सिटी में सीबीएसई बारहवीं का अर्थशास्त्र का पेपर खराब होने से आहत छात्रा द्वारा आत्महत्या की घटना के बाद परीक्षा परिणामों को लेकर अभिभावकों की चिंता बढ़ गई है। अभिभावक अपने बच्चों पर ध्यान रखने के अलावा उनकी काउंसलिंग भी करवा रहे है। वहीं, स्कूलों के शिक्षक भी समझा रहे हैं कि करियर के लिए अंक ज्यादा मायने नहीं रखते। महज दसवीं पास सचिन क्रिकेट के मास्टर-ब्लास्टर बन सकते हैं तो आप भी कर सकते हैं। सीबीएसई परिणामों को लेकर छात्र प्रतियोगी परीक्षाओं के मद्देनजर काफी दबाव ले लेते हैं। ऐसे में जरुरी हो गया है कि परीक्षा परिणाम से पहले शिक्षक ही नहीं बल्कि अभिभावक अपने बच्चों को मॉटिवेट करे। ताकि, बच्चे परिणाम को लेकर किसी तरह का दबाव अपने दिमाग में न लें। इस संबंध में अभिभावकों का कहना है कि मौजूदा समय में उच्चतर शिक्षा में बढ़ी प्रतिस्पर्धा ने छात्रों पर पढ़ाई का अधिक दबाव बना दिया है। खासतौर पर बारहवीं के परिणाम को लेकर छात्र पहले से ही ज्यादा डरे रहते हैं। इसके लिए सरकार को भी परीक्षा परिणाम को लेकर काम करने की जरूरत है।
वर्जन-
परीक्षा को लेकर अपने बेटे से कई बार बात कर चुका हूं। उसे हमेशा परिणाम को लेकर चिंता न करने की बात कहता हूं। उसके दोस्तों को भी समझाता हूं कि परीक्षा परिणाम को लेकर किसी भी तरह का तनाव न लें। यह आज के समय में बेहद जरूरी हो गया है।
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विजय कुमार, अभिभावक
वर्जन-
परीक्षा परिणाम को लेकर छात्र किसी भी तरह का दबाव न लें। किसी भी तरह की शंका हो तो सीबीएसई हेल्पलाइन नंबर के अलावा अपने शिक्षक और अभिभावकों से खुलकर बातचीत करें।
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अदिति मिश्रा, प्रिंसिपल, दिल्ली पब्लिक स्कूल, सेक्टर-45
वर्जन-
ऐसे समय में शिक्षकों के साथ अभिभावकों को बच्चों का पूरा ध्यान रखना चाहिए। उन पर ऐसी कोई बात न थोपें, जिससे बच्चे पर किसी तरह का दबाव हो। इससे बच्चे खुद को अच्छे माहौल में पाते हैं और अपनी समस्या आपको बताते हैं। डॉ ब्रह्मदीप सिंधु, मनोरोग विशेषज्ञ
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